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Meerut News: साध्वी डॉ. श्रुत पूर्णा ने धर्म को जीवन में उतारने का दिया संदेश
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सरधना। नूतन श्री चंद्रप्रभु जैन श्वेताम्बर मंदिर में आयोजित धर्मसभा में श्रद्धालुओं को सम्मानित
संवाद न्यूज एजेंसी
सरधना। आदर्श नगर स्थित नूतन श्री चंद्रप्रभु जैन श्वेतांबर मंदिर के शासन सम्राट भवन में आयोजित धर्मसभा में साध्वी प्रवचन दीपिका डॉ. श्रुत पूर्णा श्रीजी एवं साध्वी इष्ट प्रिया श्रीजी के सानिध्य में प्रवचन का चौथा दिन श्रद्धा और भक्ति के साथ संपन्न हुआ। प्रवचन में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर धर्मोपदेश का लाभ उठाया।
साध्वी डॉ. श्रुत पूर्णा श्रीजी ने श्राद्ध विधि प्रकरण की व्याख्या करते हुए बताया कि शास्त्रों में 14 प्रकार के जिज्ञासु श्रोताओं का उल्लेख मिलता है। उन्होंने कहा कि आदर्श श्रोता वही है, जो छलनी या छाज की तरह सार्थक ज्ञान को ग्रहण कर उसे अपने जीवन में उतारता है तथा धर्म के प्रति समर्पित रहकर उसके सिद्धांतों का पालन करता है। उन्होंने कहा कि एक श्रावक को सदैव यह ध्यान रखना चाहिए कि प्रशंसा उसे अच्छे कार्यों के लिए प्रेरित करे, लेकिन उससे अहंकार उत्पन्न न होने पाए। अभिमान व्यक्ति को धर्म के मार्ग से भटका देता है, जबकि विनम्रता और संयम आध्यात्मिक उन्नति का आधार हैं।
प्रवीण जैन, गुड्डी जैन एवं मोहित जैन परिवार ने साध्वी श्रीजी को धार्मिक सूत्र समर्पित किए। संचालन मंदिर ट्रस्ट अध्यक्ष आलोक जैन ने किया। धर्मसभा में भाजपा के पदाधिकारी एवं नामित सभासद तथा वरिष्ठ समाजसेवी को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में श्रीसंघ के संरक्षक सतेंद्र जैन, मंत्री रमेश चंद जैन, जयप्रकाश जैन, जगदीश प्रसाद जैन, अंबुज जैन, राजीव जैन, कौशल जैन, मोंटू जैन, मोहित जैन, ऋषभ जैन, संजय जैन रहीं।
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सरधना। आदर्श नगर स्थित नूतन श्री चंद्रप्रभु जैन श्वेतांबर मंदिर के शासन सम्राट भवन में आयोजित धर्मसभा में साध्वी प्रवचन दीपिका डॉ. श्रुत पूर्णा श्रीजी एवं साध्वी इष्ट प्रिया श्रीजी के सानिध्य में प्रवचन का चौथा दिन श्रद्धा और भक्ति के साथ संपन्न हुआ। प्रवचन में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर धर्मोपदेश का लाभ उठाया।
साध्वी डॉ. श्रुत पूर्णा श्रीजी ने श्राद्ध विधि प्रकरण की व्याख्या करते हुए बताया कि शास्त्रों में 14 प्रकार के जिज्ञासु श्रोताओं का उल्लेख मिलता है। उन्होंने कहा कि आदर्श श्रोता वही है, जो छलनी या छाज की तरह सार्थक ज्ञान को ग्रहण कर उसे अपने जीवन में उतारता है तथा धर्म के प्रति समर्पित रहकर उसके सिद्धांतों का पालन करता है। उन्होंने कहा कि एक श्रावक को सदैव यह ध्यान रखना चाहिए कि प्रशंसा उसे अच्छे कार्यों के लिए प्रेरित करे, लेकिन उससे अहंकार उत्पन्न न होने पाए। अभिमान व्यक्ति को धर्म के मार्ग से भटका देता है, जबकि विनम्रता और संयम आध्यात्मिक उन्नति का आधार हैं।
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प्रवीण जैन, गुड्डी जैन एवं मोहित जैन परिवार ने साध्वी श्रीजी को धार्मिक सूत्र समर्पित किए। संचालन मंदिर ट्रस्ट अध्यक्ष आलोक जैन ने किया। धर्मसभा में भाजपा के पदाधिकारी एवं नामित सभासद तथा वरिष्ठ समाजसेवी को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में श्रीसंघ के संरक्षक सतेंद्र जैन, मंत्री रमेश चंद जैन, जयप्रकाश जैन, जगदीश प्रसाद जैन, अंबुज जैन, राजीव जैन, कौशल जैन, मोंटू जैन, मोहित जैन, ऋषभ जैन, संजय जैन रहीं।
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