{"_id":"5e124cef8ebc3e87a6341839","slug":"ruling-party-and-capturing-the-power-of-the-overbearing-meerut-news-mrt4623093159","type":"story","status":"publish","title_hn":"सत्ता पक्ष और दबंगों की शह पर कब्जाई जा रही जमीन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सत्ता पक्ष और दबंगों की शह पर कब्जाई जा रही जमीन
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मेरठ। मलियाना में नगर निगम की बेशकीमती जमीन पर लगातार कब्जा हो रहा है। शिकायत के बावजूद प्रशासन आंख बंद किये बैठा है। जमीन पर कब्जे को लेकर जहां शिकायतें हो रही हैं तो एमडीए द्वारा पार्क आदि विकसित करने की योजना के तहत एनजीटी भी यहां की जमीन को लेकर आदेश दे चुका है। लेकिन प्रशासन और नगर निगम कब्जा हटवाना तो दूर, हो रहे कब्जों को भी रोकने में विफल साबित हो रहा है।
ये है पूरा मामला
मलियाना में खसरा नंबर 1453, 1492, 1553, 1501 और 1476/4 की जमीन का अधिकांश भाग बंजर में दर्ज है। इस जमीन पर नगर निगम का प्रबंधन है। राजस्व अभिलेखों के अनुसार निगम के प्रबंधन में यहां 1,87,890 वर्गमीटर जमीन दर्ज है। इसमें करीब छह हजार वर्गमीटर जमीन पर एक बिल्डर ने कब्जा कर कॉलोनी विकसित करनी शुरू कर दी है। अन्य लोगों ने भी जमीन पर कब्जे कर लिए है। पूरी जमीन पर भूमाफियाओं की नजर है। इस जमीन की कीमत 75 करोड़ रुपये से ज्यादा है।
कब्जे में आ रहे नेताओं और दबंगों के नाम सामने
इस जमीन पर कब्जे को लेकर कई दबंग और कुछ सत्ता पक्ष के नेताओं के नाम सामने आ रहे हैं। जिनकी शह पर इस जमीन पर लगातार कब्जा किया जा रहा है। खसरा नंबर 1553 पर जहां चारदीवारी कर भीतर सड़क बनाते हुए कॉलोनी विकसित करने की तैयारी चल रही है, तो 1476/4 की तारबंदी कर दी गई है। जबकि 1492 पर कब्जा कर फिलहाल चारा उगाया जा रहा है।
विज्ञापन
19 दिन में भी जांच अधर में
इस मामले में 13 दिसंबर को जिलाधिकारी अनिल ढींगरा ने एसडीएम सदर और अपर नगर मजिस्ट्रेट ब्रह्मपुरी को जांच कर रिपोर्ट देने के आदेश दिए थे। लेकिन आज तक भी इस मामले की जांच अधर में लटकी हुई है। इसके पीछे सत्ता पक्ष के दबाव की चर्चा भी लोगों के बीच उठ रही है।
विज्ञापन
ये है पूरा मामला
मलियाना में खसरा नंबर 1453, 1492, 1553, 1501 और 1476/4 की जमीन का अधिकांश भाग बंजर में दर्ज है। इस जमीन पर नगर निगम का प्रबंधन है। राजस्व अभिलेखों के अनुसार निगम के प्रबंधन में यहां 1,87,890 वर्गमीटर जमीन दर्ज है। इसमें करीब छह हजार वर्गमीटर जमीन पर एक बिल्डर ने कब्जा कर कॉलोनी विकसित करनी शुरू कर दी है। अन्य लोगों ने भी जमीन पर कब्जे कर लिए है। पूरी जमीन पर भूमाफियाओं की नजर है। इस जमीन की कीमत 75 करोड़ रुपये से ज्यादा है।
विज्ञापन
कब्जे में आ रहे नेताओं और दबंगों के नाम सामने
इस जमीन पर कब्जे को लेकर कई दबंग और कुछ सत्ता पक्ष के नेताओं के नाम सामने आ रहे हैं। जिनकी शह पर इस जमीन पर लगातार कब्जा किया जा रहा है। खसरा नंबर 1553 पर जहां चारदीवारी कर भीतर सड़क बनाते हुए कॉलोनी विकसित करने की तैयारी चल रही है, तो 1476/4 की तारबंदी कर दी गई है। जबकि 1492 पर कब्जा कर फिलहाल चारा उगाया जा रहा है।
विज्ञापन
19 दिन में भी जांच अधर में
इस मामले में 13 दिसंबर को जिलाधिकारी अनिल ढींगरा ने एसडीएम सदर और अपर नगर मजिस्ट्रेट ब्रह्मपुरी को जांच कर रिपोर्ट देने के आदेश दिए थे। लेकिन आज तक भी इस मामले की जांच अधर में लटकी हुई है। इसके पीछे सत्ता पक्ष के दबाव की चर्चा भी लोगों के बीच उठ रही है।