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अनलाॅक-1: रोडवेज को नहीं मिल रहे यात्री, बढ़ रहा घाटा, लंबे रूट पर 35 से 40 फीसदी लोड फैक्टर

Thu, 04 Jun 2020 01:39 AM IST
मेरठ ब्यूरो न्यूज डेस्क,अमर उजाला, मुजफ्फरनगर
न्यूज डेस्क,अमर उजाला, मुजफ्फरनगर Published by: मेरठ ब्यूरो Updated Thu, 04 Jun 2020 01:39 AM IST
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Roadways are not getting passengers, increasing losses
- फोटो : अमर उजाला

लॉकडाउन के चलते 68 दिन बाद 1 जून से शुरू हुई रोडवेज बस सेवा यात्रियों के लिए तरस गई है। मानक संचालन प्रक्रिया के तहत शुरू की गई सेवा को तीन दिन में करीब 2000 यात्री ही मिल सके हैं। जबकि आम दिनों में प्रतिदिन 70 हजार यात्री सफर करते थे। मामले की रिपोर्ट मुख्यालय भेजी गई है।

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लॉकडाउन में रोडवेज का संचालन 68 दिन बंद रहा। इससे विभाग को 61 करोड़ की आय का नुकसान हुआ है। शासन के निर्देशों पर 1 जून से बसों का संचालन शुरू होने के बाद सोमवार को करीब 200 यात्रियों, मंगलवार को 800 और बुधवार को भी करीब 1000 यात्री ही पहुंच सके। तीन दिन में विभाग को केवल 2000 यात्री ही मिल सके।
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रोडवेज एमडी ने गाइडलाइन जारी करते हुए 60 फीसदी लोड फैक्टर वाले रूटों पर ही बस चलाने के निर्देश दिए थे। जिसके बाद मुजफ्फरनगर, बागपत, बिजनौर, आगरा, लखनऊ, शामली, गाजियाबाद, मुरादाबाद आदि रूटों पर बस सेवा शुरू की गई। यह सभी 60 फीसदी से कमाई वाले रूट हैं। लेकिन कोरोना काल में इनका भी हाल खराब है।
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लंबी दूरी वाले रूटों पर 35 से 40 फीसदी लोड फैक्टर आ रहा है। लोकल रूटों पर लोड फैक्टर 15 से 20 फीसदी है। एक बस में 4 से 5 सवारी को भी मंजिल तक पहुंचना पड़ रहा है। इससे संविदा चालक-परिचालक का मानदेय भी नहीं निकल पा रहा है।

रोडवेज मेरठ रीजन के आरएम नीरज सक्सेना का कहना है कि यात्रियों की सुविधा के लिए बसों का संचालन शुरू किया गया है, लेकिन यात्री बेहद कम आ रहे हैं। इससे विभाग को घाटा उठाना पड़ रहा है। अगर हालात ऐेसे बने रहे तो बसों का संचालन मुश्किल हो जाएगा। मामले की रिपोर्ट मुख्यालय भेजी गई है।

अनुबंधित बस ऑपरेटरों की कटौती मुक्त भुगतान करने की मांग
अनुबंधित बस ऑनर्स एसोसिएशन अध्यक्ष प्रदीप सिंह ने बुधवार को रोडवेज आरएम नीरज सक्सेना से मुलाकात की। प्रदीप ने कहा कोविड-19 के दौरान 1 जून से बसों का संचालन शुरू हुआ है। लेकिन यात्री ना के बराबर ही मिल रहे हैं।


इससे अनुबंधित बसों का खर्चा नहीं निकल पा रहा है। मेरठ क्षेत्र की अनुबंधित बसों का भुगतान कम आय पर कटौती मुक्त रखते हुए अनुबंध में निर्धारित दैनिक संचालित किमी के समतुल्य भुगतान कराया जाए।

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