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Meerut News: तहसीलदार की कार्यशैली और रवैये पर रोष जताया
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बार एसोसिएशन व सिविल बार एसोसिएशन की बैठक ज्ञापन देने से पहले। (स्त्रोत बार) मवाना।
- बार एसोसिएशन ने विभिन्न समस्याओं के संबंध में एसडीएम को ज्ञापन दिया
संवाद न्यूज एजेंसी
मवाना। मवाना सिविल बार एसोसिएशन व बार एसोसिएशन ने विभिन्न समस्याओं के संबंध में एसडीएम को ज्ञापन दिया। ज्ञापन में तहसीलदार की कार्यशैली और रवैये पर गहरा रोष जताया। वहीं 151 के आरोपियों की रिमांड शाम 3:30 के बाद नहीं लिए जाने का अनुरोध किया।
शनिवार को दोपहर 1:00 बजे बार हॉल में आम सभा की बैठक आयोजित की गई। अध्यक्षता अध्यक्ष राजेंद्र तोमर एडवोकेट व श्रीवल्लभ एडवोकेट और संचालन सचिव नटवर सिंह राणा एडवोकेट व महमपाल सिंह एडवोकेट ने किया। आम सभा में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर तहसीलदार मवाना की कार्यशैली और रवैये पर गहरा रोष जताया गया। अधिवक्ताओं का आरोप है कि तहसीलदार द्वारा दाखिल-खारिज प्रक्रिया को जानबूझकर धीमा किया जा रहा है। अमलदरामद नहीं कराया जाता और वह जनता व अधिवक्ताओं से नहीं मिलते। वर्ष 1359 फसली की 41, 45 व नक्शा 23 व 1951 की भूमि के मुकदमों में अनुचित शर्तें रखकर वादकारियों व वकीलों को परेशान किया जा रहा है, जिससे न्यायालय में पक्षकारों का हित सुरक्षित नहीं रह गया है।
इससे क्षुब्ध होकर दोनों बार एसोसिएशनों ने सर्वसम्मति से फैसला लेते हुए तहसीलदार की अदालत का अनिश्चितकालीन बहिष्कार करने की घोषणा की है। चेतावनी दी कि जो भी अधिवक्ता इस प्रस्ताव का विरोध करेगा या अदालत में हाजिर होगा, उसके खिलाफ दोनों बार सख्त निर्णय लेने में सक्षम होंगी। अधिवक्ताओं की कार्यप्रणाली को व्यवस्थित करने के लिए एक अन्य प्रस्ताव भी मंजूर किया गया। इसके तहत अधिवक्ताओं को अपनी मुहर पर सीओपी नंबर, रजिस्ट्रेशन नंबर, मोबाइल नंबर और चेंबर नंबर अंकित करना अनिवार्य कर दिया गया। अब जमानत प्रार्थना पत्र, जिरह, सबूत और नए दावे आदि न्यायिक कार्य केवल वही अधिवक्ता पेश कर सकेंगे, जिनके पास सीओपी नंबर होगा।
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संवाद न्यूज एजेंसी
मवाना। मवाना सिविल बार एसोसिएशन व बार एसोसिएशन ने विभिन्न समस्याओं के संबंध में एसडीएम को ज्ञापन दिया। ज्ञापन में तहसीलदार की कार्यशैली और रवैये पर गहरा रोष जताया। वहीं 151 के आरोपियों की रिमांड शाम 3:30 के बाद नहीं लिए जाने का अनुरोध किया।
शनिवार को दोपहर 1:00 बजे बार हॉल में आम सभा की बैठक आयोजित की गई। अध्यक्षता अध्यक्ष राजेंद्र तोमर एडवोकेट व श्रीवल्लभ एडवोकेट और संचालन सचिव नटवर सिंह राणा एडवोकेट व महमपाल सिंह एडवोकेट ने किया। आम सभा में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर तहसीलदार मवाना की कार्यशैली और रवैये पर गहरा रोष जताया गया। अधिवक्ताओं का आरोप है कि तहसीलदार द्वारा दाखिल-खारिज प्रक्रिया को जानबूझकर धीमा किया जा रहा है। अमलदरामद नहीं कराया जाता और वह जनता व अधिवक्ताओं से नहीं मिलते। वर्ष 1359 फसली की 41, 45 व नक्शा 23 व 1951 की भूमि के मुकदमों में अनुचित शर्तें रखकर वादकारियों व वकीलों को परेशान किया जा रहा है, जिससे न्यायालय में पक्षकारों का हित सुरक्षित नहीं रह गया है।
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इससे क्षुब्ध होकर दोनों बार एसोसिएशनों ने सर्वसम्मति से फैसला लेते हुए तहसीलदार की अदालत का अनिश्चितकालीन बहिष्कार करने की घोषणा की है। चेतावनी दी कि जो भी अधिवक्ता इस प्रस्ताव का विरोध करेगा या अदालत में हाजिर होगा, उसके खिलाफ दोनों बार सख्त निर्णय लेने में सक्षम होंगी। अधिवक्ताओं की कार्यप्रणाली को व्यवस्थित करने के लिए एक अन्य प्रस्ताव भी मंजूर किया गया। इसके तहत अधिवक्ताओं को अपनी मुहर पर सीओपी नंबर, रजिस्ट्रेशन नंबर, मोबाइल नंबर और चेंबर नंबर अंकित करना अनिवार्य कर दिया गया। अब जमानत प्रार्थना पत्र, जिरह, सबूत और नए दावे आदि न्यायिक कार्य केवल वही अधिवक्ता पेश कर सकेंगे, जिनके पास सीओपी नंबर होगा।
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