फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   Religion is the art of living: Shastri

धर्म जीवन जीने की कला है : शास्त्री

Tue, 07 Oct 2025 05:54 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Tue, 07 Oct 2025 05:54 PM IST
विज्ञापन
Religion is the art of living: Shastri
सरधना। मोहल्ला छावनी में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में शामिल महिला श्रद्धालु। आयोजक
विश्व भारती पब्लिक स्कूल में श्रीमद्भागवत कथा का चौथा दिन
विज्ञापन

संवाद न्यूज एजेंसी
सरधना। विश्व भारती पब्लिक स्कूल मोहल्ला छावनी में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन कथा वाचक पंडित शिवम शास्त्री ने जीवन में धर्म के वास्तविक स्वरूप और उसकी अनिवार्यता पर संदेश दिए। उन्होंने वर्तमान सामाजिक परिवेश पर चिंता जताते हुए कहा कि आज दुखों का एक प्रमुख कारण बुजुर्गों की उपेक्षा है। धर्म को केवल पाने का साधन मान लिया गया है, जबकि धर्म जीवन जीने की कला है। जब तक धर्म जीवन का अंग नहीं बनता, विकारों से मुक्ति संभव नहीं।

शास्त्री ने कहा कि आज धर्म केवल मंदिरों तक सीमित रह गया है, जबकि इसकी सबसे अधिक आवश्यकता हमारे घरों को है। जब घरों में अवज्ञा, लोभ, कपट, पाखंड, दंभ और ईर्ष्या जैसे दोष भरे हों, तो तीर्थ यात्राओं या मंदिरों में शांति कितनी देर टिकेगी। उन्होंने यह भी कहा कि कथा, कीर्तन और जागरण जैसे धार्मिक आयोजनों को आज संस्कार निर्माण के बजाय निजी स्वार्थ पूर्ति का माध्यम बना दिया गया है, जो खेदजनक है। कार्यक्रम में करुणा, विमला, सावित्री, नेहा, अनिता शर्मा, श्रद्धा, राजबाला, पायल, ज्योति, रिचा, राखी, बृजेश, सियानंद, राज नारायण, नरेंद्र पंडित शामिल रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed