{"_id":"604930e58ebc3e59281ac72a","slug":"rebate-in-gst-on-10-lacs-arear-city-news-mrt5293623105","type":"story","status":"publish","title_hn":"10 लाख रुपये तक बकाया पर नहीं देना होगा ब्याज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
10 लाख रुपये तक बकाया पर नहीं देना होगा ब्याज
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
10 लाख रुपये तक बकाया पर नहीं देना होगा ब्याज
मेरठ। वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) विभाग ने ब्याज माफी योजना लागू कर दी है। तीन महीने तक लागू रहने वाले इस योजना में 10 लाख रुपये तक बकाया धनराशि वाले व्यापारियों को सिर्फ मूल बकाया देना होगा। ब्याज जमा नहीं करना पड़ेगा। व्यापार कर, वाणिज्य कर, केंद्रीय बिक्री कर, प्रवेश कर और केबल नेटवर्क टेलीविजन नियमावली के अंतर्गत आने वाले कर शामिल हैं। सात हजार व्यापारियों के प्रकरण लंबित हैं। योजना का लाभ लेने वाले व्यापारियों को इसका प्रमाणपत्र भी जारी किया जाएगा।
व्यापारी ब्याज माफी का आवेदन विभागीय पोर्टल के माध्यम से कर सकेंगे। न्यायालयों में लंबित मामलों में वाद को वापस लेने के संबंध में शपथ पत्र प्रस्तुत करके इस योजना का लाभ ले सकेंगे। 10 लाख रुपये से अधिक और एक करोड़ रुपये तक बकाया वालों को सिर्फ 10 प्रतिशत ब्याज देना होगा, उन्हें ब्याज पर 90 प्रतिशत की छूट दी गई है। एक करोड़ रुपये से अधिक और पांच करोड़ रुपये तक बकाया के अतिरिक्त 50 प्रतिशत ब्याज देना होगा। इन्हें ब्याज पर 50 प्रतिशत की छूट मिलेगी। पांच करोड़ रुपये से ज्यादा बकाया पर 90 प्रतिशत ब्याज लिया जाएगा।
-------
हेल्प डेस्क बनाई गई
जीएसटी के एडिशनल कमिश्नर संपूर्णानंद पांडे ने बताया कि इस योजना के बेहतर क्रियान्वयन और व्यापारियों की सुविधा के लिए मेरठ, मवाना, बागपत और बड़ौत वाणिज्य कर कार्यालयों में हेल्प डेस्क भी बनाई गई है। बकाया खत्म हो जाने के बाद व्यापारी अपना पूरा ध्यान जीएसटी पर केंद्रित कर सकेंगे। 31 दिसंबर 2020 तक बकाया का मूलधन जमा करते हुए योजना का लाभ मिल सकेगा।
विज्ञापन
------
263 करोड़ की जीएसटी चोरी के आरोपी को पांच साल की सजा
मेरठ। तीन साल पहले फर्जी कंपनी बनाकर 263 करोड़ रुपये की जीएसटी चोरी के मामले में आरोपी मनोज अरोरा को पांच साल और पांच लाख रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई गई है। न्यायालय स्पेशल सीजेएम अंजू कांबोज ने यह फैसला सुनाया।
अभियोजन पक्ष के अनुसार आरोपी मनोज अरोरा ने मेसर्स पूर्वी पान मसाला के नाम से फर्जी कंपनी बनाई थी। 17 मार्च, 2017 को तत्कालीन एक्साइज कमिश्नर ने आरोपी की नोएडा स्थित फैक्टरी पर छापा मारा था। मौके से काफी मात्रा में पान मसाला, मशीनें सील की गई थीं। आरोपी को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया था। विशेष अभियोजन अधिकारी लक्ष्य कुमार सिंह ने पैरवी की और न्यायालय में सात गवाह पेश किए। न्यायालय ने दोनों पक्षों को सुनकर पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आरोपी मनोज अरोरा को पांच साल की सजा और पांच लाख के अर्थदंड की सजा सुनाई है।
विज्ञापन
मेरठ। वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) विभाग ने ब्याज माफी योजना लागू कर दी है। तीन महीने तक लागू रहने वाले इस योजना में 10 लाख रुपये तक बकाया धनराशि वाले व्यापारियों को सिर्फ मूल बकाया देना होगा। ब्याज जमा नहीं करना पड़ेगा। व्यापार कर, वाणिज्य कर, केंद्रीय बिक्री कर, प्रवेश कर और केबल नेटवर्क टेलीविजन नियमावली के अंतर्गत आने वाले कर शामिल हैं। सात हजार व्यापारियों के प्रकरण लंबित हैं। योजना का लाभ लेने वाले व्यापारियों को इसका प्रमाणपत्र भी जारी किया जाएगा।
व्यापारी ब्याज माफी का आवेदन विभागीय पोर्टल के माध्यम से कर सकेंगे। न्यायालयों में लंबित मामलों में वाद को वापस लेने के संबंध में शपथ पत्र प्रस्तुत करके इस योजना का लाभ ले सकेंगे। 10 लाख रुपये से अधिक और एक करोड़ रुपये तक बकाया वालों को सिर्फ 10 प्रतिशत ब्याज देना होगा, उन्हें ब्याज पर 90 प्रतिशत की छूट दी गई है। एक करोड़ रुपये से अधिक और पांच करोड़ रुपये तक बकाया के अतिरिक्त 50 प्रतिशत ब्याज देना होगा। इन्हें ब्याज पर 50 प्रतिशत की छूट मिलेगी। पांच करोड़ रुपये से ज्यादा बकाया पर 90 प्रतिशत ब्याज लिया जाएगा।
विज्ञापन
-------
हेल्प डेस्क बनाई गई
जीएसटी के एडिशनल कमिश्नर संपूर्णानंद पांडे ने बताया कि इस योजना के बेहतर क्रियान्वयन और व्यापारियों की सुविधा के लिए मेरठ, मवाना, बागपत और बड़ौत वाणिज्य कर कार्यालयों में हेल्प डेस्क भी बनाई गई है। बकाया खत्म हो जाने के बाद व्यापारी अपना पूरा ध्यान जीएसटी पर केंद्रित कर सकेंगे। 31 दिसंबर 2020 तक बकाया का मूलधन जमा करते हुए योजना का लाभ मिल सकेगा।
विज्ञापन
------
263 करोड़ की जीएसटी चोरी के आरोपी को पांच साल की सजा
मेरठ। तीन साल पहले फर्जी कंपनी बनाकर 263 करोड़ रुपये की जीएसटी चोरी के मामले में आरोपी मनोज अरोरा को पांच साल और पांच लाख रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई गई है। न्यायालय स्पेशल सीजेएम अंजू कांबोज ने यह फैसला सुनाया।
अभियोजन पक्ष के अनुसार आरोपी मनोज अरोरा ने मेसर्स पूर्वी पान मसाला के नाम से फर्जी कंपनी बनाई थी। 17 मार्च, 2017 को तत्कालीन एक्साइज कमिश्नर ने आरोपी की नोएडा स्थित फैक्टरी पर छापा मारा था। मौके से काफी मात्रा में पान मसाला, मशीनें सील की गई थीं। आरोपी को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया था। विशेष अभियोजन अधिकारी लक्ष्य कुमार सिंह ने पैरवी की और न्यायालय में सात गवाह पेश किए। न्यायालय ने दोनों पक्षों को सुनकर पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आरोपी मनोज अरोरा को पांच साल की सजा और पांच लाख के अर्थदंड की सजा सुनाई है।