{"_id":"59038dca4f1c1b267bc0c002","slug":"rapid-is-faster-than-metro","type":"story","status":"publish","title_hn":"रेस में मेट्रो से आगे निकल गई रैपिड ट्रेन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रेस में मेट्रो से आगे निकल गई रैपिड ट्रेन
अमर उजाला ब्यूरो/ मेरठ
Updated Sat, 29 Apr 2017 11:16 AM IST
विज्ञापन
फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पिछले दस माह से मेट्रो ट्रेन की डीपीआर एक ही स्टेशन पर खड़ी है, जबकि रैपिड ट्रेन का प्रस्ताव धीरे से आगे बढ़ गया है। इस समय दोनाें प्रस्तावों की ही डीपीआर यूपी सरकार के पास हैं। केन्द्र सरकार चूंकि रैपिड के प्रस्ताव पर गंभीरता दिखा रही है तो इसी हिसाब से अब यूपी सरकार भी उस पर काम कर रही है। उधर, मेट्रो पिछली सरकार का ड्रीम प्रोेजेक्ट था, जो अब ठंडे बस्ते में जाता दिख रहा है।
विज्ञापन
दिल्ली से मेरठ के बीच रैपिड ट्रेन के प्रस्ताव पर गत दिवस लखनऊ में बैठक हुई। इस मौके पर नेशनल कैपिटल रीजन ट्रांसपोर्ट कारपोरेशन (एनसीआरटीसी) ने रैपिड की डीपीआर का मुख्य सचिव राहुल भटनागर केसामने प्रजेंटेशन किया। मुख्य सचिव ने भी कहा कि जल्द ही केन्द्र सरकार के साथ इस बाबत एमओयू साइन किया जाए और फंड के लिए भी डीटेल तैयार की जाए। दरअसल रैपिड ट्रेन की डीपीआर को एनसीआरटीसी ने छह दिसंबर को हुई अपनी बोर्ड बैठक में हरी झंडी दे दी थी। इसके बाद केन्द्र सरकार ने इसे उत्तर प्रदेश सरकार के पास भेज दिया था।
विज्ञापन
मेट्रो की डीपीआर तो फांक रही धूल
पिछली साल तीस जून को मेरठ मेट्रो ट्रेन की डीपीआर मुख्य सचिव ने अनुमोदित कर दी थी। कहा था कि इसे कैबिनेट के पास भेजा जाए, लेकिन यह डीपीआर कैबिनेट में पेश ही नहीं की। पिछली सपा सरकार इस चक्कर में रही कि दोबारा सरकार आई तो जोरशोर से इस पर काम करेंगे पर सपा चुनाव में धड़ाम हो गई। उधर, भाजपा सरकार इस प्रोजेक्ट को आगे नहीं बढ़ा रही है। ऐसे में यह प्रस्ताव ठंडे बस्ते में चला गया है।
विज्ञापन
मेट्रो के29 स्टेशन
प्रथम कॉरीडोर में 16 स्टेशन होंगे जिसमें परतापुर, डीएन पॉलीटेक्निक, रिठानी, शताब्दीनगर, संजयवन, ब्रहमपुरी, बागपत रोड क्रासिंग, रेलवे रोड चौराहा, भैसाली, बेगमपुल, एमईएस कालोनी, सोफीपुर, डोरली, गुरुकुल, पल्लवपुरम व मोदीपुरम है तथा द्वितीय कॉरीडोर में कुल 13 स्टेशन होंगे जिसमें श्रृद्धापुरी फेस-2, कंकरखेड़ा, मेरठ कैन्ट, रजबन बाजार, बेगमपुल, बच्चापार्क, शाहपीर गेट, हापुड अड्डा चौराहा, गांधी आश्रम, मंगलपांडे नगर, तेजगढी, मेडिकल कालेज व जागृति विहार एक्सटेंशन शामिल हैं। उन्होंने बताया कि एक स्टेशन से दूसरे स्टेशन की औसत दूरी प्रथम कॉरीडोर में 1.2 किमी व द्वितीय कॉरीडोर में 1.1 किमी होगी।
हाईस्पीड कॉरिडोर पर दौड़ने वाली रैपिड ट्रेन में ये है खास
. परिचालन की अधिकतम स्पीड 160 किमी प्रति घंटा और औसत स्पीड 100 किमी रहेगी।
. आग लगने की दशा में तुरंत सूचना देने की तकनीक से लैस होगी ट्रेन।
. ट्रेन के कोच में ऐसा सिस्टम लगा होगा कि अचानक बिजली से संपर्क खत्म होने पर भी 90 मिनट तक वेंटिलेशन की दिक्कत नहीं होगी।
. ओवरहेड वॉयर से बिजली मिलनी बंद हो जाए तो भी तीन घंटे तक लाइट और उद्घोषणा काम करेगा।
. ट्रेन एक सेकेंड में 1.3 ेकिलोमीटर की रफ्तार पकड़ लेगी।
. ट्रेन और ट्रैक स्टैंडर्ड गेज (1435 एमएम) की होगी।