रमजान 2018: रोजे में इन बातों का रखें विशेष ध्यान, नहीं तो हो जाएगी सेहत खराब
मुकद्दस रमजान में इस बार भी भीषण गर्मी और उमस भरे मौसम की वजह से रोजेदारों के सब्र का और कड़ा इम्तिहान होगा। इस बार भी रोजे 15 घंटे से ज्यादा के होंगे। लिहाजा खानपान में सावधानी बरतने की जरूरत है, ताकि इबादत के साथ-साथ सेहत भी ठीक रहे।
उलेमा का कहना है कि 17 मई (बृहस्पतिवार) से रमजान शुरू होंगे। इसी हिसाब से तरावीह का दौर भी शुरू होगा। डॉक्टरों का कहना है कि सहरी और इफ्तार के बाद खूब पानी पिएं। अधिक मात्रा में फल, साबुत अनाज, मिठाइयां, तले हुए खाद्य पदार्थ और ज्यादा मीठे व नमक पकवानों से बचें। सहरी में प्रोटीन से भरपूर चीजें लें।
आज पहला रोजा
चांद कमेटी की बैठक में शहर काजी जैनुस साजिद्दीन ने एलान किया कि 17 मई को पहला रोजा है। उन्होंने बताया कि दारूल उलूम देवबंद व चांद कमेटी दिल्ली के मौलाना मेराजुद्दीन ने रमजान के चांद की पुष्टि की।
यह सावधानी बरतें
- अधिक मीठे, फैट और कार्बोहाइड्रेट वाला खाना खाने से बचें
- डिहाइड्रेशन से बचने लिए मीठा रहित ज्यादा तरल आहार लेते रहें
- डायबिटीज के मरीजों को डॉक्टर से डाइट प्लान बनवा लेना चाहिए
- कोल्ड ड्रिंक्स और कैफीन युक्त पेय पीने से बचें
सहरी के विकल्प
मल्टी ग्रेन ब्रेड,
चोकर मिले आटे की रोटी या पराठा, दूध और दही,
तीन से चार गिलास पानी, अंडा, ताजे फल
डॉक्टर की सलाह जरूर लें
फिजिशियन डॉ. तनुराज सिरोही ने बताया कि बीमार रोजेदारों को डॉक्टरी सलाह लेनी चाहिए। डायबिटीज के मरीजों को रोजा खोलते समय थोड़ा नियंत्रण रखना चाहिए। इस बात का ध्यान रहे कि पानी की उचित मात्रा बनी रही। फिजिशियन डॉ. विश्वजीत बैंबी ने बताया कि रोजा खोलते ही तुरंत ज्यादा पानी न पिएं। शिकंजी, शरबत आदि पिएं तो बेहतर रहेगा। सहरी और इफ्तारी में ज्यादा तली-भुनी चीजों से परहेज करें। शुगर के मरीज खानपान के हिसाब से अपनी दवाओं का रूटीन बनवा लें।
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