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छोटी उम्र में जगा था घुड़सवारी का जुनून, फख्र से चौड़ा हुआ पिता का सीना, रंग लायी उस्तादों की मेहनत 

Mon, 27 Aug 2018 11:02 AM IST
यूपी डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
यूपी डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Updated Mon, 27 Aug 2018 11:02 AM IST
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Rakesh kumar had a passion of horse riding in young age now got silver in asian games
मेरठ न्यूज - फोटो : अमर उजाला

मेरठ के आरवीसी सेंटर में  जहां जश्न का माहौल है वहीं, बुलंदशहर के बीबीनगर में भी खूब खुशियां मनाई जा रही हैं। दरअसल बुलंदशहर के खरकाली गांव में बिजेंद्र सिंह चौधरी का सीना फख्र से चौड़ा हो रहा है क्योंकि उनके बेटे राकेश कुमार ने  घुड़सवारी में सिल्वर मेडल लाकर दुनियाभर में उनका नाम रोशन जो किया है। घुड़सवारी में देश को पदक दिलाने वाले जांबाज राकेश कुमार के बारे में आइए जानते हैं कुछ खास बातें :-

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Rakesh kumar had a passion of horse riding in young age now got silver in asian games
घुड़सवार राकेश कुमार के माता-पिता - फोटो : अमर उजाला

राकेश कुमार के पिता बताते हैं कि 13 साल की उम्र में ही तय हो गया था कि राकेश को सेना में भेजना है। इसके बाद उसने आठवीं पास की तो उसका चयन आरवीसी मेरठ ब्वॉयज स्पोर्ट्स कंपनी में हो गया। वहां पर राकेश की घुड़सवारी की ट्रेनिंग शुरू हो गई। किसान बिजेंद्र सिंह बताते हैं कि सेना ने ही सारी ट्रेनिंग कराई। 

पिता के मुताबिक 12वीं पास कराने के बाद राकेश सेना में भर्ती हो गया। बेटे की इस सफलता पर वह कहते हैं कि छोटी सी उम्र में जुनून जगा था। आज उसके उस्तादों की मेहनत के बूते विदेश में मंजिल मिल गई। पूरे गांव में इसका जश्न मनाया जा रहा है। राकेश के बड़े भाई मुकेश भी सेना में हैं। 

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बिजेंद्र सिंह ने बताया कि जो कुछ राकेश आज है वो सेना की देन है। राकेश के साथ दूसरे सवार जितेंद्र सिंह के गांव बाड़मेर के मागरा में भी ऐसा ही जश्न का माहौल है। जितेंद्र भी आठवीं पास करने के बाद आरवीसी मेरठ ब्वॉयज स्पोर्ट्स कंपनी में आ गए थे। जितेंद्र की भी सारी ट्रेनिंग यहीं पर हुई।

जितेंद्र भी 14 साल की उम्र से घुड़सवारी के गुर सीखने लगे थे। बता दें कि आठवीं पास करने वाले 14 साल की उम्र के बच्चों को सेना की तरफ से भर्ती किया जाता है। अपनी निगरानी में सेना इन बच्चों को पढ़ाई के साथ खेलकूद प्रतियोगिताओं के लिए तैयार करती है। इसका सारा खर्च सेना उठाती है। इन बच्चों को ब्वॉयज स्पोर्ट्स कंपनी में रखा जाता है।  

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