रेलवे ने रद की ट्रेनें, रोडवेज के पास बसों का इंतजाम कम
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मेरठ सिटी से दौराला रेलवे स्टेशन के बीच ट्रैक दोहरीकरण के चलते लिए गए ब्लाक के कारण आज करीब एक दर्जन ट्रेन रद रहेगी। ट्रेनों के रद होने से रेल यात्री रोडवेज का सफर करेंगे। आगामी 6 जुलाई से दैनिक यात्रियों को भी ट्रेन रद होने से रोडवेज बसों से ही गंतव्य तक जाना होगा। ट्रेनों के बड़ी संख्या में रद होने से रेलवे के करीब 50 हजार यात्री रोडवेज में बढ़ेंगे। रोडवेज के पास इतनी बड़ी संख्या को उनकी मंजिल तक पहुंचाने के इंतजाम नहीं है। नौचंदी एक्सप्रेस व राज्यरानी एक्सप्रेस के रद होने की स्थिति में विभाग ने छह अतिरिक्त बसों का तो इंतजाम कर दिया है, लेकिन दिल्ली रूट पर अभी इंतजाम नहीं किया गया है।
आज रद रहेंगी 12 ट्रेन
ट्रैक दोहरीकरण के चलते सोमवार से ट्रेनों का निरस्तीकरण शुरू हो गया है। सोमवार को आनंद विहार टर्मिनल से वैष्णो देवी तक चलने वाली स्पेशल ट्रेन रद रही। इसके अलावा इलाहाबाद से मेरठ के लिए चलने वाली संगम एक्सप्रेस भी रद कर दी गई। यह ट्रेन मंगलवार को नहीं आने के चलते यहां से इलाहाबाद के लिए रद रहेगी। इसके अलावा लोकमान्य टर्मिनल से हरिद्वार जाने वाली एसी सुपरफास्ट भी रद रही। मंगलवार को नौचंदी एक्सप्रेस के अलावा दिल्ली-अंबाला एक्सप्रेस, देहरा-बांद्रा एक्सप्रेस, हरिद्वार-लोकमान्य टर्मिनल सुपर फास्ट, देरहादून-उज्जैन एक्सप्रेस, इंदौर-अमृतसर एक्सप्रेस, बलसाड एक्सप्रेस, दिल्ली-सहारनपुर मेमू, सहारनपुर-दिल्ली मेमू रद रहेगी। इसके अलावा दिल्ली-अंबाला मेमू की यात्रा सहारनपुर स्टेशन पर ही समाप्त होगी और यही से शुरू होगी। ऋषिकेश-दिल्ली पैसेंजर का संचालन सहारनपुर सकौती टांडा के बीच कराया जाएगा।
50 हजार दैनिक यात्रियों पर 6 जुलाई से होगी आफत
मेरठ सिटी स्टेशन व कैंट स्टेशन से करीब 50 हजार दैनिक यात्री दिल्ली, मोदीनगर और गाजियाबाद आदि में नौकरी के लिए जाते हैं। आगामी 6 जुलाई से दैनिक यात्रियों को ले जाने वाली अधिकतर ट्रेन रद होने से यात्रियों के सामने दिक्कत शुरू हो जाएंगी। इन यात्रियों के सामने गंतव्य तक जाने के लिए रोडवेज बसों का ही विकल्प रह जाएगा। 6 जुलाई से रद होने वाली ट्रेनों में दिल्ली-कालका पैसेंजर, कालका-दिल्ली पैसेंजर, सहारनपुर-दिल्ली पैसेंजर, दिल्ली-हरिद्वार पैसेंजर, दिल्ली-सहारनपुर पैसेंजर, हरिद्वार-दिल्ली पैसेंजर, अंबाला-हजरत निजामुद्दीन पैसेंजर, हजरत निजामुद्दीन-अंबाला पैसेंजर के अलावा शालीमार एक्सप्रेस, अहमदाबाद-हरिद्वार एक्सप्रेस, देहरादून-मुदरै-चंडीगढ़ एक्सप्रेस वाया शामली चलाई जाएगी।
परेशानी के साथ समय और बढ़ा किराया देना होगा
रेल यात्रियों को ब्लाक के दौरान न केवल परेशानी का सामना करना पड़ेगा बल्कि रोडवेज बसों में सफर के चलते समय और किराया भी ज्यादा वहन करना पड़ेगा। पैसेंजर ट्रेन में दिल्ली का किराया 30 और एक्सप्रेस में 45 रुपये हैं। जबकि रोडवेज बसों में करीब दोगुना 75 रुपये हैं।
रोडवेज के पास नहीं अतिरिक्त बसों की व्यवस्था
रोडवेज के पास करीब 800 बसो का बेड़ा है, जिनमें से 80 फीसदी बसे ही रोजाना तय रूटों पर आन रोड हो पाती है। बाकी बसे मेंटीनेंस के चलते आफ रोड रहती है। विभाग के पास इतनी अतिरिक्त बसे नहीं है जो रेल यात्रियों के बोझ को संभालने के लिए दिल्ली, मुजफ्फरनगर, हापुड़ व खुर्जा रूट पर लगाई जा सके। हालांकि रोडवेज आरएम एसके बनर्जी ने रेल यात्रियों को राहत देने की बात कहते हुए रूटों से बसे हटाकर मांग वाले रूटों पर लगाने की बात कही है।