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Meerut News: ऊन में 101 बीघा शत्रु संपत्ति खरीदने के लिए प्रॉपर्टी डीलर आया आगे
Tue, 10 Sep 2024 02:28 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मेरठ
संवाद न्यूज एजेंसी, मेरठ
Updated Tue, 10 Sep 2024 02:28 AM IST
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शामली। पड़ोसी जिला बागपत में पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ के परिवार की जमीन नीलाम होने के बाद जिले में भी लोग शत्रु संपत्ति खरीदने के लिए आगे आने लगे हैं। ऊन का प्रॉपर्टी डीलर 101 बीघा बांगर की जमीन को खरीदने के लिए आगे आया है। इसके अलावा कलक्ट्रेट और हेल्पलाइन नंबर पर भी हर रोज सात से आठ लोग शत्रु संपत्ति खरीदने की जानकारी ले रहे हैं। जिले में अक्तूबर माह में शत्रु संपत्ति की ई-नीलामी शुरू होगी।
जिले की यदि बात की जाए तो यहां पर अप्रैल माह में शत्रु संपत्ति की खरीद शुरू हो गई थी। करनाल के किसान संजीव कुमार ने 49 बीघा शत्रु संपत्ति को एक करोड़ 42 लाख रुपये में खरीदा था। मगर इसके बाद जिले का कोई भी व्यक्ति शत्रु संपत्ति खरीदने के लिए आगे नहीं आ रहा था। हाल ही में बागपत में पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ के परिवार की जमीन नीलाम होने के बाद जिले के लोग भी शत्रु संपत्ति खरीदने के लिए आगे आ रहे हैं।
कलक्ट्रेट में एडीएम , डीएम और अन्य अधिकारियों के पास शत्रु संपत्ति खरीदने के लिए जानकारी हासिल करने को हर रोज 4 से 5 और हेल्पलाइन पर कॉल कर भी शत्रु संपत्ति के बारे में जानकारी हासिल कर रहे हैं। ऊन के प्रॉपर्टी डीलर जयवीर 101 बीघा जमीन खरीदने को आगे आए है। हालांकि, अभी ई ऑप्शन के बाद ही जमीन खरीदी जा सकेगी।
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एडीएम संतोष कुमार ने बताया कि बागपत में शत्रु संपत्ति की बिक्री के बाद जिले के लोग भी जमीन खरीदने को आगे आ रहे हैं । हालांकि, सभी अगले माह होने वाले ई नीलामी में भी शामिल हो सकेंगे। शत्रु संपत्ति अभिरक्षक कार्यालय से संपत्ति खरीदने वालों का ब्योरा प्रशासन को उपलब्ध कराया जाता है।
शत्रु संपत्ति पर लगातार कब्जे के बाद लिया बिक्री का निर्णय
अधिकारियों के अनुसार शत्रु संपत्ति पर कई लोगों द्वारा अवैध रूप से कब्जों की शिकायत मिली थी। जिस पर जिले के विभिन्न थानों पर 20 से अधिक मामले दर्ज किए गए थे। आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई भी हुई। शत्रु संपत्ति पर कब्जे रोकने के लिए ही संपत्ति को बेचने का निर्णय शत्रु संपत्ति अभिरक्षक कार्यालय से लिया गया है।
700 बीघा है शत्रु संपत्ति
जिले में कुल 700 बीघा शत्रु संपत्ति की जमीन है। जिसमें 104 बीघा कृषि भूमि है। इसके अलावा गढ़ीपुख्ता में 231, शामली में 91, अन्य स्थानों पर 235 समेत कुल 700 बीघा जमीन मौजूद हैं। जिनमें करीब सौ बीघा जमीन पर घर है।
ई-नीलामी प्लेटफॉर्म का होगा इस्तेमाल
शत्रु संपत्तियों की ई-नीलामी के लिए सार्वजनिक उद्यम के ई-नीलामी प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल किया जाएगा। अधिकारियों ने कहा कि सरकार ने शत्रु संपत्तियों के निपटारे के लिए ई-ऑप्शन का निर्णय लिया है।
किसानों और व्यापारियों की जमीन है मौजूद
शत्रु संपत्ति की यदि बात की जाए तो जिले में किसानों और व्यापारियों की जमीन मौजूद है जो बाद में पाकिस्तान के रावलपिंडी और अन्य स्थानों पर जाकर बस गए थे। वर्तमान में कुछ जमीन पर कुछ लोग अवैध रूप से काबिज है।
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जिले की यदि बात की जाए तो यहां पर अप्रैल माह में शत्रु संपत्ति की खरीद शुरू हो गई थी। करनाल के किसान संजीव कुमार ने 49 बीघा शत्रु संपत्ति को एक करोड़ 42 लाख रुपये में खरीदा था। मगर इसके बाद जिले का कोई भी व्यक्ति शत्रु संपत्ति खरीदने के लिए आगे नहीं आ रहा था। हाल ही में बागपत में पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ के परिवार की जमीन नीलाम होने के बाद जिले के लोग भी शत्रु संपत्ति खरीदने के लिए आगे आ रहे हैं।
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कलक्ट्रेट में एडीएम , डीएम और अन्य अधिकारियों के पास शत्रु संपत्ति खरीदने के लिए जानकारी हासिल करने को हर रोज 4 से 5 और हेल्पलाइन पर कॉल कर भी शत्रु संपत्ति के बारे में जानकारी हासिल कर रहे हैं। ऊन के प्रॉपर्टी डीलर जयवीर 101 बीघा जमीन खरीदने को आगे आए है। हालांकि, अभी ई ऑप्शन के बाद ही जमीन खरीदी जा सकेगी।
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एडीएम संतोष कुमार ने बताया कि बागपत में शत्रु संपत्ति की बिक्री के बाद जिले के लोग भी जमीन खरीदने को आगे आ रहे हैं । हालांकि, सभी अगले माह होने वाले ई नीलामी में भी शामिल हो सकेंगे। शत्रु संपत्ति अभिरक्षक कार्यालय से संपत्ति खरीदने वालों का ब्योरा प्रशासन को उपलब्ध कराया जाता है।
शत्रु संपत्ति पर लगातार कब्जे के बाद लिया बिक्री का निर्णय
अधिकारियों के अनुसार शत्रु संपत्ति पर कई लोगों द्वारा अवैध रूप से कब्जों की शिकायत मिली थी। जिस पर जिले के विभिन्न थानों पर 20 से अधिक मामले दर्ज किए गए थे। आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई भी हुई। शत्रु संपत्ति पर कब्जे रोकने के लिए ही संपत्ति को बेचने का निर्णय शत्रु संपत्ति अभिरक्षक कार्यालय से लिया गया है।
700 बीघा है शत्रु संपत्ति
जिले में कुल 700 बीघा शत्रु संपत्ति की जमीन है। जिसमें 104 बीघा कृषि भूमि है। इसके अलावा गढ़ीपुख्ता में 231, शामली में 91, अन्य स्थानों पर 235 समेत कुल 700 बीघा जमीन मौजूद हैं। जिनमें करीब सौ बीघा जमीन पर घर है।
ई-नीलामी प्लेटफॉर्म का होगा इस्तेमाल
शत्रु संपत्तियों की ई-नीलामी के लिए सार्वजनिक उद्यम के ई-नीलामी प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल किया जाएगा। अधिकारियों ने कहा कि सरकार ने शत्रु संपत्तियों के निपटारे के लिए ई-ऑप्शन का निर्णय लिया है।
किसानों और व्यापारियों की जमीन है मौजूद
शत्रु संपत्ति की यदि बात की जाए तो जिले में किसानों और व्यापारियों की जमीन मौजूद है जो बाद में पाकिस्तान के रावलपिंडी और अन्य स्थानों पर जाकर बस गए थे। वर्तमान में कुछ जमीन पर कुछ लोग अवैध रूप से काबिज है।