UP: PM मोदी दो मार्च को करेंगे डीएफसी का शुभारंभ, खुर्जा से साहनेवाल तक बनाया गया है डेडिकेटेड फ्रेट काॅरिडोर
Meerut News : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दो मार्च को डीएफसी का शुभारंभ करेंगे। डेडिकेटेड फ्रेट काॅरिडोर खुर्जा से साहनेवाल तक बनाया गया है।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दो मार्च को ईस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (ईडीएफसी) का वर्चुअल शुभारंभ करेंगे। वो प्रयागराज से देश में बने सभी कॉरिडोर का शुभारंभ करेंगे। एक मार्च से खुर्जा से साहनेवाल तक बनाए गए कॉरिडोर पर मालगाड़ियों का संचालन भी शुरू हो जाएगा। अब रेलवे के मुख्य ट्रैक पर मालगाड़ी नहीं चलेगी। मुख्य रेल ट्रैक पर केवल यात्री ट्रेनें ही चलेंगी।
उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए पश्चिम बंगाल के डालकुनी से लेकर लुधियाना के साहनेवाल तक ईडीएफसी का निर्माण हुआ है। इसके बनने से न सिर्फ उद्योगों को कच्चे माल की आपूर्ति आसान होगी बल्कि सप्लाई भी सुगम होगी। साथ ही ट्रेनों के मुख्य ट्रैक पर भी मालगाड़ियों का भार खत्म होगा। खुर्जा से लेकर साहनेवाल तक 398 किलोमीटर लंबे ईडीएफसी का निर्माण तीन चरणों में हुआ है। ईडीएफसी की सिंगल लाइन बिछाई गई है। मालगाड़ियों की क्रासिंग के लिए हर 12-15 किलोमीटर की दूरी पर स्टेशन बनाए गए है। जिन्हें न्यू खुर्जा, न्यू मेरठ, न्यू खतौली, न्यू पिलखनी आदि नाम दिए गए। पहले चरण में खुर्जा से खतौली, दूसरे में खतौली से सहारनपुर के न्यू पिलखनी और तीसरे चरण में न्यू पिलखनी से लेकर साहनेवाल तक कॉरिडोर का निर्माण किया गया है।
डीएफसी मेरठ के मुख्य महाप्रबंधक पवन कुमार ने बताया कि ईडीएफसी पूरी तरह से बन कर तैयार है। पूरे कॉरिडोर पर लुधियाना के साहनेवाल से न्यू खुर्जा तक मालगाड़ी एक मार्च से तमाम मालगाडियों का संचालन शुरू किया जाएगा। अभी रोजाना 25 मालगाड़ी चल रही है, एक मार्च से 40 मालगाड़ी तक चलाई जाएगी। वो भी पूरी क्षमता के साथ। दो मार्च को प्रयागराज से पीएम मोदी सभी कॉरिडोर का वर्चुअल शुभारंभ करेंगे। जिसमें ईडीएफसी भी शामिल है। सभी स्टेशनों पर कार्यक्रम होंगेे। जिसमें भाजपा के मंत्री, सांसद, विधायक शामिल होंगे।
डीएफसी की विशेषताएं
डीएफसी में दो कॉरिडोर शामिल हैं। पूर्वी डेडीकेटेड फ्रेट कोरीडोर (पूर्वी डीएफसी) 1337 किमी, पंजाब के लुधियाना से बिहार के सोननगर तक है। पश्चिमी डेडिकेटेड फ्रेट कॉरीडोर (पश्चिमी डीएफसी) 1506 किमी, दादरी उत्तर प्रदेश से जवाहरलाल नेहरू पोर्ट, नवी मुंबई तक है।
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- पूर्वी डीएफसी पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और बिहार से होकर गुजरता है।
- पश्चिमी डीएफसी उत्तर प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान, गुजरात और महाराष्ट्र से होकर गुजरता है।
- डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर 2843 रूट किमी को कवर करता है। यह 6000 किमी. से अधिक ट्रैक लिकिंग वाली मेगा रेल परियोजना है।
- 2371 लाख घन मीटर मिट्टी का कार्य किया गया है।
- पूरी तरह से समपार फाटकी को समाप्त कर दिया गया है।
- 535 बड़े एवं 4643 छोटे पुल शामिल हैं।
- 304 रोड ओवरब्रिज, 557 रोड अंडरपास, 53 रेल फ्लाइओवर शामिल हैं।
- पूरे संरेखण में 114 स्टेशन हैं।
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