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परीक्षा निरस्त होने पर बीटीसी अभ्यर्थियों ने किया प्रदर्शन
amarujala
Updated Wed, 10 Oct 2018 01:57 AM IST
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meerut
- फोटो : meerut
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पेपर लीक होने के कारण परीक्षा निरस्त होने से बीटीसी 2015 बैच के छात्रों का गुस्सा फूट गया। परीक्षा केंद्रों से वापस लौटकर सैकड़ों अभ्यार्थियों ने कमिश्नरी चौराहे पर धरना प्रदर्शन किया। बीटीसी अभ्यार्थियों ने आरोप लगाया कि उनका सत्र पहले ही लेट है। परीक्षा निरस्त होने से रिजल्ट लेट होगा और वे दिसंबर में होने वाली संभावित शिक्षक भर्ती परीक्षा में शामिल नहीं हो सकेंगे। अभ्यार्थियों ने पेपर लीक को सरकार की नाकामी बताकर खूब नारेबाजी की और रैली निकालकर डीएम को ज्ञापन दिया।
हालांकि सोमवार रात को ही परीक्षा निरस्त होने की जानकारी आ चुकी थी, लेकिन इसके बावजूद मंगलवार सुबह अभ्यार्थी परीक्षा देने कालेजों में पहुंचे। वहां परीक्षा निरस्त होने से नाराज अभ्यार्थी कमिश्नरी पहुंचने शुरू हो गए । दोपहर तक सैकड़ों अभ्यार्थियों का जमावड़ा लग गया और सभी धरने पर बैठ गए। अभ्यार्थियों ने कहा कि सरकार छात्रों के लिए हर मोर्चे पर विफल रही है। हाल ही में हुई शिक्षक भर्ती के रिजल्ट में घपलेबाजी सामने आई। अब बीटीसी एग्जाम के पेपर लीक हो गए हैं। जाहिर है कि विभागीय स्टाफ सरकार के कंट्रोल में नहीं है। इसका असर सीधे उनके कॅरियर पर पडे़गा। इस दौरान हिमांशु गंगवार ,सूर्य प्रकाश सिंह, दीपक सिंह, हिमांशी आदि मौजूद रहे।
पहले से ही लेट है सत्र
हिमांशु गंगवार का कहना था कि वे 2015 बैच के बीटीसी छात्र हैं। उनका सितंबर 2016 में एडमिशन हुआ था । नियमानुसार सितंबर 2018 में उनका शैक्षिक सत्र खत्म हो जाना चाहिए लेकिन अब चौथे (अंतिम) सेमेस्टर की परीक्षा चल रही है। इस वजह से उन्होंने काफी मेहनत भी की थी लेकिन परीक्षा के प्रश्न पत्र लीक होने से परीक्षा निरस्त हो गई और उनकी पूरी मेहनत चौपट हो गई। अब दोबारा से डेट आएगी इस वजह से परीक्षाएं काफी आगे टल जाएंगी। जिले में इस बैच के करीब तीन हजार छात्र हैं।
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शिक्षक भर्ती परीक्षा में नहीं बैठ पाएंगे
छात्रा हिमांशी ने बताया कि इस साल प्रदेश में 95 हजार शिक्षकों की भर्ती प्रस्तावित है। इसके लिए दिसंबर में आयोजित होने वाली परीक्षा में वे तब ही शामिल हो सकते हैं जब उनकी बीटीसी क्लीयर हो, लेकिन पेपर लीक होने की वजह से दिसंबर तक उनका रिजल्ट आना संभव नहीं लग रहा ऐसे में वे इस परीक्षा में बैठने से चूक जाएंगे और शिक्षक बनने का मौका हाथ से निकल जाएगा।
हालांकि सोमवार रात को ही परीक्षा निरस्त होने की जानकारी आ चुकी थी, लेकिन इसके बावजूद मंगलवार सुबह अभ्यार्थी परीक्षा देने कालेजों में पहुंचे। वहां परीक्षा निरस्त होने से नाराज अभ्यार्थी कमिश्नरी पहुंचने शुरू हो गए । दोपहर तक सैकड़ों अभ्यार्थियों का जमावड़ा लग गया और सभी धरने पर बैठ गए। अभ्यार्थियों ने कहा कि सरकार छात्रों के लिए हर मोर्चे पर विफल रही है। हाल ही में हुई शिक्षक भर्ती के रिजल्ट में घपलेबाजी सामने आई। अब बीटीसी एग्जाम के पेपर लीक हो गए हैं। जाहिर है कि विभागीय स्टाफ सरकार के कंट्रोल में नहीं है। इसका असर सीधे उनके कॅरियर पर पडे़गा। इस दौरान हिमांशु गंगवार ,सूर्य प्रकाश सिंह, दीपक सिंह, हिमांशी आदि मौजूद रहे।
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पहले से ही लेट है सत्र
हिमांशु गंगवार का कहना था कि वे 2015 बैच के बीटीसी छात्र हैं। उनका सितंबर 2016 में एडमिशन हुआ था । नियमानुसार सितंबर 2018 में उनका शैक्षिक सत्र खत्म हो जाना चाहिए लेकिन अब चौथे (अंतिम) सेमेस्टर की परीक्षा चल रही है। इस वजह से उन्होंने काफी मेहनत भी की थी लेकिन परीक्षा के प्रश्न पत्र लीक होने से परीक्षा निरस्त हो गई और उनकी पूरी मेहनत चौपट हो गई। अब दोबारा से डेट आएगी इस वजह से परीक्षाएं काफी आगे टल जाएंगी। जिले में इस बैच के करीब तीन हजार छात्र हैं।
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शिक्षक भर्ती परीक्षा में नहीं बैठ पाएंगे
छात्रा हिमांशी ने बताया कि इस साल प्रदेश में 95 हजार शिक्षकों की भर्ती प्रस्तावित है। इसके लिए दिसंबर में आयोजित होने वाली परीक्षा में वे तब ही शामिल हो सकते हैं जब उनकी बीटीसी क्लीयर हो, लेकिन पेपर लीक होने की वजह से दिसंबर तक उनका रिजल्ट आना संभव नहीं लग रहा ऐसे में वे इस परीक्षा में बैठने से चूक जाएंगे और शिक्षक बनने का मौका हाथ से निकल जाएगा।