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सेफ चलेंगे तो सुरक्षित रहेंगे
अमर उजाला ब्यूरो/मेरठ
Updated Sat, 30 Apr 2016 01:57 AM IST
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केंद्रीय विद्यालय में अमर उजाला द्वारा आयोजित पुलिस की पाठशाला में भाग लेतीं छात्राएं।
- फोटो : अमर उजाला
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अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से बृहस्पतिवार को केंद्रीय विद्यालय पंजाब लाइंस में पुलिस की पाठशाला का आयोजन किया गया। मुख्यातिथि एसपी ट्रैफिक किरण यादव रहीं। उन्हाेंने छात्रों को सुरक्षित ड्राइविंग के टिप्स दिए। साथ ही पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली, पुलिस में युवाओं के लिए अच्छे कॅरियर की संभावनाओं पर प्रकाश डाला। छात्रों ने सवाल भी पूछे। वाइस प्रिंसिपल राजेश शर्मा ने मुख्यातिथि का स्वागत किया। संचालन सादिया ने किया।
छात्रों को ये दिए टिप्स
हेलमेट लगाकर वाहन चलाएं, आपकी और दूसरों की सुरक्षा होगी।
ड्राइविंग लाइसेंस जरूर बनवाएं।
वाहन में हमेशा ड्राइविंग लाइसेंस व वाहन पंजीकरण कागज अवश्य रखें।
सीट बेल्ट लगाकर ही कार ड्राइव करें।
अभिभावकों, मित्रों, परिचितों व पड़ोसियों को यातायात नियमों के पालन का संदेश दें।
स्पीड नियंत्रित रखकर वाहन चलाएं। ट्रिपलिंग और स्टंट से बचें।
युवा पीढ़ी का ज्ञान बढ़ाने की पहल
वाइस प्रिंसिपल राजेश शर्मा ने अमर उजाला पुलिस की पाठशाला को छात्रों का ज्ञान बढ़ाने की अच्छी पहल बताया। उन्होंने कहा हर जगह पुलिस नहीं पहुंच सकती, जनता को भी अपनी जिम्मेदारी समझकर पुलिस का सहयोग करना होगा, तभी सुरक्षित और सशक्त समाज बनेगा।
हेलमेट के लिए अभियान चलाए पुलिस
छात्रों के साथ शिक्षकों ने भी एसपी से सवाल पूछे और कुछ सुझाव भी दिए। शिक्षक मनोज शर्मा ने कहा कि पुलिस हेलमेट लगाने के लिए अभियान चलाए, ताकि लोग हेलमेट पहनें। एसपी ने बताया कि हर साल यातायात माह मनाया जाता है, समय समय पर कई अभियान चलाकर इस तरह के आयोजन होते हैं।
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छात्रों के सवाल, एसपी के जवाब
पुलिस की नौकरी में कैसे जा सकते हैं? - वर्षा
जवाब - कांस्टेबल के लिए इंटर के बाद भर्ती होती है, इसमें शामिल हो सकती हैं। एसआई से लेकर अन्य पदों के लिए ग्रेजुएशन के बाद लिखित परीक्षा पास करना जरूरी होता है। यूपी पुलिस की वेबसाइट पर पूरी जानकारी है।
पुलिस में महिलाएं कितनी सुरक्षित हैं? - अनु यादव
जवाब - पुलिस में महिलाओं की संख्या बहुत बढ़ी है। महिलाएं इस प्रोफेशन में पूरी तरह सुरक्षित हैं। पुलिस में विशाखा गाइडलाइन को भी फॉलो किया जाता है। महिलाओं के लिए बहुत अच्छा कॅरियर है।
पुलिस में आने पर कई सामाजिक बाधाएं आती हैं, उन्हें कै से दूर करें? प्रत्यूषा शर्मा
जवाब - परिवार का सपोर्ट और खुद पर भरोसा है तो कोई भी सामाजिक बाधा कॅरियर में आड़े नहीं आती। पुलिस समाजसेवा है, इसलिए खुलकर जवाब दें।
बस स्टैंड, रेलवे स्टेशनों पर रात में फीमेल कैसे सेफ रह सकती हैं? रमन यादव
जवाब - महिलाओं की सुरक्षा के लिए 1090 वूमन हेल्पलाइन नंबर है। जो सीधे लखनऊ से जुड़ता है। उस पर शिकायत दर्ज कराएं, तुरंत आपको मदद मिलेगी। हेल्पलाइन पर शिकायत करने वाले की पहचान गुप्त रखी जाती है। महिला पुलिस की संख्या भी स्टेशनों व स्टैंडों पर नाइट ड्यूटी में बढ़ी है, ताकि महिलाएं इन स्थानों पर सेफ रहें।
स्काउट गाइड का सी सर्टिफिकेट पुलिस जॉब में मदद करेगा? प्रियांशी
जवाब- हां यह सर्टिफिकेट भर्ती के समय वेटेज दिलाएगा। मेरिट के आधार पर अतिरिक्त नंबर भी मिलेंगे।
हम मुसीबत में हों, लेकिन हेल्पलाइन पर कॉल के लिए फोन न हो तो क्या करें? सुप्रिया
जवाब - कभी भी ऐसी परिस्थिति आए तो पब्लिक बूथ का प्रयोग करें। भीड़ वाले इलाके से जाएं। टैक्सी या बस में बैठें। संदेह हो तो फौरन गाड़ी का नंबर नोट करें।
आर्मी जॉब को अच्छा और पुलिस की नौकरी को गंदा क्याें कहते हैं? काजल
जवाब - पुलिस का काम जनता के बीच रहकर उसे सुरक्षा देना है। इसलिए जनता का सीधा संवाद पुलिस से होता है, इसलिए लोग पुलिस को अच्छा और बुरा दोनों कहते हैं। आर्मी का जनता या समाज से कोई संबंध नहीं, आर्मी सरहद पर देश की सेवा करती है। जनता का उनसे सीधा मतलब नहीं है।
पुलिस रैगिंग पर कंट्रोल क्यों नहीं करती? सुमित
जवाब - रैगिंग पर रोक लगाने के लिए हर शिक्षण संस्थान में एंटी रैगिंग समिति गठित होती है। प्रिंसिपल का काम रैगिंग को रोकना होता है। फिर भी किसी स्कूल, कॉलेज में रैगिंग की शिकायत आती है तो पुलिस एक्शन लेती है।
पुलिस रिश्वत क्यों लेती है? संयम
जवाब - ऐसा नहीं है। पुलिसिया सिस्टम में काफी ट्रांसपेरेंसी है, इसलिए रिश्वत कोई पुलिस वाला नहीं ले सकता। रिश्वत लेने से ज्यादा बड़ा अपराध रिश्वत देना है। फिर भी कोई पुलिसकर्मी रिश्वत लेता पकड़ा जाता है या उसकी शिकायत आती है तो उस पर कार्रवाई जरूर होती है।
पीसीएम और कंप्यूटर वाले छात्र पुलिस में जा सकते हैं? सूर्यांश
जवाब- पुलिस की नौकरी के लिए सामान्य इंटर और सामान्य ग्रेजुएशन की जरूरत है। फिर चाहे वो बीटेक, बीए, बीएससी या बीकॉम कुछ भी हो।
पुलिस हॉर्न बजाकर क्यों आती है? नवदीप
जवाब- पुलिस को स्थान पर अपनी प्रजेंस दिखानी होती है, इसलिए वो हॉर्न बजाकर आती है। इसके अलावा लोग रास्ते से हट जाएं, ताकि समय बर्बाद न हो। इसलिए भी पुलिस हॉर्न बजाकर आती है।
कई घटनाओं को संभालने के लिए पुलिस को आर्मी की मदद क्यों लेनी पड़ती है? आकाश
जवाब- पुलिस व आर्मी दोनों का काम सुरक्षा है। जब भी लगता है कि घटना बड़ी है तो शांति बनाने के लिए पुलिस व आर्मी दोनों एक-दूसरे का साथ देते हैं।
पुलिस हमेशा लड़कों को पकड़ती है, लड़कियों को छोड़ क्याें देती है? उज्ज्वल
जवाब- लड़कियां रुल्स फॉलो करती हैं, हेलमेट लगाती हैं, सेफ ड्राइव करती हैं। वो पुलिस से डरती हैं और अपराध नहीं करती। लेकिन लड़के नियम फॉलो नहीं करते, इसलिए उन्हें पकड़ा जाता है।
पुलिस चालान या पेनाल्टी से आए पैसे का क्या करती है? प्रवीन
जवाब- पुलिस के पास चालान या पेनाल्टी से जो भी पैसा आता है, वो सारा पैसा ट्रेजरी में सरकारी खाते में जमा कराना होता है। यह सरकार का पैसा होता है। इस पैसे को विभाग अपने मेंटेनेंस पर खर्च करता है।
पुलिस आज भी अंग्रेजों के बनाए नियम फॉलो कराती है, ऐसा क्यों? अनुभव
जवाब- पुराने नियमाें में आवश्यकता के अनुसार बदलाव भी होता रहता है। कई नियम बदले गए हैं। लेकिन सभी कानून व नियमों को बदलने की जरूरत नहीं पड़ी, इसलिए उनमें बदलाव नहीं हुआ है।
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छात्रों को ये दिए टिप्स
हेलमेट लगाकर वाहन चलाएं, आपकी और दूसरों की सुरक्षा होगी।
ड्राइविंग लाइसेंस जरूर बनवाएं।
वाहन में हमेशा ड्राइविंग लाइसेंस व वाहन पंजीकरण कागज अवश्य रखें।
सीट बेल्ट लगाकर ही कार ड्राइव करें।
अभिभावकों, मित्रों, परिचितों व पड़ोसियों को यातायात नियमों के पालन का संदेश दें।
स्पीड नियंत्रित रखकर वाहन चलाएं। ट्रिपलिंग और स्टंट से बचें।
युवा पीढ़ी का ज्ञान बढ़ाने की पहल
वाइस प्रिंसिपल राजेश शर्मा ने अमर उजाला पुलिस की पाठशाला को छात्रों का ज्ञान बढ़ाने की अच्छी पहल बताया। उन्होंने कहा हर जगह पुलिस नहीं पहुंच सकती, जनता को भी अपनी जिम्मेदारी समझकर पुलिस का सहयोग करना होगा, तभी सुरक्षित और सशक्त समाज बनेगा।
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हेलमेट के लिए अभियान चलाए पुलिस
छात्रों के साथ शिक्षकों ने भी एसपी से सवाल पूछे और कुछ सुझाव भी दिए। शिक्षक मनोज शर्मा ने कहा कि पुलिस हेलमेट लगाने के लिए अभियान चलाए, ताकि लोग हेलमेट पहनें। एसपी ने बताया कि हर साल यातायात माह मनाया जाता है, समय समय पर कई अभियान चलाकर इस तरह के आयोजन होते हैं।
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छात्रों के सवाल, एसपी के जवाब
पुलिस की नौकरी में कैसे जा सकते हैं? - वर्षा
जवाब - कांस्टेबल के लिए इंटर के बाद भर्ती होती है, इसमें शामिल हो सकती हैं। एसआई से लेकर अन्य पदों के लिए ग्रेजुएशन के बाद लिखित परीक्षा पास करना जरूरी होता है। यूपी पुलिस की वेबसाइट पर पूरी जानकारी है।
पुलिस में महिलाएं कितनी सुरक्षित हैं? - अनु यादव
जवाब - पुलिस में महिलाओं की संख्या बहुत बढ़ी है। महिलाएं इस प्रोफेशन में पूरी तरह सुरक्षित हैं। पुलिस में विशाखा गाइडलाइन को भी फॉलो किया जाता है। महिलाओं के लिए बहुत अच्छा कॅरियर है।
पुलिस में आने पर कई सामाजिक बाधाएं आती हैं, उन्हें कै से दूर करें? प्रत्यूषा शर्मा
जवाब - परिवार का सपोर्ट और खुद पर भरोसा है तो कोई भी सामाजिक बाधा कॅरियर में आड़े नहीं आती। पुलिस समाजसेवा है, इसलिए खुलकर जवाब दें।
बस स्टैंड, रेलवे स्टेशनों पर रात में फीमेल कैसे सेफ रह सकती हैं? रमन यादव
जवाब - महिलाओं की सुरक्षा के लिए 1090 वूमन हेल्पलाइन नंबर है। जो सीधे लखनऊ से जुड़ता है। उस पर शिकायत दर्ज कराएं, तुरंत आपको मदद मिलेगी। हेल्पलाइन पर शिकायत करने वाले की पहचान गुप्त रखी जाती है। महिला पुलिस की संख्या भी स्टेशनों व स्टैंडों पर नाइट ड्यूटी में बढ़ी है, ताकि महिलाएं इन स्थानों पर सेफ रहें।
स्काउट गाइड का सी सर्टिफिकेट पुलिस जॉब में मदद करेगा? प्रियांशी
जवाब- हां यह सर्टिफिकेट भर्ती के समय वेटेज दिलाएगा। मेरिट के आधार पर अतिरिक्त नंबर भी मिलेंगे।
हम मुसीबत में हों, लेकिन हेल्पलाइन पर कॉल के लिए फोन न हो तो क्या करें? सुप्रिया
जवाब - कभी भी ऐसी परिस्थिति आए तो पब्लिक बूथ का प्रयोग करें। भीड़ वाले इलाके से जाएं। टैक्सी या बस में बैठें। संदेह हो तो फौरन गाड़ी का नंबर नोट करें।
आर्मी जॉब को अच्छा और पुलिस की नौकरी को गंदा क्याें कहते हैं? काजल
जवाब - पुलिस का काम जनता के बीच रहकर उसे सुरक्षा देना है। इसलिए जनता का सीधा संवाद पुलिस से होता है, इसलिए लोग पुलिस को अच्छा और बुरा दोनों कहते हैं। आर्मी का जनता या समाज से कोई संबंध नहीं, आर्मी सरहद पर देश की सेवा करती है। जनता का उनसे सीधा मतलब नहीं है।
पुलिस रैगिंग पर कंट्रोल क्यों नहीं करती? सुमित
जवाब - रैगिंग पर रोक लगाने के लिए हर शिक्षण संस्थान में एंटी रैगिंग समिति गठित होती है। प्रिंसिपल का काम रैगिंग को रोकना होता है। फिर भी किसी स्कूल, कॉलेज में रैगिंग की शिकायत आती है तो पुलिस एक्शन लेती है।
पुलिस रिश्वत क्यों लेती है? संयम
जवाब - ऐसा नहीं है। पुलिसिया सिस्टम में काफी ट्रांसपेरेंसी है, इसलिए रिश्वत कोई पुलिस वाला नहीं ले सकता। रिश्वत लेने से ज्यादा बड़ा अपराध रिश्वत देना है। फिर भी कोई पुलिसकर्मी रिश्वत लेता पकड़ा जाता है या उसकी शिकायत आती है तो उस पर कार्रवाई जरूर होती है।
पीसीएम और कंप्यूटर वाले छात्र पुलिस में जा सकते हैं? सूर्यांश
जवाब- पुलिस की नौकरी के लिए सामान्य इंटर और सामान्य ग्रेजुएशन की जरूरत है। फिर चाहे वो बीटेक, बीए, बीएससी या बीकॉम कुछ भी हो।
पुलिस हॉर्न बजाकर क्यों आती है? नवदीप
जवाब- पुलिस को स्थान पर अपनी प्रजेंस दिखानी होती है, इसलिए वो हॉर्न बजाकर आती है। इसके अलावा लोग रास्ते से हट जाएं, ताकि समय बर्बाद न हो। इसलिए भी पुलिस हॉर्न बजाकर आती है।
कई घटनाओं को संभालने के लिए पुलिस को आर्मी की मदद क्यों लेनी पड़ती है? आकाश
जवाब- पुलिस व आर्मी दोनों का काम सुरक्षा है। जब भी लगता है कि घटना बड़ी है तो शांति बनाने के लिए पुलिस व आर्मी दोनों एक-दूसरे का साथ देते हैं।
पुलिस हमेशा लड़कों को पकड़ती है, लड़कियों को छोड़ क्याें देती है? उज्ज्वल
जवाब- लड़कियां रुल्स फॉलो करती हैं, हेलमेट लगाती हैं, सेफ ड्राइव करती हैं। वो पुलिस से डरती हैं और अपराध नहीं करती। लेकिन लड़के नियम फॉलो नहीं करते, इसलिए उन्हें पकड़ा जाता है।
पुलिस चालान या पेनाल्टी से आए पैसे का क्या करती है? प्रवीन
जवाब- पुलिस के पास चालान या पेनाल्टी से जो भी पैसा आता है, वो सारा पैसा ट्रेजरी में सरकारी खाते में जमा कराना होता है। यह सरकार का पैसा होता है। इस पैसे को विभाग अपने मेंटेनेंस पर खर्च करता है।
पुलिस आज भी अंग्रेजों के बनाए नियम फॉलो कराती है, ऐसा क्यों? अनुभव
जवाब- पुराने नियमाें में आवश्यकता के अनुसार बदलाव भी होता रहता है। कई नियम बदले गए हैं। लेकिन सभी कानून व नियमों को बदलने की जरूरत नहीं पड़ी, इसलिए उनमें बदलाव नहीं हुआ है।