यूपी के इस जिले में बालिका छात्रावास पर पुलिस ने ही किया अवैध कब्जा, टीम पहुंचते ही लटक जाते हैं ताले
- - वर्ष 1994-1995 मेें 77.35 लाख की लागत से तैयार हुआ था भवन
- - 50 कमरों मेें से 38 से अधिक कमरों पर पुलिसकर्मियों का कब्जा
विस्तार
उत्तर प्रदेश के बागपत जिला पंचायत की जमीन पर बने बालिका छात्रावास पर पुलिस ने ही अवैध कब्जा कर लिया है। अपर मुख्य अधिकारी की ओर से बार-बार पत्र लिखे जाने के बावजूद अब तक कार्रवाई नहीं हुई। पिछले दिनों सीओ बड़ौत को जांच दी गई थी, लेकिन मामला लटक गया है। भवन के 50 कमरों में से अधिकतर में पुलिसकर्मी रहते हैं।
बड़ौत के ठाकुरद्वारा के पास जिला पंचायत की ओर से साल 1994-1995 में 77.35 लाख की लागत से तैयार बालिका छात्रावास का निर्माण कराया गया था। उद्देश्य यह था कि क्षेत्र की बालिकाओं को फायदा हो।
जिला पंचायत ने श्री वर्धमान जैन शिक्षा समिति बड़ौत को मासिक किराए 38 हजार 300 रुपये किराए पर हॉस्टल तय किया था, लेकिन इससे पहले ही पुलिसकर्मी छात्रावास पर कब्जा कर बैठ गए हैं। साल बीतते गए, लेकिन अब तक भी कब्जा नहीं हटाया जा सका है।
हटवाया जाएगा अवैध कब्जा : एसपी
एसपी अभिषेक सिंह ने कहा कि किसी भी व्यक्ति का सरकारी संपत्ति पर अवैध कब्जा नहीं रहने दिया जाएगा। अगर पुलिसकर्मी काबिज हैं तो इसकी जांच होगी और अगर कोई दोषी मिलता है तो कार्रवाई की जाएगी।
टीम के पहुंचते ही लटक जाते हैं ताले
कुछ लोग यहां पर अकेले और कुछ लोग परिवार के साथ रह रहे हैं। कुछ बाहरी लोगों ने भी अपना ठिकाना बना लिया है। पुलिस-प्रशासन की टीम यहां पर जांच करने के लिए जाती है तो कब्जाधारी कमरों में ताले लगाकर चले जाते हैं।
बार-बार कर रहे पुलिस-प्रशासन को सूचित
जिला पंचायत अध्यक्ष रेणू धामा का कहना है कि अपर मुख्य अधिकारी बार-बार पत्र लिख रहे हैं। मगर, अभी तक हॉस्टल कब्जा मुक्त नहीं हुआ है। सरकार को राजस्व की हानि हो रही है।