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गबन में सरकारी गवाह बना सिपाही
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गबन में सरकारी गवाह बना सिपाही
माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। गाजियाबाद के लिंक रोड थाने में पुलिस द्वारा सीएमएस कंपनी के नोटों का बैग गायब करने के चर्चित मामले में शनिवार को स्पेशल जज भ्रष्टाचार निवारण की अदालत में आरोपी पुलिस कांस्टेबिल ओमप्रकाश ने सरकारी गवाह बनते हुए बयान दर्ज करने के लिये अर्जी दी। जिस पर सीजेएम अपूर्व सिंह की अदालत में धारा 164 सीआरपीसी के बयान दर्ज किए गए।
इस मामले के विवेचक ने अन्य सात आरोपियों के खिलाफ सर्च वारंट जारी करने की अर्जी दी है। सरकारी वकील सिराजुद्दीन अलवी ने बताया कि लिंक रोड थाने में एटीएम में कैश लोड करने वाली सीएमएस कंपनी के रुपयों का गबन हो गया था। जिसमें इंस्पेक्टर लिंक रोड ने अन्य पुलिस कर्मियों के साथ रकम बरामद की थी। बरामदगी के बाद नोटों से भरा एक बैग गायब कर दिया गया था। जिसमें इंस्पेक्टर लक्ष्मी सिंह चौहान, नवीन कुमार, बच्चू सिंह, फराज खान, धीरज भारद्वाज, सौरभ शर्मा, सचिन कुमार सहित सात आरोपियों के खिलाफ 60-70 लाख रुपये गायब करने का मुकदमा पंजीकृत हुआ था। जिसके बाद पुलिस कांस्टेबिल ओमप्रकाश ने विवेचक को अर्जी दी कि उसका इस अपराध से कोई लेना-देना नही है और पूरा घटनाक्रम आपको बता रहा हूं, और सरकारी गवाह बनना चाहता है। जिस पर विवेचक आतिश कुमार सिंह ने कांस्टेबिल ओमप्रकाश को स्पेशल जज भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम कोर्ट संख्या- 1 इरफान कमर की अदालत में पेश किया। जहां पर अदालत के आदेश के बाद ओमप्रकाश के सीजेएम अपूर्व सिंह की अदालत में धारा 164 सीआरपीसी के बयान दर्ज किए गए। वहीं, अन्य सात आरोपियों के खिलाफ पुलिस ने घरों की तलाशी लेकर गायब रकम बरामद करने के लिये सर्च वारंट की अर्जी दी है।
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माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। गाजियाबाद के लिंक रोड थाने में पुलिस द्वारा सीएमएस कंपनी के नोटों का बैग गायब करने के चर्चित मामले में शनिवार को स्पेशल जज भ्रष्टाचार निवारण की अदालत में आरोपी पुलिस कांस्टेबिल ओमप्रकाश ने सरकारी गवाह बनते हुए बयान दर्ज करने के लिये अर्जी दी। जिस पर सीजेएम अपूर्व सिंह की अदालत में धारा 164 सीआरपीसी के बयान दर्ज किए गए।
इस मामले के विवेचक ने अन्य सात आरोपियों के खिलाफ सर्च वारंट जारी करने की अर्जी दी है। सरकारी वकील सिराजुद्दीन अलवी ने बताया कि लिंक रोड थाने में एटीएम में कैश लोड करने वाली सीएमएस कंपनी के रुपयों का गबन हो गया था। जिसमें इंस्पेक्टर लिंक रोड ने अन्य पुलिस कर्मियों के साथ रकम बरामद की थी। बरामदगी के बाद नोटों से भरा एक बैग गायब कर दिया गया था। जिसमें इंस्पेक्टर लक्ष्मी सिंह चौहान, नवीन कुमार, बच्चू सिंह, फराज खान, धीरज भारद्वाज, सौरभ शर्मा, सचिन कुमार सहित सात आरोपियों के खिलाफ 60-70 लाख रुपये गायब करने का मुकदमा पंजीकृत हुआ था। जिसके बाद पुलिस कांस्टेबिल ओमप्रकाश ने विवेचक को अर्जी दी कि उसका इस अपराध से कोई लेना-देना नही है और पूरा घटनाक्रम आपको बता रहा हूं, और सरकारी गवाह बनना चाहता है। जिस पर विवेचक आतिश कुमार सिंह ने कांस्टेबिल ओमप्रकाश को स्पेशल जज भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम कोर्ट संख्या- 1 इरफान कमर की अदालत में पेश किया। जहां पर अदालत के आदेश के बाद ओमप्रकाश के सीजेएम अपूर्व सिंह की अदालत में धारा 164 सीआरपीसी के बयान दर्ज किए गए। वहीं, अन्य सात आरोपियों के खिलाफ पुलिस ने घरों की तलाशी लेकर गायब रकम बरामद करने के लिये सर्च वारंट की अर्जी दी है।
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