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Meerut News: तीसरी बार लोगों ने महसूस किए भूकंप के तीव्र झटके
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मेरठ। आठ दिन में सोमवार को तीसरी बार भूकंप के झटके महसूस किए गए। दिल्ली में दो बार और मोदीनगर में एक बार झटका महसूस किया गया। शहर में सोमवार सुबह 11:46 पर लोगों ने कंपन महसूस की। नेशनल सेंटर ऑफ सेस्मोलॉजी के अनुसार भूकंप का केंद्र दिल्ली रहा। इसकी तीव्रता 2.2 रिक्टर स्केल और यह सतह से 10 किलोमीटर नीचे रहा।
इससे पूर्व रविवार को 2.8 रिक्टर स्केल तीव्रता का भूकंप आया। इसका केंद्र शहर के बहुत नजदीक मोदीनगर रहा। सतह से यह 10 किलोमीटर नीचे था। वहीं, 17 फरवरी को भी दिल्ली सहित मेरठ के लोगों ने तीव्र झटका महसूस किया था। उसकी तीव्रता 4 रिक्टर स्केल रही। यह भूकंप सहत से 5 किलोमीटर नीचे था। कृषि विद्यालय वैज्ञानिक डॉ. यूपी साई ने बताया कि मेरठ सेस्मिक जोन चार में आता है। ऐसे में भूकंप आने की यहां संभावना बहुत अधिक बनी रहती है। उन्होंने बताया कि आमतौर पर भूकंप के झटके सालों साल महसूस नहीं होते हैं। जब धरती के नीचे टेक्टोनिक प्लेट खिसकती हैं तो झटके महसूस होते हैं। एक बार तीव्र झटका आने के बाद कुछ दिनों के अंतराल में एक के बाद झटके महसूस होते हैं। यही कारण हैं कि आठ दिन में तीसरी बार झटके महसूर किए गए। वैज्ञानिक डॉ. आरएस सेंगर ने बताया कि अभी तक कोई भी देश भूकंप की भविष्यवाणी नहीं कर पाया है। इस पर सभी देश अपने अपने स्तर पर शोध कर रहे हैं। आने वाले दिनों में अलग-अलग जगह हल्के झटके महसूस किए जा सकते हैं।
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इससे पूर्व रविवार को 2.8 रिक्टर स्केल तीव्रता का भूकंप आया। इसका केंद्र शहर के बहुत नजदीक मोदीनगर रहा। सतह से यह 10 किलोमीटर नीचे था। वहीं, 17 फरवरी को भी दिल्ली सहित मेरठ के लोगों ने तीव्र झटका महसूस किया था। उसकी तीव्रता 4 रिक्टर स्केल रही। यह भूकंप सहत से 5 किलोमीटर नीचे था। कृषि विद्यालय वैज्ञानिक डॉ. यूपी साई ने बताया कि मेरठ सेस्मिक जोन चार में आता है। ऐसे में भूकंप आने की यहां संभावना बहुत अधिक बनी रहती है। उन्होंने बताया कि आमतौर पर भूकंप के झटके सालों साल महसूस नहीं होते हैं। जब धरती के नीचे टेक्टोनिक प्लेट खिसकती हैं तो झटके महसूस होते हैं। एक बार तीव्र झटका आने के बाद कुछ दिनों के अंतराल में एक के बाद झटके महसूस होते हैं। यही कारण हैं कि आठ दिन में तीसरी बार झटके महसूर किए गए। वैज्ञानिक डॉ. आरएस सेंगर ने बताया कि अभी तक कोई भी देश भूकंप की भविष्यवाणी नहीं कर पाया है। इस पर सभी देश अपने अपने स्तर पर शोध कर रहे हैं। आने वाले दिनों में अलग-अलग जगह हल्के झटके महसूस किए जा सकते हैं।
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