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Meerut News: तीन माह में 8 करोड़ की साइबर ठगी का शिकार हुए लोग
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मेरठ। साइबर अपराधी डर और लालच को हथियार बनाकर तीन माह में 20 से ज्यादा लोगों से करीब 8 करोड़ रुपये की ठगी कर चुके हैं। अधिकतर मामलों में यह बात सामने आई है कि पढ़े-लिखे लोग साइबर ठगी की जद में आ रहे हैं। रिटायर्ड एयरफोर्स कर्मी, इंजीनियरिंग कॉलेज के रिटायर्ड प्रोफेसर, पूर्व बैंककर्मी भी साइबर अपराधियों का शिकार बन चुके हैं। ये लोग डिजिटल अरेस्ट होकर या फिर ऑनलाइन शेयर ट्रेडिंग में बड़ा मुनाफा कमाने के लालच में करोड़ों रुपये गंवा चुके हैं।
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विदेश से भी जुड़ रहे तार
देश के अलग-अलग राज्यों में बैठकर साइबर अपराधी ठगी कर रहे हैं। कुछ मामलों में साइबर ठगी के तार विदेशों से भी जुड़े हैं। पांडव नगर निवासी रिटायर्ड बैंक कर्मी और उनकी पत्नी को डिजिटल अरेस्ट कर 1.73 करोड़ की साइबर ठगी के मामले में पुलिस ने सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है। ये महाराष्ट्र, तेलंगाना, कोलकाता, राजस्थान, हरियाणा के रहने वाले हैं। एक आरोपी सक्रीत सहगल ने दुबई के आठ एटीएम से ठगी की रकम निकाली थी। वह अभी भी फरार है।
तीन माह में 37 मुकदमे दर्ज
अगस्त से अभी तक 22 मुकदमे साइबर क्राइम थाने में दर्ज हुए हैं। इनमें छह मुकदमे डिजिटल अरेस्ट और इतने ही ऑनलाइन शेयर ट्रेडिंग में मुनाफे का झांसा देकर ठगी के हैं। बाकी मुकदमे दूसरी तरह के हैं। महिलाओं के अश्लील फोटो और वीडियो वायरल करने के तीन मुकदमे भी साइबर क्राइम थाने में दर्ज हुए हैं। इसके अलावा एक लाख से कम की साइबर ठगी के करीब 15 मुकदमे अन्य थानों में भी दर्ज हुए हैं। इसके अलावा गैस या बिजली कनेक्शन काटने की धमकी देकर भी ठगी के मामले सामने आए हैं।
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पुलिस को देर से सूचना देने से होता है ज्यादा नुकसान
एसपी क्राइम अवनीश कुमार के मुताबिक साइबर ठगी के मामलों पुलिस को देर से सूचना देने पर पीड़ित का अधिक नुकसान होता है। यदि 24 घंटे के भीतर सूचना मिले तो पुलिस ठगी गई धनराशि का अधिकतर हिस्सा बैंकों में फ्रीज करा देती है। देरी होने पर आरोपी यह रकम खातों से निकाल लेते हैं। ऐसे में साइबर ठगी होने पर तत्काल पुलिस को सूचना दें या फिर राष्ट्रीय साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज करा दें।
तीन माह में साइबर ठगी के बड़े मामले
गंगासागर निवासी रुड़की इंजीनियरिंग कॉलेज के रिटायर्ड प्रोफेसर और उनकी पत्नी को शेयर ट्रेडिंग में बड़े मुनाफे का लालच देकर 3.10 करोड़ रुपये की ठगी की।
-- पांडव नगर निवासी रिटायर्ड बैंक कर्मी को सीबीआई अफसर बनकर मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में जेल भेजने की धमकी दी। वीडियो कॉल पर पत्नी के साथ पांच दिन डिजिटल अरेस्ट रखा गया और 1.73 करोड़ रुपये ठग लिए।
-देवपुरी निवासी महिला को घर बैठे कमाने का झांसा देकर 46.27 लाख की साइबर ठगी। साइबर अपराधियों ने महिला के खाते में कुछ रकम ट्रांसफर कर अपने जाल में फंसाया।
-शास्त्री नगर निवासी महिला को साइबर ठगों ने शेयर ट्रेडिंग में बड़े मुनाफे का झांसा दिया। ट्रेडिंग में लगातार मुनाफा दर्शाकर 45.25 लाख रुपये कई खातों में ट्रांसफर करा लिए।
-- कंकरखेड़ा निवासी रिटायर्ड एयरफोर्स कर्मी को मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में फंसाने की बात कहकर डराया। घर में ढाई घंटे डिजिटल अरेस्ट रख 8.37 लाख रुपये ठग लिए।
साइबर अपराध के तरीके
- ऑनलाइन शेयर ट्रेडिंग में बड़ा मुनाफे का लालच देकर ठगी।
- सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के नाम पर ठगी।
- बिजली या गैस कनेक्शन काटने का हवाला देकर ठगी।
- परिचित बनकर खाते में पैसा डालने व मांगने के नाम पर ठगी ।
- फर्जी पुलिस या सीबीआई अधिकारी बनकर भय दिखा कर ठगी।
- बेटे की फर्जी करतूत का हवाला देकर मुकदमे में फंसाने के नाम पर ठगी।
- गूगल पर फर्जी नंबर देकर ठगी।
- कस्टमर केयर के नाम पर झांसा देकर ठगी।
- ओएलएक्स पर विज्ञापन देखकर ठगी।
- कूपन व ऑफर का लालच देकर लिंक क्लिक करने के नाम पर ठगी।
- लड़की की फोटो लगाकर कॉल करना बाद में ब्लैकमेल करके ठगी।
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साइबर ठगी से बचने के उपाय
- किसी ऑफर को लेकर दो मिनट जरूर सोचें कि क्या ऐसा हो सकता है।
- डर दिखाने वालों से बचे, आपस में चर्चा जरूर करें।
- साइबर अपराध से बचने के परिवार व मित्र के साथ रिश्तेदारों को जरूर जागरूक करें।- अपना पासवर्ड किसी को न बताएं।
- अपना ओटीपी शेयर करने से बचें।
- किसी भी तरह की आशंका पर पुलिस को जरूर सूचित करें।
वर्जन
साइबर ठगी के मामलों में जागरूकता की अधिक आवश्यकता है। ठगी होने पर तत्काल 1930 पर सूचना दें। जल्द सूचना मिलने पर अधिकतर मामलों में प्रभावी कार्रवाई होती है। - अवनीश कुमार, एसपी क्राइम
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विदेश से भी जुड़ रहे तार
देश के अलग-अलग राज्यों में बैठकर साइबर अपराधी ठगी कर रहे हैं। कुछ मामलों में साइबर ठगी के तार विदेशों से भी जुड़े हैं। पांडव नगर निवासी रिटायर्ड बैंक कर्मी और उनकी पत्नी को डिजिटल अरेस्ट कर 1.73 करोड़ की साइबर ठगी के मामले में पुलिस ने सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है। ये महाराष्ट्र, तेलंगाना, कोलकाता, राजस्थान, हरियाणा के रहने वाले हैं। एक आरोपी सक्रीत सहगल ने दुबई के आठ एटीएम से ठगी की रकम निकाली थी। वह अभी भी फरार है।
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तीन माह में 37 मुकदमे दर्ज
अगस्त से अभी तक 22 मुकदमे साइबर क्राइम थाने में दर्ज हुए हैं। इनमें छह मुकदमे डिजिटल अरेस्ट और इतने ही ऑनलाइन शेयर ट्रेडिंग में मुनाफे का झांसा देकर ठगी के हैं। बाकी मुकदमे दूसरी तरह के हैं। महिलाओं के अश्लील फोटो और वीडियो वायरल करने के तीन मुकदमे भी साइबर क्राइम थाने में दर्ज हुए हैं। इसके अलावा एक लाख से कम की साइबर ठगी के करीब 15 मुकदमे अन्य थानों में भी दर्ज हुए हैं। इसके अलावा गैस या बिजली कनेक्शन काटने की धमकी देकर भी ठगी के मामले सामने आए हैं।
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पुलिस को देर से सूचना देने से होता है ज्यादा नुकसान
एसपी क्राइम अवनीश कुमार के मुताबिक साइबर ठगी के मामलों पुलिस को देर से सूचना देने पर पीड़ित का अधिक नुकसान होता है। यदि 24 घंटे के भीतर सूचना मिले तो पुलिस ठगी गई धनराशि का अधिकतर हिस्सा बैंकों में फ्रीज करा देती है। देरी होने पर आरोपी यह रकम खातों से निकाल लेते हैं। ऐसे में साइबर ठगी होने पर तत्काल पुलिस को सूचना दें या फिर राष्ट्रीय साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज करा दें।
तीन माह में साइबर ठगी के बड़े मामले
गंगासागर निवासी रुड़की इंजीनियरिंग कॉलेज के रिटायर्ड प्रोफेसर और उनकी पत्नी को शेयर ट्रेडिंग में बड़े मुनाफे का लालच देकर 3.10 करोड़ रुपये की ठगी की।
-देवपुरी निवासी महिला को घर बैठे कमाने का झांसा देकर 46.27 लाख की साइबर ठगी। साइबर अपराधियों ने महिला के खाते में कुछ रकम ट्रांसफर कर अपने जाल में फंसाया।
-शास्त्री नगर निवासी महिला को साइबर ठगों ने शेयर ट्रेडिंग में बड़े मुनाफे का झांसा दिया। ट्रेडिंग में लगातार मुनाफा दर्शाकर 45.25 लाख रुपये कई खातों में ट्रांसफर करा लिए।
साइबर अपराध के तरीके
- ऑनलाइन शेयर ट्रेडिंग में बड़ा मुनाफे का लालच देकर ठगी।
- सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के नाम पर ठगी।
- बिजली या गैस कनेक्शन काटने का हवाला देकर ठगी।
- परिचित बनकर खाते में पैसा डालने व मांगने के नाम पर ठगी ।
- फर्जी पुलिस या सीबीआई अधिकारी बनकर भय दिखा कर ठगी।
- बेटे की फर्जी करतूत का हवाला देकर मुकदमे में फंसाने के नाम पर ठगी।
- गूगल पर फर्जी नंबर देकर ठगी।
- कस्टमर केयर के नाम पर झांसा देकर ठगी।
- ओएलएक्स पर विज्ञापन देखकर ठगी।
- कूपन व ऑफर का लालच देकर लिंक क्लिक करने के नाम पर ठगी।
- लड़की की फोटो लगाकर कॉल करना बाद में ब्लैकमेल करके ठगी।
साइबर ठगी से बचने के उपाय
- किसी ऑफर को लेकर दो मिनट जरूर सोचें कि क्या ऐसा हो सकता है।
- डर दिखाने वालों से बचे, आपस में चर्चा जरूर करें।
- साइबर अपराध से बचने के परिवार व मित्र के साथ रिश्तेदारों को जरूर जागरूक करें।- अपना पासवर्ड किसी को न बताएं।
- अपना ओटीपी शेयर करने से बचें।
- किसी भी तरह की आशंका पर पुलिस को जरूर सूचित करें।
वर्जन
साइबर ठगी के मामलों में जागरूकता की अधिक आवश्यकता है। ठगी होने पर तत्काल 1930 पर सूचना दें। जल्द सूचना मिलने पर अधिकतर मामलों में प्रभावी कार्रवाई होती है। - अवनीश कुमार, एसपी क्राइम