पंचायत चुनाव : मेरठ जिला पंचायत में आरक्षण का मसौदा तैयार, चस्पा हुई सूची, जाट बहुल वार्डों में बढ़ने लगी भाजपा की मुश्किल
मेरठ जिला पंचायत वार्ड आरक्षण की सूची आज चस्पा कर दी गई। सूची के अनुसार 33 में से 13 वार्ड अनारक्षित रहेंगे, जबकि 11 पदों पर महिलाएं चुनाव लड़ेंगी। सूची से कई निवर्तमान दावेदारों को झटका लगा है, तो कई को राहत मिली है।
निवर्तमान सदस्यों में पूर्व मंत्री शाहिद मंजूर के बेटे नवाजिश आलम का वार्ड 30 महिला के लिए आरक्षित हो गया है। ऐसे में वह खुद तो चुनाव नहीं लड़ सकते, लेकिन अपने परिवार की महिला को चुनाव लड़ा सकते हैं। वार्ड 31 से निवर्तमान सदस्य भाजपा के रोहताश पहलवान का वार्ड पिछड़ा वर्ग महिला के लिए आरक्षित हो गया है।
जिला पंचायत अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ चुकीं सपना हुड्डा का वार्ड अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित हो गया है। निवर्तमान जिपं. अध्यक्ष कुलविंदर सिंह का वार्ड 01 जहां अनारक्षित है, तो पूर्व अध्यक्ष सीमा प्रधान का वार्ड 02 पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित हुआ है। ये दोनों चुनाव लड़ सकते हैं।
डॉ. मीनाक्षी भराला का वार्ड 14 सामान्य महिला के लिए आरक्षित हुआ है। ऐसे में अब उनके सामने भी मुश्किल खड़ी हो गई हैं। अपने वार्ड को छोड़कर अब दावेदार सुरक्षित वार्ड की तलाश में जुट गए हैं। वहीं, आरक्षण पर आपत्तियां मांगी जाएंगी, निस्तारण कर अंतिम सूची जारी की जाएगी। ग्राम प्रधान, जिपं. सदस्य, ब्लॉक प्रमुख की आरक्षण सूची सोमवार देर रात तक बनाने का कार्य होता रहा।
यह है वार्ड आरक्षण की स्थिति
अनारक्षित: 13 वार्ड
-01, 04, 05, 07, 08, 15, 17, 18, 19, 20, 21, 23, 28
महिला : 05 वार्ड
-14, 26, 27, 29, 30
पिछड़ा वर्ग : 05 वार्ड
-12, 02, 03, 06, 11
पिछड़ा वर्ग महिला : 03 वार्ड
-10, 24, 31
अनुसूचित जाति : 04 वार्ड
-09, 13, 32, 33
अनुसूचित जाति महिला : 03 वार्ड
-16, 22, 25
जाट बहुल वार्डों में बढ़ने लगी भाजपा की मुश्किल
किसान आंदोलन की आंच पश्चिमी उत्तर प्रदेश में तेजी से बढ़ रही है। जिस तरह मुजफ्फरनगर में भाजपा नेताओं का विरोध हो रहा है, वैसा ही माहौल मेरठ में भी बनने लगा है। नेताओं को राजनीतिक कार्यक्रमों ही नहीं, निजी कार्यक्रमों से दूर रखा जा रहा है।
जिला पंचायत में 33 वार्ड हैं। इनमें 17 वार्ड में सीधे या आंशिक रूप से जाट मतदाता प्रभावी हैं। 12 वार्ड तो सीधे तौर पर जाट वोटों से प्रभावित हैं। इनमें हस्तिनापुर और सरधना विधानसभा के 3-3 वार्ड, सिवालखास के 4 और किठौर विधानसभा के 2 वार्ड हैं। विपक्षी दल बदले माहौल को भुनाने के लिए आगे आ गए हैं।
मुस्लिम और दलित वोट तो पहले से ही भाजपा से कटे हुए थे, अब जाटों की नाराजगी ने चुनावी गणित ज्यादा बिगाड़ दिया है। भाजपा सूत्रों के मुताबिक माहौल को भांपने और अगली रणनीति के लिए भाजपा महानगर इकाई के दिग्गजों को वार्ड प्रभारियों का दायित्व दिया गया है।
निमंत्रण के बाद आने से रोका
भाजपा के खिलाफ माहौल की बानगी ये है कि जिन भाजपा नेताओं को जाट बिरादरी के कार्यकर्ताओं और मित्रों ने कार्यक्रमों का निमंत्रण दिया था, अब फोन कर उनसे आने से मना कर रहे हैं।
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