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पंचायत चुनाव: सियासी दल सक्रिय, आरक्षण तय होने पर ही खोलेंगे पत्ते, नजर रख रही पुलिस
Sat, 02 Jan 2021 01:47 PM IST
Dimple Sirohi
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
Published by: Dimple Sirohi
Updated Sat, 02 Jan 2021 01:47 PM IST
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पंचायत चुनाव
- फोटो : अमर उजाला
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पंचायत चुनाव के लिए सभी राजनीतिक दल सक्रिय हो गए हैं। हालांकि सभी की तैयारी को आरक्षण ने फंसा रखा है। राजनीतिक दल समर्थित प्रत्याशी आरक्षण तय न होने के कारण घोषित नहीं किए जा रहे हैं। दावेदारों में वर्तमान जिला पंचायत सदस्य ही नहीं, नए और निर्दलीय भी हैं। सभी अपने-अपने क्षेत्र में संपर्क और प्रचार में जुट गए हैं। राजनीतिक दलों से दावेदारी करने वालों ने अपने आकाओं पर अपने पक्ष में आरक्षण कराने का दबाव बढ़ा दिया है।
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चुनाव मार्च माह में होना है। जिला पंचायत के साथ ही क्षेत्र पंचायत के वार्ड परिसीमन का काम हो चुका है। मतदाता सूची के पुनरीक्षण अभियान के बाद उसकी ड्राफ्ट सूची प्रकाशित होने के बाद दावे और आपत्तियों को निपटाया जा रहा है।
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इन सबके बीच सबसे बड़ी बाधा जिला पंचायत, क्षेत्र पंचायत के वार्ड आरक्षण के साथ ग्राम पंचायतों के आरक्षण को लेकर खड़ी हो रही है। राजनीतिक दल आरक्षण के इंतजार में प्रभावशाली प्रत्याशी तय नहीं कर पा रहे हैं। भाजपा ने चुनाव के लिए पश्चिमी क्षेत्र के महामंत्री हरीश ठाकुर को पश्चिम का चुनाव संयोजक नियुक्त किया है। जल्दी ही जनपदवार चुनाव प्रभारियों और संयोजकों की भी सूची जारी हो जाएगी।
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15 जनवरी के बाद घोषित होगा आरक्षण
सूत्रों के अनुसार 15 जनवरी के बाद आरक्षण की प्रक्रिया शुरू होगी। अभी शासन स्तर पर मंथन चल रहा है कि आरक्षण चक्रानुक्रम अर्थात जो पहले था, उसे बदलते हुए किया जाए या नए स्तर से किया जाए?
जिला पंचायत अध्यक्ष आरक्षण पर ज्यादा नजर
जिला पंचायत की राजनीति के धुरंधरों की नजर अध्यक्ष पद के आरक्षण पर है। इनमें कई दावेदार ऐसे हैं, जो अध्यक्ष पद का आरक्षण अनुकूल नहीं होने पर खुद को चुनावी दौड़ से बाहर कर लेंगे।
पुलिस मित्र रखेंगे अपराधियों और उनके करीबियों पर नजर
साल 2021 में पंचायत चुनाव चुनौती भरा रहेगा। जेल में बंद अपराधी भी जिला पंचायत, प्रधान, बीडीसी और ब्लॉक प्रमुख बनने की तैयारी में जुटे हैं। अपराधियों और उनके कई करीबी दावेदारों के चुनाव मैदान में उतरने के मद्देनजर गांव-गांव में पुलिस मित्र बनाने की बात कही जा रही है। जेल में बंद अपराधियों को वहीं रोकने के लिए भी पुलिस प्रयास कर रही है।
पुलिस का कहना कि कई सालों से जेल में बंद शातिर अपराधियों को कई मामलों में जमानत मिल गई। इनमें से कई पर गैंगस्टर और गुंडा एक्ट की कार्रवाई कर जेलों में रोका गया है। जिन गांवों में अपराधी या उनके करीबी दावेदारी कर रहे हैं, उनका रिकॉर्ड जुटाया जाएगा। सुरक्षा के मद्देनजर गांव के जिम्मेदार लोगों के साथ पुलिस बैठक करेगी।
यह भी पढ़ें: कोरोना: मेरठ में 13 लाख लोगों को लगेगा टीका, डीएम और सीएमओ ने लिया तैयारियों का जायजा
सोशल मीडिया पर रहेगी नजर
एसएसपी अजय साहनी का कहना है कि 2020 में कोरोना के चलते पुलिस के सकारात्मक अभियान नहीं चल सके। 2021 में उन्हें पूरा किया जाएगा। ज्यादा से ज्यादा लोगों से पुलिस समन्वय बनाकर पुलिस मित्र अभियान चलाएगी। सोशल मीडिया पर सभी संदिग्ध गतिविधियों और भड़काऊ पोस्ट पर पैनी नजर रहेगी।
संगठित अपराध पर रहेगा फोकस
मेरठ रेंज के आईजी प्रवीण कुमार का कहना है कि 2021 में संगठित अपराध पर पुलिस का फोकस रहेगा। नए अपराधी नहीं बनने देंगे। 2020 में महिला हेल्प डेस्क और मिशन शक्ति अभियान चलाया गया है। इसका असर 2021 में देखने को मिलेगा। महिला अपराध पर अंकुश लगाने का सरकार का अभियान सकारात्मक होगा।
अपराधियों पर अंकुश को प्राथमिकता
आगामी पंचायत चुनाव में अपराधियों पर अंकुश और भ्रष्टाचार पर नियंत्रण प्राथमिकता में है। महिला सुरक्षा के मद्देनजर मिशन शक्ति अभियान जारी रहेगा। - राजीव सभरवाल, एडीजी, मेरठ जोन
जिला पंचायत की राजनीति के धुरंधरों की नजर अध्यक्ष पद के आरक्षण पर है। इनमें कई दावेदार ऐसे हैं, जो अध्यक्ष पद का आरक्षण अनुकूल नहीं होने पर खुद को चुनावी दौड़ से बाहर कर लेंगे।
पुलिस मित्र रखेंगे अपराधियों और उनके करीबियों पर नजर
साल 2021 में पंचायत चुनाव चुनौती भरा रहेगा। जेल में बंद अपराधी भी जिला पंचायत, प्रधान, बीडीसी और ब्लॉक प्रमुख बनने की तैयारी में जुटे हैं। अपराधियों और उनके कई करीबी दावेदारों के चुनाव मैदान में उतरने के मद्देनजर गांव-गांव में पुलिस मित्र बनाने की बात कही जा रही है। जेल में बंद अपराधियों को वहीं रोकने के लिए भी पुलिस प्रयास कर रही है।
पुलिस का कहना कि कई सालों से जेल में बंद शातिर अपराधियों को कई मामलों में जमानत मिल गई। इनमें से कई पर गैंगस्टर और गुंडा एक्ट की कार्रवाई कर जेलों में रोका गया है। जिन गांवों में अपराधी या उनके करीबी दावेदारी कर रहे हैं, उनका रिकॉर्ड जुटाया जाएगा। सुरक्षा के मद्देनजर गांव के जिम्मेदार लोगों के साथ पुलिस बैठक करेगी।
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सोशल मीडिया पर रहेगी नजर
एसएसपी अजय साहनी का कहना है कि 2020 में कोरोना के चलते पुलिस के सकारात्मक अभियान नहीं चल सके। 2021 में उन्हें पूरा किया जाएगा। ज्यादा से ज्यादा लोगों से पुलिस समन्वय बनाकर पुलिस मित्र अभियान चलाएगी। सोशल मीडिया पर सभी संदिग्ध गतिविधियों और भड़काऊ पोस्ट पर पैनी नजर रहेगी।
संगठित अपराध पर रहेगा फोकस
मेरठ रेंज के आईजी प्रवीण कुमार का कहना है कि 2021 में संगठित अपराध पर पुलिस का फोकस रहेगा। नए अपराधी नहीं बनने देंगे। 2020 में महिला हेल्प डेस्क और मिशन शक्ति अभियान चलाया गया है। इसका असर 2021 में देखने को मिलेगा। महिला अपराध पर अंकुश लगाने का सरकार का अभियान सकारात्मक होगा।
अपराधियों पर अंकुश को प्राथमिकता
आगामी पंचायत चुनाव में अपराधियों पर अंकुश और भ्रष्टाचार पर नियंत्रण प्राथमिकता में है। महिला सुरक्षा के मद्देनजर मिशन शक्ति अभियान जारी रहेगा। - राजीव सभरवाल, एडीजी, मेरठ जोन