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विकास से पहले का दर्द : शहर की तस्वीर बदलने का दावा, फिलहाल नरक बनीं महानगर की सड़कें

Tue, 30 Dec 2025 02:34 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Tue, 30 Dec 2025 02:34 AM IST
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Pain before development: Claims of transforming the city, yet the metropolis' roads have become hell.
मेरठ। महानगर की 30 प्रमुख सड़कों और 18 नालों को एक साथ खोदकर छोड़ दिया गया है। इससे पूरा शहर परेशान हो चुका है। अधिकारी इसे भविष्य का सुनहरा मेरठ कह रहे हैं लेकिन भीषण कोहरे के मौसम में यह लापरवाही लोगों की जान की दुश्मन बनी हुई है। जिला प्रशासन और नगर निगम का दावा है कि निर्माणाधीन सड़कों और स्मार्ट नालों से मेरठ की तस्वीर बदल जाएगी लेकिन फिलहाल यह विकास मेरठ वालों के लिए एक दर्द बन गया है।
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मेरठ इस वक्त भीषण कोहरे की चपेट में है। विजिबिलिटी शून्य होने के कारण सड़कों पर कुछ फीट आगे का भी नजर नहीं आ रहा। ऐसे में सड़कों के किनारे खुदे गहरे नाले और बीच सड़क पर फैला मलबा मौत का फंदा साबित हो रहा है। गढ़ रोड से लेकर दिल्ली रोड तक वाहन चालक यह समझ ही नहीं पा रहे कि सड़क कहां खत्म हो रही है और गहरा नाला कहां शुरू। कोहरे में दृश्यता कम होने से दुर्घटनाओं की आशंका कई गुना बढ़ गई है।
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एक ठेकेदार की मनमानी और अधिकारियों की मेहरबानी

विकास की इस कछुआ चाल की सबसे बड़ी वजह प्रशासनिक स्तर पर की गई बंदरबांट है। सीएम ग्रिड योजना के तहत शहर की पांच सबसे महत्वपूर्ण सड़कों का ठेका एक ही फर्म (ठेकेदार) को दे दिया गया।
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नतीजा यह है कि न तो लेबर पर्याप्त है और न ही मशीनरी। एक जगह काम शुरू होता है तो दूसरी जगह काम बंद हो जाता है। गढ़ रोड पर पिछले दो महीनों से धूल उड़ रही है लेकिन अब तक एक इंच भी सड़क नहीं बन पाई है। यही हाल वेस्टर्न कचहरी रोड का है जिसे खोदकर एक महीने से अधूरा छोड़ दिया गया है।



घटिया निर्माण और प्रदूषण का दोहरा प्रहार

प्रशासनिक दावों की पोल खोलते हुए स्थानीय लोगों ने सड़क और नाला निर्माण में घटिया सामग्री के इस्तेमाल का गंभीर आरोप लगाया है। खत्ता रोड पर तो ठेकेदार ने हद ही कर दी। यहां नाले का सारा मलबा और कीचड़ सड़क पर ही डाल दिया। इससे वहां से गुजरना पैदल चलने वालों और दोपहिया वाहनों के लिए जान जोखिम में डालने जैसा है। उड़ती धूल के कारण प्रदूषण का स्तर खतरनाक श्रेणी में है जिससे स्कूली बच्चों और मरीजों का दम घुट रहा है।



इन जगहों पर काम जारी

शहर का कोई कोना ऐसा नहीं बचा जहां खुदाई न हो। गढ़ रोड स्थित गांधी आश्रम के सामने, दिल्ली रोड पर बेगमपुल से केसरगंज तक, कमिश्नर आवास चौराहे से सर्किट हाउस, कमिश्नरी चौराहे से वेस्टर्न कचहरी रोड (बच्चा पार्क तक), खत्ता रोड, शकूर नगर, माधवपुरम, ब्रह्मपुरी, पल्लवपुरम, कंकरखेड़ा और घंटाघर से रेलवे रोड चौराहे सहित कुल 48 स्थानों पर काम अधर में है।



ठेकेदार पर लगाया 1 लाख का जुर्माना

जनता के बढ़ते गुस्से और शहर के नरकीय हालात को देखते हुए नगर आयुक्त सौरभ गंगवार ने कड़ी नाराजगी जताई है। उन्होंने सीएम ग्रिड योजना के ठेकेदार पर एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। साथ ही सख्त अल्टीमेटम दिया है कि यदि निर्माण शुरू होने के 3 महीने के भीतर कार्य पूरा नहीं किया गया तो ठेकेदार के अंतिम भुगतान से बड़ी कटौती की जाएगी।




जिन ठेकेदारों ने कार्य अधूरा छोड़ा है उन्हें नगर निगम की ओर से नोटिस भेजा गया है। एक लाख का जुर्माना लगाया गया है। 3 महीने में कार्य पूरा न होने पर कड़ी कार्रवाई होगी। शासन स्तर से भी इसकी मॉनीटरिंग की जा रही है। — सौरभ गंगवार, नगर आयुक्त
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