मेरठ: अस्पतालों में पैदा हो सकता है ऑक्सीजन का संकट, जानें आखिर क्या है असली वजह
- हालात नहीं सुधरने पर आने वाले दिनों में बढ़ सकता है संकट
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मेरठ में कोरोना मरीजों की बढ रही संख्या से आने वाले दिनों में अस्पतालों में ऑक्सीजन का संकट पैदा हो सकता है। हालांकि फिलहाल मांग के हिसाब से आपूर्ति हो रही है लेकिन रफ्तार यही रही तो परेशानी होना तय है।
इस बीच कोविड-19 का इलाज कर रहे अस्पतालों में ऑक्सीजन की मांग बढ़ने के कारण नॉन कोविड का इलाज करने वाले अस्पतालों में ऑक्सीजन सिलिंडर की कीमत बढ़ा दी गई है। 400 रुपये में मिल रहा ऑक्सीजन सिलिंडर अब करीब 600 रुपये का मिल रहा है।
एलएलआरएम मेडिकल कॉलेज में साढे पांच टन का लिक्विड ऑक्सीजन टैंक है, जिसमें 48 घंटे का बैकअप रहता है। पिछले महीने तक यहां डेढ़ से दो टन लिक्विड ऑक्सीजन का इस्तेमाल हर रोज हो रहा था, लेकिन अब यह तीन से साढ़े तीन टन पहुंच गया है। कोविड-19 के इलाज में सिर्फ लिक्विड ऑक्सीजन का इस्तेमाल किया जा रहा है।
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जहां तक ऑक्सीजन सिलिंडर की बात है तो 7 क्यूबिक मीटर के 80 से 90 सिलिंडर कोविड-19 से पहले और इस दौरान भी इस्तेमाल होते थे, लेकिन सितंबर में इमरजेंसी में 125 से 150 तक सिलिंडर रोजाना इस्तेमाल किए जा रहे हैं।
दरअसल, अब नॉन कोविड मरीजों की संख्या में भी बढ़ोतरी हुई है। इसके अलावा चिकित्सकों की कोशिश रहती है कि मरीजों में ऑक्सीजन की थोड़ी भी कमी न होने पाए। 40 से 50 सिलिंडर का बैकअप रखना पड़ता है।
मेडिकल कॉलेज के एनेस्थीसिया विभाग के प्रभारी डॉ. विपिन धामा का कहना है कि ऑक्सीजन की मांग बढ़ने के कारण भविष्य में लिक्विड ऑक्सीजन टैंक की क्षमता बढ़ाने की योजना बनाई जा रही है।
50 बेड बढ़ेंगे तो और बढ़ेगी मांग: प्राचार्य
मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. ज्ञानेंद्र कुमार का कहना है कि मेडिकल कॉलेज में में कोविड के मरीजों के लिए 50 बेड बढ़ाने की तैयारी है। पहले यहां 70 से 80 मरीज भर्ती रहते थे, अब 130 से ज्यादा मरीज भर्ती हैं। मरीज बढ़ने पर ऑक्सीजन की मांग भी बढ़ेगी।
किसी भी अस्पताल में कमी नहीं
अभी मेरठ के किसी अस्पताल में भी ऑक्सीजन की कमी नहीं है। सुभारती अस्पताल में लिक्विड ऑक्सीजन टैंक से सप्लाई होती है। इसके अलावा उनके पास ऑक्सीजन बनाने के संयंत्र भी हैं। मुलायम सिंह यादव मेडिकल कॉलेज और धन सिंह कोतवाल अस्पताल में गंभीर कोविड मरीज नहीं रखे जाते हैं। - डॉ. राजकुमार, सीएमओ
मेडिकल कालेज में अब 150 तक ऑक्सीजन सिलिंडर भेजे जा रहे हैं, पिछले महीने तक 80-90 सिलिंडर तक भेजे जाते थे। मिलिट्री अस्पताल भेजे जाने वाले सिलिंडर की संख्या भी 20-30 से बढ़कर 50-55 हो गई है। - विशाल अग्रवाल, आपूर्तिकर्ता, मेसर्स अग्रवाल गैस
कोरोना का इलाज कर रहे अस्पतालों में ऑक्सीजन की ज्यादा खपत हो रही है। निजी अस्पतालों और नर्सिंग होम में अब ऑक्सीजन सिलिंडर महंगे दाम पर मिल रहे हैं। करीब डेढ़ गुना तक कीमत बढ़ा दी गई है। - डॉ. नवीन शर्मा, अध्यक्ष, आईएमए मेरठ