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योगी का आदेश न मानना पड़ गया महंगा, लखनऊ से फोन पर मिली फटकार, होश उड़े

Sun, 26 Mar 2017 11:02 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, मेरठ
अमर उजाला ब्यूरो, मेरठ Updated Sun, 26 Mar 2017 11:02 AM IST
सार

‘अमर उजाला’ ने अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य को अवगत कराया तो हरकत में आया शासन, सीएमओ ऑफिस ने भर्ती प्रक्रिया पर रोक होने के बाद भी करा दिए साक्षात्कार, आला अफसरों ने कड़ी फटकार के साथ दिया तत्काल भर्ती प्रक्रिया रोकने का आदेश 

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Omission of the order of the yogi, health department was recruited, officials shouted
योगी आदित्यनाथ

विस्तार

मुख्यमंत्री से लेकर शासन के आदेशों की अवहेलना करते हुए संविदा भर्ती के साक्षात्कार कराना स्वास्थ्य विभाग को महंगा पड़ा है। शासन ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाते हुए तत्काल भर्ती प्रक्रिया रोकने के आदेश दिए हैं। शासन में बैठे उच्चाधिकारियों ने पूछा कि आखिरकार मुख्यमंत्री के स्पष्ट आदेश के बाद भी साक्षात्कार प्रक्रिया कैसे आयोजित करा ली। 

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इस पूरे मामले में जिला प्रशासन की भी खिंचाई की गई है कि आखिरकार उसकी तरफ से सारे मामले पर संज्ञान क्यों नहीं लिया गया। क्यों इस तरह से साक्षात्कार प्रक्रिया को आयोजित होने दिया गया। ऐसे में आनन- फानन में सीएमओ कार्यालय ने भर्ती प्रक्रिया पर अग्रिम आदेश तक रोक लगा दी है। दरअसल मुख्यमंत्री कार्यालय की तरफ से सभी विभागों के आदेश जारी किया गया था कि अग्रिम आदेश तक किसी भी विभाग में खाली पड़े पदों को भरने के लिए नियुक्ति प्रक्रिया आयोजित नहीं की जाए। इसके पीछे सरकार की मंशा जहां भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने की बताई गई तो उसके लिए नए सिरे से भर्ती प्रक्रिया से जुड़े नियम बनाने पर विचार किया जाना बताया गया। लेकिन इसके बावजूद भी सीएमओ कार्यालय भर्ती प्रक्रिया में लगा था।
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परिणाम से पहले प्रक्रिया
 शुक्रवार को तंबाकू रोकथाम, कैंसर, हार्ट से लेकर ओरल डिजीज की रोकथाम के लिए संचालित किये जा रहे सात प्रोग्रामों में खाली पड़े पदों को भरने के लिए साक्षात्कार लिया गया। करीब 16 पदों को लेकर होने वाली नियुक्तियों को लेकर सीएमओ कार्यालय से शुरूआत विधानसभा चुनाव के परिणाम सामने आने के पहले से ही कर ली गई थी। जबकि नयी सरकार ने इसे रोकने के स्पष्ट आदेश दे दिए थे।
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अपर मुख्य सचिव से वार्ता के बाद एक्शन 
सीएमओ दफ्तर के द्वितीय तल पर चल रही साक्षात्कार प्रक्रिया को लेकर दोपहर 1:11 बजे अमर उजाला के संवाददाता ने अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य अरुण कुमार सिंह को फोन कर पूछा कि क्या रोक के बाद साक्षात्कार प्रक्रिया चल सकती है। उसके बाद उन्होंने कहा कि अभी सारे मामले को दिखवाता हूं। उसके बाद शासन में हलचल शुरू हो गई। वहां पर मुख्यमंत्री कार्यालय से जारी आदेश को निकलवाया गया और फिर सीधे सीएमओ डॉ. वीरेंद्र कुमार सिंह को फोन कर पूछा गया कि आखिरकार साक्षात्कार किस आधार पर आयोजित किये जा रहे हैं। शासन के तरफ से सख्त लहजे में कहा गया कि तत्काल अग्रिम आदेश तक सारी प्रक्रिया को रोकिये। 

बढ़ी मुश्किलें, देना होगा जवाब 
भर्ती प्रक्रिया पर रोक के बाद भी साक्षात्कार कराने पर सीएमओ से लेकर जिला प्रशासन को जवाब देना पड़ सकता है। शासन की तरफ से दोनों विभागों से जवाब-तलब किये जाने का निर्देश दिया गया है। क्योंकि यह सीधे तौर पर मुख्यमंत्री के आदेशों की अवहेलना है, जिस पर कार्रवाई हो सकती है। 


हमें तो जानकारी नहीं थी
मेरठ सीएमओ डॉ. वीपी सिंह ने बताया कि हमें जानकारी नहीं थी कि किसी भी तरह की भर्ती प्रक्रिया पर रोक लगी है। शासन ने आदेश दिया है तो हमें उसे मानना है। अग्रिम आदेश तक तत्काल किसी भी तरह की भर्ती प्रक्रिया पर रोक लगी दी है। साथ ही शुक्रवार को हुए साक्षात्कार की चयन सूची जारी करने पर भी रोक लगा दी है। हम सरकार के नुमाइंदे हैं, तो आदेशों का हर हाल में पालन होगा। 

‘अमर उजाला’ ने अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य को अवगत कराया तो हरकत में आया शासन, सीएमओ ऑफिस ने भर्ती प्रक्रिया पर रोक होने के बाद भी करा दिए साक्षात्कार, आला अफसरों ने कड़ी फटकार के साथ दिया तत्काल भर्ती प्रक्रिया रोकने का आदेश 
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