ओमिक्रॉन का खतरा: विदेश से मेरठ आए 17 लोगों समेत 3578 लोगों की रिपोर्ट नेगेटिव
मेरठ में विदेश से आए 17 लोगों समेत अब तक 3578 सैंपलों की जांच की गई, जिनमें किसी को भी कोरोना की पुष्टि नहीं हुई। अब किसी को कोरोना की पुष्टि होगी तो उसका सैंपल जीनोम सिक्वेंसिंग के लिए दिल्ली और लखनऊ भेजा जाएगा।
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मेरठ में कोरोना वायरस के नए वेरिएंट ओमिक्रॉन के डर से बुधवार को फोकस सैंपलिंग के तहत 242 लोगों के सैंपल लिए गए। दौराला, इस्लामाबाद, जानी खुर्द और मलियाना में अभियान चला। इनकी रिपोर्ट बृहस्पतिवार को आएगी। संविदा स्वास्थ्यकर्मियों की हड़ताल के कारण सरकारी और निजी अस्पतालों व विश्वविद्यालयों में बड़े स्तर पर सैंपलिंग नहीं हो सकी।
दूसरी तरफ, विदेश से आए 17 लोगों समेत 3578 सैंपलों की जांच की गई, जिनमें किसी को भी कोरोना की पुष्टि नहीं हुई। अब किसी को कोरोना की पुष्टि होगी तो उसका सैंपल जीनोम सिक्वेंसिंग के लिए दिल्ली और लखनऊ भेजा जाएगा। अभी दो सक्रिय केस हैं, जो डॉक्टर दंपती हैं।
मेडिकल का सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक फिर बनेगा कोविड अस्पताल
अगर कोरोना के मरीजों की संख्या बढ़ती है तो एलएलआरएम मेडिकल कॉलेज के सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक को फिर कोविड अस्पताल बनाया जाएगा। यहां 400 बेड हैं। जरूरत के हिसाब से एक-एक करके वार्ड बनाए जाएंगे।
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कोरोना के पीक में मेरठ ही नहीं, पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मरीजों को भी यहां इलाज मिला था। इसके अलावा सुभारती और अन्य निजी अस्पतालों को भी अलर्ट मोड पर रखा गया है। सीएमओ डॉ. अखिलेश मोहन ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग कोरोना से निपटने के लिए तैयारी कर रहा है।
13048 लोगों ने लगवाया कोरोनारोधी टीका
187 बूथों पर बुधवार को 13048 लोगों ने कोरोना से बचाव का टीका लगवाया। हालांकि लक्ष्य 187 बूथों पर 75 हजार लोगों को टीका लगाने का था। बृहस्पतिवार को 191 बूथों पर 75 हजार लोगों को टीका लगाने का लक्ष्य है। अब तक 1979397 लोग पहली डोज लगवा चुके हैं, जबकि इनमें से 1107657 लोगों ने दोनों डोज लगवा ली हैं। जिले में कुल 2572404 लोगों को टीका लगाया जाना है।
डेंगू के चार मरीज मिले
डेंगू के बुधवार को चार नए मरीज मिले। इस साल मरीजों की संख्या 1638 पहुंच गई है। इनमें से 1551 मरीज ठीक हो चुके हैं, जबकि 87 सक्रिय केस हैं। 15 मरीज अस्पतालों में भर्ती हैं और 72 घर पर इलाज करा रहे हैं। नए मरीज खरखौदा, रजपुरा, जयभीमनगर और संजयनगर के रहने वाले हैं।