बेहाल व्यवस्थाएं: अफसर सड़क सुरक्षा का पाठ पढ़ा रहे थे, उन्हीं के सामने रोडवेज बस ने ले ली सराफ की जान
मेरठ के भैसाली बस अड्डे पर सड़क सुरक्षा सप्ताह के अंतर्गत अफसर सुरक्षा का पाठ पढ़ा रहे थे कि उन्हीं के सामने एक अनियंत्रित बस ने एक सराफ को टक्कर मारकर सराफ की जान ले ली। मृतक राजकुमार राजकुमार वर्मा नानू गांव की दुकान खुद देखते थे। बेटे हिमांशू ने बताया कि शुक्रवार को उनका दुकान जाने का मन नहीं था लेकिन मौत उन्हें बाहर ले आई। परिजनों में सराफ की मौत से कोहराम मच गया।
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ब्रह्मपुरी मास्टर कालोनी निवासी राजकुमार वर्मा (45) की सरधना के नानू में सराफा की दुकान है। वह रोडवेज बस से आना-जाना करते थे। शुक्रवार को भी बस पकड़ने के लिए रोडवेज बस अड्डे पहुंचे। बस अड्डे के अंदर बस के इंतजार में खड़े थे, तभी अनियंत्रित तेज रफ्तार अनुबंधित बस ने उन्हें टक्कर मार दी। वह बेसुध होकर गिर गए। वहीं चालक बस छोड़कर फरार हो गया।
हादसा स्थल के सामने चंद कदम पर ही रोडवेज का सड़क सुरक्षा सप्ताह कार्यक्रम चल रहा था। मौके पर सजे खड़े सड़क सुरक्षा के प्रचार वाहन से ही राजकुमार वर्मा को अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने मोबाइल से मिले नंबर पर संपर्क कर परिजनों को सूचना दी। कुछ ही देर में उनका बेटा हिमांशु व दीपांशु रोते-बिलखते अपने परिजनों के साथ सदर बाजार थाने आ गए। बाद में पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर मोर्चरी भिजवा दिया।
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तत्काल हादसा स्थल पर नहीं पहुंचा कोई अफसर
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि कैंट विधायक सत्यप्रकाश अग्रवाल, आरटीओ हिमेश तिवारी, एडीएम सिटी अजय तिवारी, सिटी मजिस्ट्रेट सतेंद्र कुमार सिंह, सीओ अमित राय के अलावा रोडवेज के अधिकारी मौजूद थे, लेकिन कोई तत्काल मौके पर नहीं पहुंचा। काफी देर बाद यह लोग हादसा स्थल पर पहुंचे, लेकिन तब वहां कुछ नहीं था।
बस अड्डे के अंदर लापरवाही करते हैं चालक
बस अड्डे में प्रवेश के लापरवाही से बस चलाने के चलते कई बार बस अड्डे के अंदर हादसे हो चुके हैं। बस की रफ्तार देख यात्री खुद ही बचने के लिए भागते दिखाई देते हैं। यह दृश्य रोडवेज बस अड्डे के अंदर आमतौर पर हर रोज ही दिखाई देता है।
दुकान जाने का मन नहीं था, मौत ले आई बाहर
राजकुमार वर्मा नानू गांव की दुकान खुद देखते थे। एक दुकान उन्होंने बेटे हिमांशु के लिए शहर में ही खुलवाई थी। थाने में बिलखते हुए हिमांशु ने बताया कि हर रोज सुबह वह ठीक समय पर दुकान के लिए निकल जाते थे। शुक्रवार सुबह कुछ अस्वस्थ महसूस कर रहे थे। जैसे-तैसे मन मानकर तैयार हो गए। घर से निकलने से पहले भी कहने लगे कि आज दुकान जाने का मन नहीं कर रहा। हिमांशु ने मना भी किया लेकिन, वह चल दिए।
कार्यक्रम में चालकों से निर्धारित गति से बस चलाने की अपील
शुक्रवार को शुरू हुए सड़क सुरक्षा सप्ताह में भी हर बार की तरह एक प्रचार वाहन को सड़क पर उतार दिया गया। मुख्य अतिथि कैंट विधायक सत्यप्रकाश अग्रवाल ने मौजूद अधिकारियों व रोडवेज कर्मचारियों को सड़क सुरक्षा की शपथ दिलाई। सीओ ट्रैफिक अमित राय ने रोडवेज चालकों से यात्रियों का जीवन सुरक्षित रखने के लिए बसों को निर्धारित गति से ही चलाने की अपील की।