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Meerut News: अब शहर की सड़कों पर नहीं चलेंगे स्कूटर और बाइक के जुगाड़
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मेरठ। अब शहर की सड़कों पर स्कूटर व बाइक से बने जुगाड़ नहीं चल पाएंगे। ऐसे वाहनों को संभागीय परिवहन विभाग ने जब्त करने की कार्रवाई शुरू की हुई है। 11 दिन में ऐसे लगभग 50 जुगाड़ जब्त किए गए हैं। 30 अप्रैल तक शहर को जुगाड़मुक्त करने की तैयारी है।
शहर हो या देहात। कहीं पर भी सड़कों पर बगैर रजिस्ट्रेशन, फिटनेस, 10 और 15 साल उम्र पूरी करने वाले वाहन, व जुगाड़ बनाकर तैयार किए गए वाहनों को चलाने की अनुमति नहीं है। ऐसे वाहनों से अगर दुर्घटना हो जाए तो वाहन चालक और दुर्घटना में मृत व्यक्ति के परिवार को इंश्योरेंश राशि भी नहीं मिल सकेगी। सड़क दुर्घटनाओं में भी कमी आएगी। परिवहन विभाग के नियमों को सख्ती से लागू करने के लिए सरकार ने कड़े निर्देश दिए हैं। इसके बाद संभागीय परिवहन विभाग ने ऐसे वाहनों के खिलाफ अभियान चलाया है। एक अप्रैल से 10 अप्रैल तक संभागीय परिवहन ने 540 ई-रिक्शा के चालान किए वहीं 321 ई-रिक्शा बंद किए हैं। इनमें लगभग 50 ऐसे हैं जो स्कूटर और बाइक का इंजन रखकर जुगाड़ बनाए हुए थे।
जाम और मौत का सामान हैं जुगाड़
सब्जी, फल, खाद्यान, लोहा आदि मंडियों से माल भरकर एक स्थान से दूसरे स्थान ले जाने के कार्य में बड़़ी संख्या में जुगाड़ और ई-रिक्शा लगे हैं। कई बार शहर की सड़कों दौड़ने वाले जुगाड़ों में लोहे की सरिया आदि भी भरी जाती हैं। जिस कारण कई बार दुर्घटनाएं हुई हैं।
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आरटीओ प्रवर्तन राजकुमार सिंह का कहना है कि कुछ लोगों ने पुराने स्कूटर और बाइक के इंजन रखकर जुगाड़ बना लिए हैं। जो पूरी तरह अवैध हैं। ऐसा कोई वाहन सड़कों पर नहीं चलने दिया जाएगा।
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शहर हो या देहात। कहीं पर भी सड़कों पर बगैर रजिस्ट्रेशन, फिटनेस, 10 और 15 साल उम्र पूरी करने वाले वाहन, व जुगाड़ बनाकर तैयार किए गए वाहनों को चलाने की अनुमति नहीं है। ऐसे वाहनों से अगर दुर्घटना हो जाए तो वाहन चालक और दुर्घटना में मृत व्यक्ति के परिवार को इंश्योरेंश राशि भी नहीं मिल सकेगी। सड़क दुर्घटनाओं में भी कमी आएगी। परिवहन विभाग के नियमों को सख्ती से लागू करने के लिए सरकार ने कड़े निर्देश दिए हैं। इसके बाद संभागीय परिवहन विभाग ने ऐसे वाहनों के खिलाफ अभियान चलाया है। एक अप्रैल से 10 अप्रैल तक संभागीय परिवहन ने 540 ई-रिक्शा के चालान किए वहीं 321 ई-रिक्शा बंद किए हैं। इनमें लगभग 50 ऐसे हैं जो स्कूटर और बाइक का इंजन रखकर जुगाड़ बनाए हुए थे।
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जाम और मौत का सामान हैं जुगाड़
सब्जी, फल, खाद्यान, लोहा आदि मंडियों से माल भरकर एक स्थान से दूसरे स्थान ले जाने के कार्य में बड़़ी संख्या में जुगाड़ और ई-रिक्शा लगे हैं। कई बार शहर की सड़कों दौड़ने वाले जुगाड़ों में लोहे की सरिया आदि भी भरी जाती हैं। जिस कारण कई बार दुर्घटनाएं हुई हैं।
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आरटीओ प्रवर्तन राजकुमार सिंह का कहना है कि कुछ लोगों ने पुराने स्कूटर और बाइक के इंजन रखकर जुगाड़ बना लिए हैं। जो पूरी तरह अवैध हैं। ऐसा कोई वाहन सड़कों पर नहीं चलने दिया जाएगा।