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एनजीटी ने नगर निकायों पर लगाया जुर्माना
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एनजीटी ने नगर निकायों और फैक्टरियों पर लगाया आठ करोड़ रुपये जुर्माना
हिंडन, काली और कृष्णा नदी को प्रदूषित करने के मामले में एनजीटी ने की कार्रवाई
अमर उजाला ब्यूरो
बागपत। राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण (एनजीटी) ने हिंडन, काली और कृष्णा नदी के प्रदूषण के मामले में सख्त रुख अपनाया है और छह जिलों के नगर निकायों व जल प्रदूषण फैलाने वाली इकाइयों पर 8.7 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया है। निगरानी कर रही कमेटी की संस्तुति पर यह कार्रवाई की गई है। वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए सुनवाई हुई।
दोआबा पर्यावरण समिति ने इस संबंध में एनजीटी में एक याचिका दाखिल कर गाजियाबाद, बागपत, मेरठ, मुजफ्फरनगर, शामली और सहारनपुर से होकर गुजरने वाली हिंडन, काली और कृष्णा नदी का जल प्रदूषित होने का मामला उठाया था। इनका कहना है कि औद्योगिक इकाइयों का प्रदूषित पानी लगातार नदियों में प्रवाहित किया जा रहा है। दोआबा पर्यावरण समिति के चेयरमैन डॉ चंद्रवीर राणा ने बताया कि एनजीटी ने हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त जज एचवी राठौर और सेवानिवृत्त मुख्य सचिव डॉ अनूप चंद पांडेय की संयुक्त समिति गठित की थी। समिति ने पाया कि 133 ड्रेन में से 113 में अभी भी एनजीटी के आदेशों का पालन नहीं किया जा रहा है। उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को नोटिस भेजकर संबंधित इकाइयों से एक सप्ताह में जुर्माना जमा कराने के आदेश दिए गए हैं। सहारनपुर से लेकर गाजियाबाद तक यह जुर्माना पांच लाख रुपये प्रति माह और प्रति ड्रेन के हिसाब से लगाया गया है। डॉ चंद्रवीर सिंह का कहना है कि तीनों नदियों के प्रदूषण से सैकड़ों गांव के ग्रामीणों को मुश्किलें उठानी पड़ रही है।
शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के आदेश हो चुके जारी
बागपत। डॉ चंद्रवीर सिंह ने बताया कि ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने, टैँकर से पानी पहुंचाने और टंकी लगवाने के आदेश पहले ही एनजीटी जारी कर चुका है, लेकिन धरातल पर आमजन को शुद्ध पानी नहीं मिल रहा है।
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हिंडन, काली और कृष्णा नदी को प्रदूषित करने के मामले में एनजीटी ने की कार्रवाई
अमर उजाला ब्यूरो
बागपत। राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण (एनजीटी) ने हिंडन, काली और कृष्णा नदी के प्रदूषण के मामले में सख्त रुख अपनाया है और छह जिलों के नगर निकायों व जल प्रदूषण फैलाने वाली इकाइयों पर 8.7 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया है। निगरानी कर रही कमेटी की संस्तुति पर यह कार्रवाई की गई है। वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए सुनवाई हुई।
दोआबा पर्यावरण समिति ने इस संबंध में एनजीटी में एक याचिका दाखिल कर गाजियाबाद, बागपत, मेरठ, मुजफ्फरनगर, शामली और सहारनपुर से होकर गुजरने वाली हिंडन, काली और कृष्णा नदी का जल प्रदूषित होने का मामला उठाया था। इनका कहना है कि औद्योगिक इकाइयों का प्रदूषित पानी लगातार नदियों में प्रवाहित किया जा रहा है। दोआबा पर्यावरण समिति के चेयरमैन डॉ चंद्रवीर राणा ने बताया कि एनजीटी ने हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त जज एचवी राठौर और सेवानिवृत्त मुख्य सचिव डॉ अनूप चंद पांडेय की संयुक्त समिति गठित की थी। समिति ने पाया कि 133 ड्रेन में से 113 में अभी भी एनजीटी के आदेशों का पालन नहीं किया जा रहा है। उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को नोटिस भेजकर संबंधित इकाइयों से एक सप्ताह में जुर्माना जमा कराने के आदेश दिए गए हैं। सहारनपुर से लेकर गाजियाबाद तक यह जुर्माना पांच लाख रुपये प्रति माह और प्रति ड्रेन के हिसाब से लगाया गया है। डॉ चंद्रवीर सिंह का कहना है कि तीनों नदियों के प्रदूषण से सैकड़ों गांव के ग्रामीणों को मुश्किलें उठानी पड़ रही है।
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शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के आदेश हो चुके जारी
बागपत। डॉ चंद्रवीर सिंह ने बताया कि ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने, टैँकर से पानी पहुंचाने और टंकी लगवाने के आदेश पहले ही एनजीटी जारी कर चुका है, लेकिन धरातल पर आमजन को शुद्ध पानी नहीं मिल रहा है।
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