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10 साल में टॉप टेन में होगा विश्वविद्यालय
अमर उजाला ब्यूरो/मेरठ
Updated Wed, 25 May 2016 02:00 AM IST
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फाइल फोटो।
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चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय का लक्ष्य अगले 10 साल में देश के टॉप 10 विश्वविद्यालयों में शामिल होना है। कुलपति की ओर से यह लक्ष्य तय किया गया है। फिलहाल कैंपस में नैक की पीयर टीम निरीक्षण पर है। कुलपति ने टीम के सामने अपना विजन रखा है। टीम ने शिक्षक, कर्मचारी और छात्रों से पूछा कि वह विवि को देश के टॉप 10 में शामिल कैसे कराएंगे। उनका क्या योगदान होगा। चुनौती और उनकी भूमिका को लेकर सवाल पूछा। 23 मई से 26 मई तक नैक की टीम कैंपस के निरीक्षण पर है।
कुलपति प्रो. एनके तनेजा ने प्रजेंटेशन के दौरान टीम को विवि का विजन बताया। अच्छे काम के बल पर अगले 10 साल में विवि को देश के टॉप 10 विश्वविद्यालयों में शामिल कराने का लक्ष्य बताया। इस अच्छी सोच पर टीम ने शिक्षकों, छात्रों और कर्मचारियों से फीडबैक ली। उनसे पूछा वह यह काम कैसे करेंगे। मंगलवार को टीम ने बृहस्पतिवार भवन में छात्रों से बातचीत की। टीम मेंबर द्वारा पूछे जाने वाला कॉमन सवाल यही था कि वह विवि को एकेडमिकली कैसे आगे बढ़ाएंगे। शिक्षकों से भी यह सवाल पूछा गया।
शिक्षकों और कर्मचारियों के खाली पद और विवि का दायरा बड़ा होने की समस्या रखी गई। विवि का दायरा बड़ा होने की वजह से इसका असर एकेडमिक पर पड़ रहा है। एडमिशन, एग्जाम और रिजल्ट में शिक्षक सालभर लगे रहते हैं। रिसर्च और टीचिंग पर इसका असर पढ़ता है।
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कुलाधिपति ने भी दिलाया था ध्यान
पूर्व कुलाधिपति बीएल जोशी और वर्तमान कुलाधिपति राम नाईक ने दीक्षांत समारोह में रिसर्च और पढ़ाई में क्वालिटी बढ़ाने पर जोर दिया। समारोह में कहा दुनिया के 100 टॉप विवि में भारत का एक भी नहीं है। यूपी का कोई विवि तो वहां तक पहुंचना चाहिए। करीब डेढ़ साल पहले प्रदेश के राज्य विश्वविद्यालयों में हुए एक सर्वे में सीसीएसयू दूसरे नंबर पर थी। पहले नंबर पर कानपुर विश्वविद्यालय था।
इन विभागों का हुआ निरीक्षण
मंगलवार को नैक की टीम ने रशियन, संस्कृत, समाजशास्त्र, अंग्रेजी, गणित, जेनेटिक्स एंड प्लांट ब्रीडिंग, शीड साइंस, प्लांट प्रोटेक्शन, फूड टेक्नोलॉजी, बायोटेक्नोलॉजी का निरीक्षण किया। सर छोटूराम इंस्टीट्यूट, एमसीए और आईबीएस विभाग का भी निरीक्षण किया गया।
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कुलपति प्रो. एनके तनेजा ने प्रजेंटेशन के दौरान टीम को विवि का विजन बताया। अच्छे काम के बल पर अगले 10 साल में विवि को देश के टॉप 10 विश्वविद्यालयों में शामिल कराने का लक्ष्य बताया। इस अच्छी सोच पर टीम ने शिक्षकों, छात्रों और कर्मचारियों से फीडबैक ली। उनसे पूछा वह यह काम कैसे करेंगे। मंगलवार को टीम ने बृहस्पतिवार भवन में छात्रों से बातचीत की। टीम मेंबर द्वारा पूछे जाने वाला कॉमन सवाल यही था कि वह विवि को एकेडमिकली कैसे आगे बढ़ाएंगे। शिक्षकों से भी यह सवाल पूछा गया।
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शिक्षकों और कर्मचारियों के खाली पद और विवि का दायरा बड़ा होने की समस्या रखी गई। विवि का दायरा बड़ा होने की वजह से इसका असर एकेडमिक पर पड़ रहा है। एडमिशन, एग्जाम और रिजल्ट में शिक्षक सालभर लगे रहते हैं। रिसर्च और टीचिंग पर इसका असर पढ़ता है।
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कुलाधिपति ने भी दिलाया था ध्यान
पूर्व कुलाधिपति बीएल जोशी और वर्तमान कुलाधिपति राम नाईक ने दीक्षांत समारोह में रिसर्च और पढ़ाई में क्वालिटी बढ़ाने पर जोर दिया। समारोह में कहा दुनिया के 100 टॉप विवि में भारत का एक भी नहीं है। यूपी का कोई विवि तो वहां तक पहुंचना चाहिए। करीब डेढ़ साल पहले प्रदेश के राज्य विश्वविद्यालयों में हुए एक सर्वे में सीसीएसयू दूसरे नंबर पर थी। पहले नंबर पर कानपुर विश्वविद्यालय था।
इन विभागों का हुआ निरीक्षण
मंगलवार को नैक की टीम ने रशियन, संस्कृत, समाजशास्त्र, अंग्रेजी, गणित, जेनेटिक्स एंड प्लांट ब्रीडिंग, शीड साइंस, प्लांट प्रोटेक्शन, फूड टेक्नोलॉजी, बायोटेक्नोलॉजी का निरीक्षण किया। सर छोटूराम इंस्टीट्यूट, एमसीए और आईबीएस विभाग का भी निरीक्षण किया गया।