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Meerut News: छावनी परिषद को मिली 25 कराेड़ रुपये की ग्रांट
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मेरठ। छावनी परिषद कर्मचारियों को अब दो माह की सैलरी मिलेगी। बुधवार को रक्षा मंत्रालय ने 25 करोड़ की राशि विकास कार्यों के लिए भेजी है। इस रकम से 56 सड़कों का पैचवर्क भी होगा।
छावनी की सड़कों का सालों से निर्माण नहीं हुआ है। विकास कार्यों के लिए रक्षा मंत्रालय से ग्रांट मांगी थी। इसमें 18.50 करोड़ सड़क निर्माण के लिए, चार करोड़ इंटर लॉकिंग के लिए, सीवर निर्माण के लिए 145 करोड़ और पानी के लिए 17 करोड़ की मांग की गई। छावनी में सदर, आबूलेन, रजबन, लालकुर्ती और तोपखाना सहित 56 सड़क और गलियों का निर्माण होना था।
रक्षा मंत्रालय ने 46 छावनियों को 190 करोड़ 66 लाख रुपये भेजे। इसमें सर्वाधिक राशि मेरठ छावनी को 25 करोड़ दी गई। दो माह से ग्रांट न मिलने के कारण छावनी के कर्मचारियों को सैलरी भी नहीं मिली है। एक माह में कर्मचारियों को 4.5 करोड़ की राशि दी जाती है। ऐसे में लगभग 11 करोड़ सैलरी और पेंशन में खर्च हो जाएंगे। इसके बाद सीवर, पानी, सफाई आदि के बाद सड़कों का पैचवर्क हो पाएगा।
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किस मद में पैसा खर्च करना है दो दिन में होगी जानकारी
सभी छावनियों के मुकाबले 25 करोड़ रुपये की सर्वाधिक ग्रांट मिली है। पैसा किस मद में खर्च करना है इसकी जानकारी दो दिन बाद प्राप्त होगी। आदेशानुसार तय किया जाएगा कि किस मद में कितना पैसा खर्च करना है। - ज्योति कुमार, सीईओ, छावनी परिषद
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छावनी की सड़कों का सालों से निर्माण नहीं हुआ है। विकास कार्यों के लिए रक्षा मंत्रालय से ग्रांट मांगी थी। इसमें 18.50 करोड़ सड़क निर्माण के लिए, चार करोड़ इंटर लॉकिंग के लिए, सीवर निर्माण के लिए 145 करोड़ और पानी के लिए 17 करोड़ की मांग की गई। छावनी में सदर, आबूलेन, रजबन, लालकुर्ती और तोपखाना सहित 56 सड़क और गलियों का निर्माण होना था।
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रक्षा मंत्रालय ने 46 छावनियों को 190 करोड़ 66 लाख रुपये भेजे। इसमें सर्वाधिक राशि मेरठ छावनी को 25 करोड़ दी गई। दो माह से ग्रांट न मिलने के कारण छावनी के कर्मचारियों को सैलरी भी नहीं मिली है। एक माह में कर्मचारियों को 4.5 करोड़ की राशि दी जाती है। ऐसे में लगभग 11 करोड़ सैलरी और पेंशन में खर्च हो जाएंगे। इसके बाद सीवर, पानी, सफाई आदि के बाद सड़कों का पैचवर्क हो पाएगा।
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किस मद में पैसा खर्च करना है दो दिन में होगी जानकारी
सभी छावनियों के मुकाबले 25 करोड़ रुपये की सर्वाधिक ग्रांट मिली है। पैसा किस मद में खर्च करना है इसकी जानकारी दो दिन बाद प्राप्त होगी। आदेशानुसार तय किया जाएगा कि किस मद में कितना पैसा खर्च करना है। - ज्योति कुमार, सीईओ, छावनी परिषद