यूपी: 10 किलो सोने की लूट का खुलासा, दिल्ली के पुलिसकर्मी निकले लुटेरे
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गाजियाबाद में सराफा व्यापारियों से करीब तीन करोड़ रुपये का 10 किलो सोना लूटने में दिल्ली पुलिस के सिपाही शामिल थे। इस लूट में पुलिसकर्मियों के लिये मुखबिरी मेरठ के सराफा बाजार से ही की गयी थी। गाजियाबाद और मेरठ क्राइम ब्रांच ने शहर सराफा बाजार में छापा मारकर सराफा कारोबारियों के दो कर्मचारियों को हिरासत में ले लिया। पुलिस सूत्रों के अनुसार दोनों कर्मचारियों की लुटेरे पुलिसवालों से जान पहचान है। मुखबिरी करने के बदले में इन दोनों कर्मचारियों को मोटी रकम का लालच दिया गया था।
ऐसे हुई थी लूट की वारदात
पुलिस के अनुसार मुंबई की एक बड़ी सराफा फर्म के मैनेजर दीपक मेरठ में सोने के जेवर का मार्केट करने 18 मार्च को शहर सराफा बाजार आए थे। उनके साथ दिल्ली के एक सराफा कारोबारी और उनका कर्मचारी भी था। उनके पास करीब 10 किलो सोना था। वापस लौटते वक्त गाजियाबाद के साहिबाबाद क्षेत्र में वर्दीधारी बदमाशों ने उन्हें बंधक बनाकर सारा सोना लूट लिया था। गाजियाबाद क्राइम ब्रांच ने शहर के सराफा बाजार में व्यापारियों के यहां लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच की थी। मौके पर दिल्ली पुलिस की टोपी भी बरामद हुई थी।
लुटेरे निकले दिल्ली के पुलिसकर्मी
बुलंदशहर जिला निवासी कांस्टेबल सतेंद्र और एएसआई ब्रहमपाल दिल्ली पुलिस में हैं। एक ही जिले के होने के नाते इन दोनों में खासी जान पहचान हो गयी। सतेंद्र की मेरठ सराफा में तेजेंद्र और रामविलास से जान पहचान थी। पुलिस सूत्रों के अनुसार दोनों बाहर से सोना लाने और ले जाने वालों के बारे में सतेंद्र को सूचना देते थे। सतेंद्र ब्रहमपाल को साथ लेता था, दोनों पुलिस की वर्दी में व्यापारियों को रोकते थे और गिरफ्तारी के नाम पर डरा धमकाकर मोटी रकम ऐंठ लेते थे। 18 मार्च को भी मेरठ सोना बेचने आये व्यापारियों की सूचना दोनों को दी गयी। सोना ज्यादा देखकर इनके मन में लालच आ गया। ब्रहमपाल ने सतेंद्र और अपने साले विकास को साथ लेकर लूट को अंजाम दे दिया।
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सटीक सूचना पर लिए हिरासत में
सर्विलांस के सहारे गाजियाबाद क्राइम ब्रांच सतेंद्र तक पहुंची। उसकी कॉल डिटेल जांची तो एएसआई ब्रहमपाल, मेरठ के तेजेंद्र और रामविलास के साथ काफी बात हुई थी। पुलिस ने ब्रहमपाल के साले विकास को उठाया तो कहानी साफ हो गयी। रविवार को मेरठ व गाजियाबाद क्राइम ब्रांच टीम देहली गेट थाने की पुलिस के साथ सराफा बाजार पहुंची। एसओ देहली गेट विजय गुप्ता ने बताया कि क्राइम ब्रांच टीम ने दो सराफा कारोबारियों के कर्मचारियों रामविलास और तेजेंद्र को हिरासत में ले लिया। दोनों जीजा-साले बताए जा रहे हैं। सूत्रों के अनुसार गाजियाबाद क्राइम ब्रांच ने कुछ बरामदगी की है। ब्रहमपाल और सतेंद्र फरार बताये जा रहे हैं।
देहलीगेट थाने पहुंचे सराफा व्यापारी
क्राइम ब्रांच के छापे के बाद सराफा कारोबारी व्यापार संघ के नेता विजय आनंद, सरदार दलजीत सिंह, पुष्पेंद्र जैन, प्रतीक रस्तौगी, ललित आदि के साथ देहली गेट थाने पहुंचे। एक सराफ ने बताया कि इनमें से एक कर्मचारी उनके यहां करीब 19 साल से काम कर रहा है। वो ऐसा काम नहीं कर सकता। उन्होंने दावा किया कि जिस दिन वारदात हुई थी उस दिन वो कर्मचारी ड्यूटी पर था।
क्राइम ब्रांच को सौंपा
गाजियाबाद क्राइम ब्रांच दोनों कर्मचारियों के खिलाफ कुछ सुबूत लेकर मेरठ पहुंची थी। दोनों कर्मचारियों को हिरासत में लेकर गाजियाबाद क्राइम ब्रांच को सौंप दिया गया है। मामले में गाजियाबाद क्राइम ब्रांच ही जांच कर कार्रवाई करेगी।- मंजिल सैनी, एसएसपी
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