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मां-बेटियों ने निकाला कूड़ा निस्तारण का हल

Thu, 21 Nov 2019 02:21 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Thu, 21 Nov 2019 02:21 AM IST
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mother and daughters solved waste disposal solution
घरों से निकलने वाले कूड़े का उचित निस्तारण न होने से जहां सरकार चिंतित है, वहीं जगह-जगह कूड़े के ढेरों के कारण सांस लेना भी दूभर हो रहा है। लोगों को बदबू व बीमारियों से बचाने के लिए मोदीपुरम की मां-बेटियों ने कूड़ा निस्तारण करने का हल ढूंढ लिया है। उन्होंने अपनी कॉलोनी से इसकी शुरूआत करने के बाद अब दूसरी कॉलोनी के लोगों को भी जागरूक करना शुरू कर दिया है।
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छह माह पहले कॉलोनी में आए
रुड़की रोड स्थित शील कुंज में रहने आए अमित जैन के परिवार को कॉलोनी का वातावरण बहुत अच्छा लगा, लेकिन गेट के बाहर पड़े घरों से निकले कूड़े ने उन्हें निस्तारण के लिए सोचने पर मजबूर कर दिया। इसके बाद अमित जैन की पत्नी सोनी जैन व उनकी जुड़वा बेटियों रिद्धी व सिद्धी जैन ने कूड़े के निस्तारण के समाधान के लिए मंथन किया।
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शिक्षिका की मदद से निकाला उपाय
सोनी जैन की दोनों बेटी मवाना रोड स्थित एक कॉलेज में पढ़ती हैं। दोनों बेटियों ने अपनी साइंस की शिक्षिका सोनाली त्यागी से संपर्क साधा। इसके बाद उन्होंने नीर फाउंडेशन के रमन त्यागी व अन्य संस्थाओं से संपर्क कर कूड़े के निस्तारण को लेकर योजना बनाई। सबसे पहले उन्होंने अपनी कॉलोनी से ही शुरूआत की।
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साफ-सफाई के साथ कमाई भी
सोनी जैन ने बताया कि वह एक लेखिका हैं और उन्होंने इस प्रोजेक्ट को लेकर अपनी दोनों बेटियों की पूरी सहायता की। कॉलोनी से निकलने वाले कूड़े के लिए उन्होंने एक गड्ढा तैयार किया। इस गड्ढे की लंबाई 1 मीटर, चौड़ाई व गहराई 1.5 मीटर रखी गई। जिसमें घरों से निकलने वाले कूड़े को प्रतिदिन डाला जाने लगा। उन्होंने बताया कि सात से आठ माह में इस कूड़े से जैविक खाद बन गई। उन्होंने बताया कि जैविक खाद लगभग 50 रुपये प्रति किलो बेची जाती है। इस कमाई से कॉलोनी में कुछ विकास कार्य कराए जा सकते हैं। उन्होंने बताया कि शुरुआत में उन्होंने यह गड्ढा एक माह पहले बनाया था, जो कि दो फीट चौड़ा, 3.5 फीट गहरा, दो फीट लंबा था, इसे बनाने में 200 रुपये का खर्च आया था। पहले कूड़े को तीन भागों में बांटा। इसमें गीला, सूखा व ब्लेड, बच्चों के डाइपर, प्लास्टिक आदि कूड़े को रखा गया। उन्होंने बताया कि एक घर के लिए गड्ढा तैयार करने में कोई लागत नहीं आएगी। यदि कॉलोनी के लिए यह गड्ढा तैयार किया जाता है तो लगभग 10 हजार की लागत आएगी।

स्कूल व कॉलोनी के लोग भी कर रहे सहयोग
कूड़ा निस्तारण को लेकर सोनी जैन व उनकी बेटी रिद्धी व सिद्धी जैन ने मोदीपुरम की अन्य कॉलोनी व स्कूलों से भी संपर्क साधा। उनके इस प्रोजेक्ट को सभी ने पसंद किया और अब वह उनके इस प्रोजेक्ट को अपने यहां लगाने को तैयार हैं। उन्होंने बताया कि उन्होंने इस प्रोजेक्ट को दिल्ली में राष्ट्रीय बाल कांग्रेस विज्ञान प्रदर्शनी में भी प्रदर्शित किया था, जहां इस प्रोजेक्ट को काफी सराहा गया। अब वह इस प्रोजेक्ट को गोरखपुर में भी प्रदर्शनी में लगाएंगे। फिलहाल उनके साथ अब 30 लोगों की टीम है, जो इस पर कार्य कर रही है।
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