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हर सीएचसी पर स्टाफ की फौज, फिर भी इलाज नहीं
अमर उजाला ब्यूरो/मेरठ
Updated Thu, 10 Nov 2016 02:14 AM IST
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सरधना सीएचसी में निरीक्षण करते स्वास्थ्य अधिकारी।
- फोटो : अमर उजाला
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स्वास्थ्य विभाग चिकित्सकों की कमी का रोना रोता है, लेकिन कहीं भी स्टाफ की कमी नहीं है। अधिकांश सीएचसी पर लिमिट से ज्यादा स्टाफ तैनात है। फिर भी मरीजों को इलाज के लिए धक्के खाने पड़ रहे हैं। खासकर हाईवे किनारे स्थित सीएचसी पर सबसे ज्यादा स्टाफ को तैनाती दी गई है। शाम पांच बजे के बाद आपको वहां पर चिकित्सक नहीं मिलेगा। क्योंकि सीएचसी पर तैनात स्टाफ दिल्ली, गाजियाबाद, मेरठ, मुजफ्फरनगर जैसे शहरों से नौकरी कर रहे हैं। बिना किसी सूचना के वह सीएचसी को छोड़कर चले जाते हैं।
भूड़बराल सीएचसी पर 38 लोगों का स्टाफ है। आठ चिकित्सक हैं। रात में यहां कोई चिकित्सक नहीं मिलेगा। दौराला में नौ चिकित्सक हैं, कुल स्टाफ करीब 30 लोगों का है। सरधना में छह चिकित्सक है और स्टाफ करीब 25 लोगों का है। यानी हर सीएचसी पर करीब 25 लोगों का स्टाफ दिया गया है, जिसमें चिकित्सक, फार्मेसिस्ट, स्टार्फ नर्स, वार्ड ब्वाय व सफाई कर्मी शामिल हैं। 12 सीएचसी का औसत निकाला जाये तो करीब 300 लोगों का स्टाफ बैठता है। हालांकि यह संख्या वास्तव में पौने 400 के आसपास बैठती है, क्योंकि नियुक्ति में भी खेल हुआ है। इतने स्टाफ के बाद भी लोगों को इलाज नहीं मिल पा रहा है।
घूस देकर ली है मनमर्जी की तैनाती
पूर्व सीएमओ के कार्यकाल में सीएचसी व पीएचसी पर बड़ी सेटिंग के साथ चिकित्सक और अन्य स्टाफ को तैनाती दी गई है। खासकर हाईवे व अन्य मुख्य मार्गों के किनारे स्थित स्वास्थ्य केंद्रों पर तैनाती देने में भारी खेल चला। गाजियाबाद से आने वाले चिकित्सकों व अन्य स्टाफ को खरखौदा, बिजौली, भूड़बराल व दौराला जैसे स्वास्थ्य केंद्रों पर तैनाती दी गई। मेरठ से अप डाउन करने वाले स्टाफ को मवाना, माछरा, सरधना जैसे स्वास्थ्य केंद्रों पर तैनात किया गया। कई सीएचसी प्रभारियों की तैनाती भी सुविधा शुल्क के आधार दी गई।
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भूड़बराल सीएचसी पर 38 लोगों का स्टाफ है। आठ चिकित्सक हैं। रात में यहां कोई चिकित्सक नहीं मिलेगा। दौराला में नौ चिकित्सक हैं, कुल स्टाफ करीब 30 लोगों का है। सरधना में छह चिकित्सक है और स्टाफ करीब 25 लोगों का है। यानी हर सीएचसी पर करीब 25 लोगों का स्टाफ दिया गया है, जिसमें चिकित्सक, फार्मेसिस्ट, स्टार्फ नर्स, वार्ड ब्वाय व सफाई कर्मी शामिल हैं। 12 सीएचसी का औसत निकाला जाये तो करीब 300 लोगों का स्टाफ बैठता है। हालांकि यह संख्या वास्तव में पौने 400 के आसपास बैठती है, क्योंकि नियुक्ति में भी खेल हुआ है। इतने स्टाफ के बाद भी लोगों को इलाज नहीं मिल पा रहा है।
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घूस देकर ली है मनमर्जी की तैनाती
पूर्व सीएमओ के कार्यकाल में सीएचसी व पीएचसी पर बड़ी सेटिंग के साथ चिकित्सक और अन्य स्टाफ को तैनाती दी गई है। खासकर हाईवे व अन्य मुख्य मार्गों के किनारे स्थित स्वास्थ्य केंद्रों पर तैनाती देने में भारी खेल चला। गाजियाबाद से आने वाले चिकित्सकों व अन्य स्टाफ को खरखौदा, बिजौली, भूड़बराल व दौराला जैसे स्वास्थ्य केंद्रों पर तैनाती दी गई। मेरठ से अप डाउन करने वाले स्टाफ को मवाना, माछरा, सरधना जैसे स्वास्थ्य केंद्रों पर तैनात किया गया। कई सीएचसी प्रभारियों की तैनाती भी सुविधा शुल्क के आधार दी गई।
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