बुखार से 16 लोगों की मौत के बाद पीड़ितों के बीच पहुंचे मंत्री, सीएमओ को दिए सख्त निर्देश
बुखार से 16 लोगों की मौत के बाद जिले के प्रभारी मंत्री सूर्यप्रताप शाही को आखिरकार बेहड़ा संदल सिंह के ग्रामीणों की सुध आई। बुधवार को पहुंचे मंत्री ने गांव में बुखार पीड़ितों और मृतक आश्रितों के घर जाकर उनका हालचाल जाना। स्वास्थ्य विभाग के अफसरों को गांव का सर्वे कराकर बीमार लोगों की जांच कराने के बाद गंभीर रोगियों को जिला अस्पताल में भर्ती कर उपचार देने के निर्देश दिए। डीपीआरओ को भी लगातार गांव में सफाई अभियान चलाने के लिए निर्देशित किया गया।
बुधवार को कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही बेहड़ा संदल सिंह गांव पहुंचे। कार से उतरते ही वह सबसे पहले राजकुमार उर्फ बबली के घर पहुंचे। राजकुमार की मौत बुखार से हुई है। शाही ने उनके बेटों अमन और दुष्यंत से जानकारी ली। अमन ने अपने पिता की डेंगू की पुष्टि वाली प्राइवेट लैब की रिपोर्ट दिखाई। इस पर सीएमओ डॉ. बीएस सोढ़ी ने बताया कि यह कार्ड टेस्ट की रिपोर्ट है। इसे सही नहीं माना जा सकता है। सही रिपोर्ट एलाइजा टेस्ट से ही आती है। मंत्री ने स्वास्थ्य विभाग की जांच रिपोर्ट मांगी तो मुजफ्फराबाद की प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. मीनू गोयल ने उन्हें ब्लाक के बुखार प्रभावित गांवों के चालीस लोगों की लिस्ट सौंपी। जिसमें डेंगू पॉजिटिव आया था। इनमें ज्यादातर लोग बेहड़ा संदल सिंह के थे। उन्होंने गांव में सर्वे कराकर रोगियों की जांच कर गंभीर रोगियों को जिला अस्पताल में भर्ती कराने के निर्देश सीएमओ को दिए।
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इसके बाद मंत्री बेहड़ा कलां के प्रधान नाथी सिंह के घेर पर पहुंचे। यहां प्रधान के भाई ने बताया कि पांच माह से सफाई कर्मचारी नहीं थे। दस दिन से ही कर्मचारी आने शुरू हुए हैं। इस पर मंत्री ने डीपीआरओ मनीष कुमार को कर्मचारी तैनात कर लगातार सफाई अभियान चलाने के निर्देश दिए। इसके बाद मंत्री अनुसूचित समाज के प्रेम पुत्र चंदु के यहां गए। प्रेम के जवान बेटे अर्जुन की बुखार से हुई मौत पर उन्हें सांत्वना दी। उसके बच्चे बीमार थे। जिन्हें तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। इसके बाद मंत्री मृतक मेहताब के यहां पहुंचे जहां उसकी पत्नी और बच्चों को सांत्वना दी। यहां के बाद उन्होंने बेहड़ा खुर्द के तालाब को देखते हुए उसकी सफाई के लिए निर्देशित किया। एक घंटे तक गांव में भ्रमण के बाद मंत्री वापस लौट गए। इस दौरान उनके साथ जिला अध्यक्ष बिजेंद्र कश्यप, पूर्व विधायक महावीर सिंह राणा, जिला उपाध्यक्ष सोनेंद्र राणा, अनुज राणा, मानवेंद्र सिंह चौहान आदि रहे।
ग्रामीणों ने किया ढाई माह में 55 मौतों का दावा
मंत्री के सामने ग्रामीणों ने गांव में पिछले ढाई माह में विभिन्न बीमारियों से 55 लोगों के मरने का दावा किया। इस पर मंत्री ने ग्रामीणों को मृतकों के नामों की सूची बना कर देने के लिए कहा। जिससे स्वास्थ्य विभाग से उसकी जांच करा कर मौत की वजह पता की जा सके। हालांकि स्वास्थ्य विभाग की तरफ से मंत्री को 21 लोगों की मौत की जानकारी देते हुए उनके नामों की लिस्ट दी गई। डॉ. मीनू गोयल ने मंत्री को बताया कि इनमें से ज्यादातर मौतें विभिन्न बीमारियों से हुई हैं। मरने वालों को बुखार के साथ ही अन्य बीमारियां भी थीं।
मंत्री के समक्ष रखीं प्रमुख मांगें
ग्रामीणों प्रवीण राणा, ठाठ सिंह, केतन राणा, भाकियू तोमर के मंडल प्रभारी अजय पुंडीर, पिंटू राणा, मा. सुरेंद्र सिंह, मा. कुशलपाल सिंह, मा. अमर सिंह आदि ने बेहड़ा कलां और खुर्द के तालाबों की सफाई, पानी निकासी, गांव में सफाई कर्मचारियों की स्थाई तैनाती, कुरढ़ियों के उठान से बने गड्ढों को भरवाने, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और दूषित पेयजल की समस्या से निजात के लिए पानी की टंकी, बेहड़ा कलां के शिव मंदिर से गोगा म्हाड़ी तक सड़क बनवाने की मांग रखी।
युद्ध स्तर पर चलाया सफाई अभियान
गांव में मंत्री के दौरे के मद्देनजर बुधवार की सुबह ही दो दर्जन से ज्यादा सफाई कर्मचारी लेकर जिला स्वच्छता प्रेरक देव भास्कर पांडे गांव पहुंच गए थे। उन्होंने युद्ध स्तर पर सफाई अभियान चला कर गांव की नालियों और गलियों में सफाई कराई। रामखेड़ी वाले रास्ते पर से भी जेसीबी लगाकर कुरढ़ियों को खेतों की तरफ कराया गया। इसे लेकर ग्रामीणों का कहना था कि यदि नियमित रूप से सफाई की जाए तो यह नौबत ही क्यों आए।
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ये अधिकारी रहे मौजूद
जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. शिवांका गौड़, एसीएमओ डॉ. ओपी गुप्ता, एडीओ मनीष दत्त, एडीओ पंचायत जय सिंह, जेई एमआई अर्जुन सिंह आदि रहे।
मंत्री जी बोले, बीमारी का पता लगते ही यहां पहुंचे
बेहड़ा संदल में बुखार से 16 मौतों के बाद बुधवार को गांव पहुंचे प्रभारी मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि वे कल ही सहारनपुर पहुंचे और उन्हें पता चला कि गांव में इस तरह से मौतें हो रही हैं तो उन्होंने तत्काल यहां आने का कार्यक्रम बना लिया। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को हाई अलर्ट मोड पर रह कर रोगियों का उपचार करने के निर्देश दिए गए हैं। देवबंद में एक सप्ताह में बदमाशों की ओर से सत्ताधारी पार्टी के दो नेताओं की दिनदहाड़े हत्या की वारदात के खुलासे में हो रही देरी पर मंत्री ने कहा कि पुलिस को वर्कआउट के लिए समय देना जरूरी है। कई बार जल्दबाजी में निर्दोष फंस जाते हैं और असली अपराधी पुलिस पकड़ से दूर हो जाते हैं। पुलिस टीमें लगातार खुलासे के लिए काम कर रही हैं। पुलिस भी अनावश्यक दबाव बनाने से प्रेशर में आ जाती है। ऐसे में फिलहाल पुलिस को सही खुलासे के लिए समय दिया जा रहा है। उम्मीद है जल्द ही असली हत्यारे पुलिस की पकड़ में होंगे। प्रदेश सरकार कानून व्यवस्था को लेकर पूरी तरह गंभीर है। अपराध और अपराधियों का सफाया हमारे में एजेंडे में प्राथमिकता पर है।
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