UP: वेस्ट यूपी के इन मंदिरों में जाना है तो ध्यान रखें ड्रेस कोड, अमार्यादित वस्त्रों में नहीं मिलेगी एंट्री
मेरठ समेत पश्चिमी उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में श्रद्धालुओं से मंदिर में हाफ पेंट, बरमुडा, मिनी स्कर्ट, नाइट सूट, कटी-फटी जींस पहनकर न आने की अपील की गई है।
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अखाड़ा परिषद की देवालय, शिवालय, देवी शक्तिपीठों में अभद्र वस्त्र पहनकर न आने की अपील के बाद पश्चिमी उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में मंदिरों में ड्रेस कोड शुरू करने की कवायद जारी है। यहां मेरठ मुजफ्फरनगर और शामली समेत अब तक कई जिलों के हिंदू धार्मिक स्थलों पर अमर्यादित वस्त्र न पहन कर आने की अपील की गई है।
एक तरफ मंदिर समीतियां इसे विनम्र आग्रह के तौर पर श्रद्धालुओं से अनुसरण करने की लगतार अपील कर रही हैं तो वहीं श्रद्धालुओं ने भी इसे सही बताया है। अब हाल ही में मेरठ के औघड़नाथ मंदिर में भी ऐसे ही आग्रह का बोर्ड लगाया गया है। आगे पढ़ें आखिर वेस्ट यूपी के किन मंदिरों में आप हाफ पेंट, बरमुडा, मिनी स्कर्ट, नाइट सूट, कटी-फटी जींस व वनपीस जैसे वस्त्र पहनकर प्रवेश करना आपको मुसीबत में डाल सकता है।
अखाड़ा परिषद की देवालय, शिवालय, देवी शक्तिपीठों में अभद्र वस्त्र पहनकर न आने की अपील के बाद मेरठ में भी मंदिरों में भी मंदिर समितियों के द्वारा मंदिरों में होर्डिंग और बैनर लगाकर मर्यादित वस्त्र पहनकर आने का आग्रह किया जा रहा है। मेरठ वेस्ट एंड रोड पर स्थित बालाजी एवं शनि शक्तिपीठ मंदिर में बोर्ड लगाया गया है। इसमें अनुरोध किया है कृपया मर्यादित वस्त्र पहनकर ही मंदिर में प्रवेश करें।
उत्तराखंड के मंदिरों में फैसले के बाद लिया गया निर्णय
अखिल भारतीय श्री पंच निर्मोही अखाड़ा के महामंडलेश्वर महेंद्र दास जी महाराज ने बताया कि अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत रविंद्रपुरी जी द्वारा मंदिरों में प्रवेश के लिए मर्यादित वस्त्र पहनकर आने की आपील की गई है। हरिद्वार स्थित दक्ष मंदिर, टंपकेश्वर महादेव मंदिर देहरादून, नीलकंठ मंदिर ऋषिकेश, हनुमान मंदिर गाजियाबाद में भी होर्डिंग लगा दिए गए हैं।
शामली के ऐतिहासिक श्री मंदिर हनुमान धाम में लगा बोर्ड
उत्तर प्रदेश में कई मंदिरों के बाद अब शामली के ऐतिहासिक श्री मंदिर हनुमान धाम हनुमान टीला में अमर्यादित कपड़े पहनकर आने वालों पर रोक लगा दी गई है। मंदिर समिति ने इसे लेकर बोर्ड लगाते हुए श्रद्धालुओं को मर्यादित कपड़े ही पहनकर आने की अपील की है।
बोर्ड के जरिए मंदिर प्रबंध समिति ने श्रद्धालुओं से निवेदन किया है कि वह मर्यादित वस्त्रों में ही मंदिर में प्रवेश करें। अमर्यादित छोटे वस्त्र, हाफ पैंट, बरमूडा, मिनी स्कर्ट, नाइट सूट, कटी-फटी जींस आदि पहनकर आने पर मंदिर के बाहर से ही दर्शन करें। यह संदेश सोशल मीडिया पर भी प्रसारित किया गया है।
मुजफ्फरनगर के प्रसिद्ध बालाजी मंदिर में किया गया आग्रह
मुजफ्फरनगर शहर के प्रसिद्ध बालाजी मंदिर में कमेटी ने श्रद्धालुओं से मंदिर में हाफ पेंट, बरमुडा, मिनी स्कर्ट, नाइट सूट, कटी-फटी जींस पहनकर न आने की अपील की है। यह भी कहा है कि यदि ऐसे कपड़े पहनकर आए तो बाहर से ही दर्शन कर मंदिर कमेटी का सहयोग करें।
नोटिस से माध्यम से मंदिर कमेटी ने श्रद्धालुओं से आग्रह किया है कि सभी महिलाएं एवं पुरुष मंदिर में मर्यादित वस्त्र पहनकर ही आएं। मंदिर कमेटी के कानूनी सलाहकार अशोक कुमार शर्मा एडवोकेट का कहना हैं कि नोटिस बोर्ड के जरिए श्रद्धाओं को यह सलाह दी गई हैं। कुछ लोगों ने मंदिर कमेटी का फैसला सही बताया हैं।
मंदिर में अमर्यादित कपड़ों को पहनकर न आने के लिए नोटिस बोर्ड लगाया गया है। नोटिस बोर्ड लगाने से पहले कुछ लोगों की सहमति भी ली गई थी। नोटिस बोर्ड में सभी श्रद्धालुओं से विनम्र आग्रह कर सहयोग की अपील की गई है। - शंकर तायल, अध्यक्ष, बालाजी धाम मंदिर समिति
मेरठ के औघड़नाथ मंदिर में लगा बोर्ड
मेरठ के औघड़नाथ मंदिर समिति ने शुक्रवार को मंदिर में भगवान शिव के दर्शन करने आने वाले श्रद्धालुओं को अमर्यादित कपड़े पहनकर आने पर रोक लगा दी है। समिति ने श्रद्धालुओं को सूचित करने के लिए मंदिर गेट पर एक बड़ा होर्डिंग लगा दिया है।
औघड़नाथ मंदिर के पुजारी पंडित श्रीधर त्रिपाठी ने बताया कि कुछ श्रद्धालु भगवान शिव के दर्शन करने के लिए अमर्यादित कपड़े पहनकर आते हैं। भगवान के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं को साधारण कपड़े पहनकर आना चाहिए। ऐसे में मंदिर समिति के पदाधिकारियों संघ बैठक कर यह निर्णय लिया गया है कि जो श्रद्धालु अमर्यादित कपड़े पहनकर भगवान शिव के दर्शन करने आएगा उन्हें अंदर प्रवेश ना दिया जाए। ऐसे श्रद्धालुओं को बाहर से ही भगवान के दर्शन करने दिए जाए।
सनातन संस्कृति को मिलेगा बढ़ावा
मंदिरों में इसके प्रतिबंध से अपनी सनातन संस्कृति को पूरी तरह से बढ़ाया जा रहा है। - ऋद्धि निवासी नेहरू नगर, मेरठ
मंदिरों में सकारात्मक प्रभाव और माहौल बनेगा
इससे अब मंदिरों में पारंपरिक व सकारात्मक प्रभाव और माहौल बनेगा। - डॉ. पलक निवासी वेदव्यासपुरी, मेरठ
यह सही तरीका
हमारे समय में भी काले और फटे कपड़ों को अच्छा नहीं माना गया है। इस बात को लोगों को समझाने का यह सही तरीका है। - अंबिका, मेरठ