पावर में आया मेरठ मेट्रो परियोजना सेल

अमर उजाला ब्यूरो Updated Thu, 02 Jun 2016 01:35 AM IST
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मैट्रो सेल का उद्धाटन करते कमिश्नर
मैट्रो सेल का उद्धाटन करते कमिश्नर - फोटो : अमर उजाला

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 मेट्रो ट्रेन परियोजना के लिए बुधवार को मेट्रो सेल पावर में आ गई। मंडलायुक्त आलोक सिन्हा ने एमडीए कार्यालय में ही मेट्रो सेल के कार्यालय का उद्घाटन किया। कहा कि इस प्रोजेक्ट पर जल्द काम शुरू कराने में पूरी तन्मयता से काम किया जाए।
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मेरठ मेट्रो की डीपीआर को मंडलायुक्त की सहमति मिल चुकी है। अब यह डीपीआर शासन को प्रेषित की जा रही है, ताकि वहां से इसे भारत सरकार को स्वीकृति के लिए भेजा जा सके। काफी समय से यहां मेट्रो सेल का ऑफिस शुरू करने की तैयारी की जा रही थी।
लेकिन इंतजार स्थानीय स्तर पर डीपीआर के फाइनल होने का था। जैसे ही यह काम हो गया, तत्काल बुधवार को सेल का ऑफिस एक्टिंग में आ गया। शाम को कमिश्नर ने इस ऑफिस का शुभारंभ किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि इस प्रोजेक्ट से आम जन को सुविधा होगी तो वहीं रोजगार सृजन व पर्यटन के साथ जिले के औद्योगिक क्षेत्रों को भी बढ़ावा मिलेगा। इस मौके पर एमडीए के मुख्य अभियंता एससी मिश्रा, अधीक्षण अभियंता शबीह हैदर, नोडल अधिकारी विवेक भास्कर आदि मौजूद रहे।
जुलाई तक राज्य सरकार भी दे देगी अनुमति
कमिश्नर ने बताया कि जुलाई माह में राज्य सरकार भी इस डीपीआर को फाइनल कर देगी। भारत सरकार को भेजकर इसे पास करने की  मुहिम शुरू की जाएगी। उम्मीद है कि मार्च 2017 तक भारत सरकार से स्वीकृति प्राप्त करा ली जाएगी तथा मार्च 2017 से ही इस पर कार्य प्रारंभ होने की उम्मीद है। यदि ऐसा होता है तो मार्च 2022 तक मेट्रो का कार्य पूर्ण कराये जाने की पूरी उम्मीद है।

लागत भी बढ़ जाएगी
इस मौके पर एमडीए उपाध्यक्ष राजेश कुमार ने बताया कि इस प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत जनवरी 2016 के मूल्यों के आधार पर 11 हजार 500 करोड़ रुपये आएगी। मार्च 2022 तक यह लागत बढ़कर करीब 14 हजार 928 करोड़ रुपये हो जाएगी। उन्होंने बताया कि प्रोजेक्ट के निर्माण में भारत सरकार और राज्य सरकार द्वारा 20-20 प्रतिशत, लोकल बॉडी द्वारा 2.39 प्रतिशत और वित्त संस्थाओं से 57.61 प्रतिशत ऋण लिया जाएगा।

एमएमआरसी के गठन तक एक्टिव  रहेगा सेल
शासन से मंजूरी के बाद जब तक मेरठ मेट्रो रेल कारपोरेशन का गठन नहीं हो जाता, तब तक मेट्रो सेल काम करेगा। इसके चेयरपर्सन कमिश्नर रहेंगे। इसके अलावा सचिव अश्वनी कुमार शर्मा, चीफ इंजीनियर एमडीए एससी मिश्रा, एसई शबीह हैदर तथा नोडल अधिकारी के रूप में एटीपी विवेक भास्कर काम करेेंगे। एक अवर अभियंता, सर्वेयर और लेखपाल भी टीम में शामिल होंगे। एमडीए वीसी इसका पर्यवेक्षण करेंगे।

इस सप्ताह जाएगी रिपोर्ट
डीपीआर को फाइनल कर शासन को तत्काल भेजना है। 31 मई तक इसे फाइनल हो जाना चाहिए था पर राइट्स के अधिकारी अभी इसमें संशोधन कर रहे हैं। इस बाबत बुधवार को भी उनसे बात की गई तो उन्होंने बताया कि इस सप्ताह हर सूरत में संशोधन कर शासन को रिपोर्ट सौंप दी जाएगी।

ये होंगे स्टेशन
इस प्रोजेक्ट के प्रथम कॉरिडोर में कुल 16 स्टेशन होंगे, जिसमें 11 स्टेशन एलिवेटेड, पांच अंडरग्राउड होंगे तथा द्वितीय कॉरीडोर में कुल 13 स्टेशन होंगे। जिसमें 10 एलिवेटेड व तीन अंडरग्राउंड होंगे। प्रथम कॉरिडोर में मोदीपुरम में 10 हेक्टेयर का एक डिपो होगा तथा द्वितीय कॉरीेडोर में गोकलपुर में 12.2 हेक्टेयर का एक कॉरिडोर होगा।
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