Meerut: जेल के बंदियों में अपराध की भावना दूर कर रहा योग, मानसिक स्तर पर नजर आ रहे सकारात्मक बदलाव
मेरठ जिला कारागार में पुरुष व महिला बंदियों को सुदर्शन क्रिया द्वारा तनाव मुक्त रहने के तरीके बताए जा रहे हैं। बंदियों को कोर्स के दौरान सुदर्शन क्रिया और योग का अभ्यास कराया गया।
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मेरठ जिला कारागार में बंदियों को मानसिक शांति देने के लिए 'आर्ट ऑफ लिविंग' संस्था द्वारा प्रिजन स्मार्ट कार्यक्रम पिछले छह माह से चलाया जा रहा है। इसमें लगभग दो हजार से भी अधिक बंदियों ने कोर्स का लाभ लिया है।
कार्यक्रम में पुरुष व महिला बंदियों को सुदर्शन क्रिया द्वारा तनाव मुक्त रहने के तरीके बताए जा रहे हैं। पुरुष बंदियों को आर्ट ऑफ लिविंग के प्रशिक्षक पुलकित त्यागी, ऋषभ पांडे, प्रशांत तेवतिया व महिला कैदियों को निशा पांडे द्वारा अभ्यास कराया जा रहा है।
बंदियों में अपराध की भावना दूर हो, मानसिक स्तर पर वे स्वस्थ रहें। इसके लिए सुदर्शन क्रिया, प्राणायाम, ध्यान का विशेष अभ्यास कराया जा रहा है। जेल अधीक्षक राकेश कुमार, जेलर राकेश वर्मा, डिप्टी जेलर और अन्य स्टाफ ने भी आर्ट ऑफ लिविंग के कार्यक्रम का लाभ लिया और सुदर्शन क्रिया का अभ्यास किया।
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मन की शांति, तनाव से बचने के लिए सुदर्शन क्रिया
बंदियों को कोर्स के दौरान सुदर्शन क्रिया और योग का अभ्यास कराया गया। श्वास लेना जीवन की प्रथम क्रिया है। श्वास में ही जीवन का अज्ञात अनन्वेषित रहस्य छुपा है। सुदर्शन क्रिया एक शक्तिशाली पर सरल लयबद्ध श्वास की तकनीक है, जिसमें श्वास की विशिष्ट प्राकृतिक लय को समाविष्ट किया है, जो शरीर, मन और भावनाओं में सामंजस्य स्थापित करती है। यह तकनीक तनाव, थकान और नकारात्मक भावनाओं जैसे क्रोध, हताशा और अवसाद को समाप्त करती है। इससे मन शांत, केंद्रित और शरीर तनाव मुक्त हो पूर्णतया ऊर्जावान हो जाता है।
बंदियों में दूर हो रही अपराधबोध की भावना
बंदियों को कोर्स के दौरान सिखाई गई चीजों का निरंतर अभ्यास करने की सलाह दी गई। जेल में बंदियों के मन में एक विचार चलता है कि उनके साथ गलत हुआ है और वहां से जाकर उन्हें बदला लेना है।
आर्ट ऑफ लिविंग के प्रशिक्षक पुलकित त्यागी ने बताया कि सुदर्शन क्रिया और प्राणायाम उनको मन के स्तर पर शांत करते हैं। नकारात्मक ऊर्जा को सकारात्मक ऊर्जा में बदलते हैं। सुदर्शन क्रिया का निरंतर अभ्यास उनको मानसिक रूप से शांत करता है। वह उनकी ऊर्जा को सकारात्मक करता है।