मेरठ: डीजे की तेज आवाज से बिगड़ी महिला की हालत, प्रसव के एक घंटे बाद मौत, मानवाधिकार आयोग पहुंचा मामला
सरधना में प्रसव के बाद 24 वर्षीय यासमीन की मौत के मामले में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने डीएम मेरठ से रिपोर्ट मांगी है। परिजनों का आरोप है कि यात्रा के दौरान तेज आवाज में बज रहे DJ के कारण महिला की तबीयत बिगड़ी थी।
विस्तार
मेरठ के सरधना क्षेत्र में प्रसव के बाद 24 वर्षीय यासमीन की मौत के मामले में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने सख्त रुख अपनाया है। आयोग ने जिलाधिकारी मेरठ से मामले की विस्तृत जांच कराकर 10 दिसंबर तक रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
परिजनों का आरोप है कि क्षेत्र में यात्रा के दौरान तेज आवाज में बज रहे DJ के कारण महिला की तबीयत बिगड़ी थी। हालांकि, अस्पताल प्रशासन की ओर से महिला का ब्लड प्रेशर बढ़ने और दौरे पड़ने की बात कही गई थी। मामले में दिल्ली निवासी सामाजिक कार्यकर्ता कृष्णा राजपूत ने आयोग में शिकायत दर्ज कराई थी।
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प्रसव के बाद बिगड़ी थी यासमीन की तबीयत
शिकायतकर्ता कृष्णा राजपूत के मुताबिक, 25 सितंबर 2026 को यासमीन को प्रसव के लिए एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। यहां ऑपरेशन यानी सिजेरियन के जरिए उन्होंने एक बच्ची को जन्म दिया। आरोप है कि प्रसव के करीब एक घंटे बाद क्षेत्र में तेज आवाज में DJ बज रहा था, इसी दौरान यासमीन की तबीयत अचानक बिगड़ गई।
महिला की गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें मेरठ रेफर किया गया, लेकिन रास्ते में ही उनकी मौत हो गई। परिजनों ने इस घटना के लिए तेज ध्वनि को जिम्मेदार ठहराया है। वहीं, अस्पताल प्रशासन की ओर से कथित तौर पर ब्लड प्रेशर बढ़ने और दौरे पड़ने की बात कही गई थी। महिला की मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
मानवाधिकार आयोग ने डीएम को जारी किया नोटिस
इस मामले में सामाजिक कार्यकर्ता कृष्णा राजपूत ने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में महिला की मौत की परिस्थितियों की निष्पक्ष जांच कराने, इलाज में संभावित लापरवाही की पड़ताल करने और जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई करने की मांग की गई है।
आयोग के रिकॉर्ड के अनुसार, 29 सितंबर को डीएम मेरठ को नोटिस जारी किया गया। आयोग ने मामले की गहन जांच कराकर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
10 दिसंबर तक रिपोर्ट, 11 दिसंबर को आगे की सुनवाई
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने जिलाधिकारी से 10 दिसंबर तक विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। इसके बाद मामले को आगे की कार्रवाई के लिए 11 दिसंबर को सूचीबद्ध किया गया है। अब जांच रिपोर्ट के आधार पर मामले में आगे की कार्रवाई की दिशा तय होगी।
इस संबंध में मेरठ के डीएम डॉ. वीके सिंह ने बताया कि आयोग के निर्देशानुसार समय पर रिपोर्ट तैयार कर भेज दी जाएगी।