दो साल में फर्राटा भरेगा मेरठ: 2164 करोड़ से विकास को रफ्तार, 1480 करोड़ से बनेंगी सड़कें, पढ़िए खास रिपोर्ट
Meerut News : सिटी लॉजिस्टिक प्लान (सीएलपी) में 2164 करोड़ से विकास का खाका तैयार किया गया है। इसमें एग्रो बेस्ड यूनिट, कॉटन टेक्सटाइल्स, रेडीमेड कपड़े, फर्नीचर, शुगर इंडस्ट्रीज, पेपर मिल, मिनरल, मेटल इंजीनियरिंग आदि उद्योगों को भी शामिल किया गया।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
मेरठ में शहर की बढ़ती सीमा और बढ़ती आबादी के लिहाज से शहर के विकास को भी रफ्तार देने के लिए 2042 तक का खाका खींचा गया है। अर्बन मास ट्रांजिट कंपनी (यूएमटीसी) की ओर से तैयार किए गए सिटी लॉजिस्टिक प्लान (सीएलपी) को मेडा की मंजूरी भी मिल गई है। इसमें मौजूदा आबादी 24.15 लाख का आकलन करते हुए साल 2042 में अपेक्षित संसाधन और मौजूदा स्थिति के तहत यातायात, ट्रांसपोर्ट, रोड सेफ्टी, इंडस्ट्री, व्यावसायिक गतिविधि, वेयरहाउस आदि के विकास की योजना बनाई गई है। इसे महायोजना-2031 के अंतर्गत दस साल की विकास योजनाओं के तहत अंगीकार किया गया है। अब इसे शासन की मंजूरी के लिए भेजा गया है। वहां से मंजूरी के बाद इस पर काम शुरू होगा।
मेरठ में रैपिड रेल, मेट्रो, गंगा एक्सप्रेस-वे, फ्रेट कॉरीडोर और शहर के चारों ओर हाईवे का जाल बिछ रहा है। मेरठ महायोजना-2031 में शामिल सरधना, मवाना, लावड़, बहसूमा, हस्तिनापुर समेत 305 गांव शामिल किए गए हैं। महायोजना 2031 बढ़कर 1043 वर्ग किलोमीटर की हो गई है। इसमें औद्योगिक क्षेत्र में 75 फीसदी, व्यवसायिक क्षेत्र में 96 फीसदी और आवासीय क्षेत्र में 50 फीसदी का इजाफा हुआ है। अभी रोजाना फ्रेट व्हीकल ट्रिप्स एक लाख 29 हजार 233 है जो 2042 में बढ़कर दो लाख 32 हजार 111 होने का अनुमान है। वहीं, अब शॉर्ट टर्म प्लानिंग के तहत 2031 तक छह लाख लोगों को रोजगार मिलने की संभावना जताई गई है। इस सबकों ध्यान में रखते हुए सीएलपी तैयार की गई है।
2164 करोड़ से विकास को रफ्तार, 1480 करोड़ से बनेंगी सड़कें
सिटी लॉजिस्टिक प्लान (सीएलपी) में 2164 करोड़ से विकास का खाका तैयार किया गया है। इसमें एग्रो बेस्ड यूनिट, कॉटन टेक्सटाइल्स, रेडीमेड कपड़े, फर्नीचर, शुगर इंडस्ट्रीज, पेपर मिल, मिनरल, मेटल इंजीनियरिंग आदि उद्योगों को भी शामिल किया गया। इन सभी उद्योग और इंडस्ट्री में होने वाला 30 हजार 205 टन का उत्पादन 2042 में बढ़कर 64 हजार 111 टन होने की संभावना है। सात अक्तूबर को कमिश्नर सेल्वा कुमारी जे. के सामने प्रजेंटेशन के बाद इसे शॉर्ट टर्म बनाकर लोगों को लाभान्वित करने के निर्देश दिए गए थे। ऐसे में इसे अब महायोजना-2031 के अंतर्गत तैयार किया गया है।
इस तरह होगा सीएलपी पर काम
- रोड नेटवर्क के लिए 1480 करोड़ रुपए से 110 किमी. मार्ग का निर्माण।
- 130 करोड़ की लागत से 8 ट्रक टर्मिनल/लॉजिस्टिक पार्क/ वेयरहाउस बनेंगे।
- 530 करोड़ से दो मॉडल लॉजिस्टिक पार्क व लॉजिस्टिक पार्क का निर्माण।
- 12 करोड़ से 5 इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्ट मैनेजमेंट सिस्टम (आइटीएमएस) स्थापित होंगे।
- 12 करोड़ से कम उत्सर्जन क्षमता के दो जोन विकसित होंगे।
हापुड़ रोड-दौराला में टीपीनगर-वेयरहाउस, परतापुर के पास लॉजिस्टिक पार्क
ट्रांसपोर्ट नगर में रोजाना 12 हजार ट्रक की आवाजाही होती है। यहां सड़क पर ट्रक खड़े रहते हैं, डिजाइन पार्किंग की कमी, सड़कों की खराब स्थिति तथा टीपी नगर के शहर के बीचोबीच होने पर भी ऐतराज जताया गया है। मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक पार्क (एमएलपी) के तहत टीपी नगर में 39.06 हेक्टेयर, दौराला में दो हिस्सों में 38.5 तथा 46.2 हेक्टेयर में ट्रांसपोर्ट नगर और वेयरहाउस बनेंगे। वहीं ट्रांसपोर्ट नगर के लिए 135.37 हेक्टेयर भूमि की आवश्यकता वर्ष 2042 में बताई गई है। इसके लिए दौराला में 54.10 हेक्टेयर, हापुड़ रोड पर खरखौदा के पास 81.27 हेक्टेयर में टीपी नगर तथा परतापुर में ईस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरीडोर (ईडीएफसी) के पास 42 हेक्टेयर में एमएलपी का प्रस्ताव है।
मेरठ महायोजना एक नजर में
महायोजना-2031 के तहत इसमें औद्योगिक क्षेत्र में 75 फ़ीसदी, व्यवसायिक क्षेत्र में 96 फीसदी और आवासीय क्षेत्र में 50 फीसदी का इजाफा किया गया है।
भू-उपयोग महायोजना 2031 महायोजना 2021 इतना बढ़ा
(हेक्टेयर में) (हेक्टेयर में) (प्रतिशत में)
आवासीय 12980.45 8670.58 49.7
व्यावसायिक 856.79 436.88 96.1
औद्योगिक 2820.86 1614.47 74.7
पब्लिक 3185.06 2524.98 26.1
पार्क व ओपन स्पेस 5163.03 3849.39 34.1
ट्रैफिक एंड ट्रांसपोर्ट 3039.37 2232.78 36.1
रीक्रिएशन व अन्य 678.63 389.56 74.2
शहरीकरण क्षेत्र 28724.19 19718.64 45.7
मवाना आवासीय व्यावसायिक औद्योगिक
सरधना 664.92 51.72 118.21
हस्तिनापुर 319.80 28.43 56.85
लावड़ 257.68 20.04 34.36
बहसूमा 128.31 11.41 22.81
(नोट : इन नगरीय क्षेत्रों को महायोजना में पहली बार शामिल किया गया है। भूमि हेक्टेयर में है।)
यह भी पढ़ें: मोहब्बत में खूनी बना प्रेमी: सोनी हत्याकांड की ऐसी कहानी, हिल गया हर किसी का दिमाग, शादी के 20 दिन बाद मर्डर
सीएलपी से मिलेगी शहर को रफ्तार
सीएलपी शहर के विकास की विस्तृत परियोजना है। इसमें यातायात, इंडस्ट्री, व्यावसायिक गतिविधि, वेयरहाउस आदि के विकास का खाका खींचा गया है। यूएमटीसी की ओर से तैयार प्रस्ताव को मेडा ने मंजूरी दे दी है। इसे अब शासन को भेज दिया गया है। वहां से मंजूरी के बाद इस पर काम शुरू होगा। - विजय कुमार, नगर नियोजक मेडा
दो साल में फर्राटा भरेगा मेरठ
मेरठ लगातार हाइवे से जुड़ रहा है, रैपिड का भी काम बहुत तेजी से चल रहा है। मेडा भी न्यू टाउनशिप ला रहा है, जिसमें 1.85 लाख लोगों की आवासीय जरूरत पूरी होगी। सिटी लॉजिस्टिक प्लान व सिटी डवलपमेंट प्लान को मास्टर प्लान में शामिल करते हुए गति दी गई है। दो साल में मेरठ फर्राटा भरेगा। - अभिषेक पांडेय, उपाध्यक्ष मेडा
यह भी पढ़ें: Meerut: पति ने सुहागरात की वीडियो की वायरल, देवर ने किया दुष्कर्म, पीड़िता ने पुलिस पर भी लगाया आरोप