Meerut: दरोगाओं को बंधक बनाकर मारपीट का मामला, पिस्टल छीनने का भी हुआ प्रयास, वीडियो वायरल
मेरठ के परीक्षितगढ़ में अवैध वसूली और छेड़छाड़ के आरोप में दरोगाओं को बंधक बनाकर मारपीट के मामले में पिस्टल छीनने के प्रयास का वीडियाे सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
विस्तार
मेरठ के परीक्षितगढ़ में अवैध वसूली और छेड़छाड़ के आरोप में बंधक बनाकर मारपीट के मामले में आरोपी दरोगा सतेंद्र ने ग्रामीणों पर पिस्टल तानकर गोली मारने की धमकी भी दी थी। ग्रामीणों ने इस दौरान पिस्टल छीनने का भी प्रयास किया। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
शनिवार देर रात तक ग्रामीणों का थाने पर हंगामा रहा। फरार हुए आरोपी दरोगाओं का मेडिकल आधी रात के बाद कराया गया। मेडिकल में एल्कोहल की पुष्टि नहीं हुई। मामले में सीओ सदर देहात की जांच अभी जारी है। जांच रिपोर्ट के आधार पर ही मामले में कार्रवाई होगी। ग्रामीणों ने अधिकारियों पर दोनों दरोगाओं को बचाने का आरोप लगाया है। कार्रवाई न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
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महिलाओं से छेड़छाड़ का आरोप
परीक्षितगढ़ थाने में तैनात दरोगा सतेंद्र और प्रशिक्षु दरोगा शिवम शनिवार शाम गांव गोविंदपुरी में पहुंचे थे। ग्रामीणों का आरोप है कि दोनों नशे में थे और दुकानदारों से अवैध वसूली कर रहे थे। महिलाओं से छेड़छाड़ का भी आरोप है।
वसूली का विरोध करने पर दरोगा सतेंद्र ने एक बुजुर्ग महिला को थप्पड़ जड़ दिया था। गांव के ही हरेंद्र ने विरोध किया तो दोनों दरोगाओं ने उसके साथ मारपीट कर दी थी। इसके बाद पिंटू के घर में घुसकर पटाखे बेचने के नाम पर रकम की मांग की। उसके घर में जमकर उत्पात मचाया।
इस दौरान ग्रामीण मकान के बाहर एकत्र हो गए और विरोध करने लगे। आरोप है कि इस पर नशे में धुत दरोगा ने ग्रामीणों के साथ अभद्रता करते हुए गाली-गलौज की। उन्हें जेल भेजने और पिस्टल तानने की धमकी दी। आक्रोशित ग्रामीणों ने पिस्टल छीनने का प्रयास करते हुए दोनों दरोगाओं को बंधक बना लिया। दोनों के साथ धक्का-मुक्की करते हुए मारपीट कर दी। इसके वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गए।
सीओ सदर देहात नवीना शुक्ला परीक्षितगढ़, किठौर, मवाना, भावनपुर थाने से फोर्स लेकर मौके पर पहुंची और ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि दरोगा सतेंद्र कई दिनों से दुकानदारों को परेशान कर रहा था। आए दिन किसी न किसी को डरा-धमकाकर वह अवैध वसूली करता था। विरोध करने पर जेल भेजने की धमकी देता था। ग्रामीणों ने दोनों दरोगाओं को निलंबित किए जाने और रिपोर्ट दर्ज कराने की मांग की।
करीब तीन घंटे बाद ग्रामीणों ने दोनों दरोगाओं को बंधन मुक्त किया। कार्रवाई की मांग को लेकर ट्रैक्टर ट्रॉलियों में ग्रामीण भी थाने पहुंच गए थे। मेडिकल से पहले दोनों दरोगा फरार हो गए थे। बाद में दोनों को तलाश कर 12 बजे के बाद मेडिकल कराया गया। मामले की जांच एसएसपी डॉ. विपिन ताडा ने मामले की जांच सीओ सदर देहात को सौंपी है। सीओ का कहना है कि जांच की जा रही है। जल्द ही रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को सौंप दी जाएगी।
पुलिस की छवि हुई दागदार
दो दरोगाओं की हरकत से पुलिस की छवि धूमिल हुई है। एक मामला लगभग दो माह पूर्व सामने आया था। ग्राम ऐत्ममादपुर में सिपाही धीरज ने 500 रुपये की रिश्वत ली थी, इसका वीडियो वायरल हो गया था। जांच के बाद एसएसपी ने सिपाही को सस्पेंड कर दिया था। कार्रवाई के बाद भी पुलिस सुधरने को तैयार नहीं है।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश हवा हवाई
सुप्रीम कोर्ट के सख्त आदेश थे। दीपावली के पर्व पर प्रदूषण को रोकने के लिए पटाखों की ब्रिकी नहीं होने दी जाए। अगर किसी क्षेत्र में पटाखों की ब्रिकी होती है तो पुलिस जिम्मेदार होगी। लेकिन परीक्षितगढ़ पुलिस खुद ही पटाखों के नाम पर अवैध वसूली करने लगी। पुलिस उच्चाधिकारियों ने किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं की।