फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   Meerut: Three tubewells of medical college stopped working, 35 operations postponed, one tubewell started work

Meerut: मेडिकल कॉलेज के तीन ट्यूबवेल ठप, 35 ऑपरेशन टले, 22 घंटे बाद चला एक ट्यूबवेल, दो अभी भी खराब

Tue, 15 Jul 2025 03:02 PM IST
डिंपल सिरोही न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Published by: डिंपल सिरोही Updated Tue, 15 Jul 2025 03:02 PM IST
सार

मेरठ के एलएलआरएम मेडिकल कॉलेज में तीन ट्यूबवैल खराब होने से ऑपरेशन व्यवस्था चरमरा गई। ऑपरेशन कराने आए मरीजों को बिना ऑपरेशन ही लौटना पड़ा।

विज्ञापन
Meerut: Three tubewells of medical college stopped working, 35 operations postponed, one tubewell started work
मेरठ मेडिकल कॉलेज। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मेरठ के एलएलआरएम मेडिकल कॉलेज में तीन ट्यूबवेल खराब होने से पानी टंकी तक नहीं पहुंच पाया। इससे ऑपरेशन व्यवस्था चरमरा गई। 35 ऑपरेशन टालने पड़े। उन्हें अगली तारीख दी गई है। इससे ऑपरेशन कराने के आए मरीजों को मायूस होकर लौटना पड़ा। वहीं, वॉशरूम में भी पानी नहीं आया, जिससे मरीज और तीमारदार परेशान रहे।

विज्ञापन


मेडिकल कॉलेज में चार ट्यूबवेल हैं, जिनके जरिये पानी को बिल्डिंग की छतों पर रखी टंकियों में भरा जाता है। इनमें से एक ट्यूबवेल काफी दिनों से खराब है, जबकि तीन ट्यूबवेल रविवार रात 10 बजे खराब हो गए। ये ट्यूबवेल हॉस्टल, स्टेडियम और सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक के पास लगे हैं। इनमें एक का स्टार्टर, दूसरे का केबल और तीसरे का पंप खराब हुआ। इससे पानी टंकियों में नहीं पहुंच सका जिससे मरीज-तीमारदार, छात्र-छात्राएं दिनभर सब परेशान रहे।
विज्ञापन

 

यह भी पढ़ें: खेल जगत में एक और रिश्ता टूटा: सायना नेहवाल के बाद अब पहलवान दिव्या काकरान का तलाक, लिखा-भावुक संदेश
विज्ञापन
विज्ञापन

मेडिकल में 847 मरीज मरीज भर्ती हैं। इतने ही उनके तीमारदार हैं। इनके अलावा चिकित्सक, पैरामेडिकल स्टाफ और छात्र-छात्राओं समेत करीब एक हजार लोग और हैं। जिन्हें पानी की परेशानी झेलनी पड़ी। मेडिकल में सोमवार को 70 ऑपरेशन किए जाने थे। इनमें से 35 ऑपरेशन ही हो पाए। ऑपरेशन में धुलाई के लिए पानी का ज्यादा इस्तेमाल किया जाता है। जो ऑपरेशन टालने पड़े उनमें, पित्त की थैली, बच्चेदानी, आंखों में लैंस डालने और पेशाब की थैली आदि के थे।

हॉस्टल में पानी की सप्लाई बाधित होने से छात्र-छात्राओं को भी दिक्कत हुई। दोपहर बाद दो पानी के टैंकर मंगाए गए, इनमें एक अस्पताल परिसर और दूसरा हॉस्टल के लिए था। रात 8 बजे एक ट्यूबवेल चालू कराया गया, तब जाकर व्यवस्था थोड़ी ठीक हुई। दो ट्यूबवेल अभी भी खराब हैं। पानी की पूरी सप्लाई मंगलवार को ही हो पाएगी।

वोल्टेज में अत्याधिक उतार-चढ़ाव के कारण मेडिकल कॉलेज कैंपस के तीन ट्यूबवेल ने कार्य करना बंद कर दिया। इस कारण पानी की सप्लाई बाधित हुई। एक ट्यूबवेल ठीक करा दिया गया है जबकि दो की मरम्मत का कार्य चल रहा है। नगर निगम से पानी के टैंक की व्यवस्था कराई गई है। - डॉ. आरसी गुप्ता, प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज

अब ऑपरेशन नहीं टालने पड़ेंगे। जिनके ऑपरेशन आज टले हैं, उनमें से अधिकांश के ऑपरेशन मंगलवार को कर दिए जाएंगे। पानी की सप्लाई की पुख्ता व्यवस्था कराई जा रही है। - डॉ. धीरज राज, प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक, मेडिकल कॉलेज
 
 

वापस जा रहे हैं, क्या करें
जागृति विहार निवासी कमलेश का पित्त की थैली का ऑपरेशन होना था, मगर पानी की समस्या की वजह से नहीं हो सका। उन्होंने कहा कि 15 दिन बाद ऑपरेशन का नंबर लगा था। अब घर जा रहे हैं, क्या करें। कल फिर बुलाया है, देखते हैं कल होता है या नहीं।

एक सप्ताह से कर रहे थे इंतजार
इस्लामाबाद के अब्दुल करीम का आंख का ऑपेरशन होना था, उन्होंने बताया कि एक सप्ताह में नंबर लगा था। आज ऑपरेशन टालना पड़ा है। कल फिर बुलाया है। उम्मीद है कि कल ऑपरेशन हो जाएगा।
 
शौचालयों में फैली दुर्गंध, संक्रमण का खतरा
एलएलआरएम मेडिकल कॉलेज में मोटर खराब होने से 22 घंटे बिल्कुल भी पानी की आपूर्ति नहीं हुई। इस वजह से लाल बिल्डिंग के सर्जिकल वॉर्ड, हड्डी रोग विभाग समेत सभी जगह शौचालय में दुर्गंध पैदा हो गई। अस्पताल में गंदगी से संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ गया है। शौचालय में पानी न होने के कारण तीमारदारों को अपने और अपने मरीज के लिए पानी लेने के लिए बोतल लेकर आना पड़ा।

हमारे मरीज का पथरी का ऑपरेशन हुआ है, उसके लिए पानी की व्यवस्था नहीं होने से बाहर से पानी लाने की मजबूरी है। पूरा दिन हो गया है, शौचालयों में भी दुर्गंध से बुरा हाल है। - राज सिंह, बुलंदशहर, तीमारदार

रात में ही दिक्कत होने लगी थी, सुबह से तो बड़ी परेशानी है। पानी के अभाव से साफ-सफाई भी नहीं हुई है। - नरेंद्र सिंह, बुलंदशहर, तीमारदार
 
पानी न आने से अस्पताल की गैलरी में ही हाथ-पैर धोने को मजबूर हैं। ऐसे में कोई अधिकारी न देखने आया है न ही किसी तरह की सफाई हो रही है। - अमित सिंह, मुजफ्फरनगर, मरीज
 
प्रथम तल पर बने सर्जिकल वार्ड से नीचे जाकर पानी लाना पड़ रहा है। सुबह चार चक्कर लगा चुका हूं। बहुत परेशानी हो रही है। -दिनेश, मेरठ तीमारदार

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed