Meerut: ठाकुर चौबीसी की महापंचायत में भाजपा के पूर्ण बहिष्कार का एलान-'जो भाजपा को हराएगा, वोट उसे जाएगा'
मुजफ्फरनगर लोकसभा क्षेत्र के ठाकुर चौबीसी के गांव खेड़ा में मंगलवार को क्षत्रिय स्वाभिमान महापंचायत में भाजपा का पूर्ण बहिष्कार करने का एलान किया गया।
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मुजफ्फरनगर लोकसभा क्षेत्र के ठाकुर चौबीसी के गांव खेड़ा में मंगलवार को क्षत्रिय स्वाभिमान महापंचायत में भाजपा का पूर्ण बहिष्कार करने का एलान किया गया। सर्वसमाज के लोगाें ने सर्वसम्मति से कहा कि जो प्रत्याशी भाजपा को हराएगा, हमारा वोट उसे जाएगा।
खेड़ा के इंटर कॉलेज में हुई राजपूत समाज की महापंचायत में किसान मजदूर संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष ठाकुर पूरन सिंह ने कहा कि राजपूतों ने जंग छेड़ दी है। आज 36 बिरादरियों ने भाजपा की दमनकारी नीतियों के खिलाफ क्रांति का आगाज किया है।
याद दिलाया कि इसी खेड़ा राजपूत सभा की पंचायत से 2014 में भाजपा की सरकार आई थी। अब यहीं की पंचायत सरकार को उखाड़ फेंकेगी। महापंचायत को संबोधित करते हुए भाकियू भानू गुुट के राष्ट्रीय अध्यक्ष ठाकुर भानू प्रताप सिंह ने भाजपा के खिलाफ एकजुट होने का आह्वान किया।
राजपूत करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रताप सिंह कालवी ने कहा कि भाजपा विरोधी आंधी पश्चिमी उत्तर प्रदेश से चलकर राजस्थान पहुंच चुुुकी है। राजपूत उत्थान सभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अजय सोम ने कहा कि भाजपा के लिए क्षत्रिय समाज दशकों से तन-मन-धन से समर्पित है परंतु भाजपा क्षत्रिय समाज के नेताओं और कार्यकर्ताओं को हाशिये पर पहुंचा रही है।
महापंचायत में मुजफ्फरनगर लोकसभा समेत हरियाणा और राजस्थान समेत कई राज्यों से लोग पहुंचे। हजारों लोगों की भीड़ में क्षत्रिय नेताओं ने भाजपा के विरोध में खूब बयानबाजी की। हालांकि इस दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की जय-जयकार भी की गई।
महापंचायत की अध्यक्षता सर्वसमाज के पांच लोगों ने की। इस दौरान महिपाल मकराना, दीपक सिंह, बुद्ध सिंह महाश्य, बंटी प्रधान, वीर प्रताप सिंह, अभिषेक सोम, मौलाना जल्फकार भनवाड़ा, उस्मान खान, चीनू सोम, मोंटी प्रधान, अजय सिंह, दिनेश भमौरी, महराज प्रधान आदि मौजूद रहे।
मुसलमानों ने भी साक्षी बनने का लिया संकल्प
करीब ग्यारह साल पहले मुजफ्फरनगर दंगे की आग में झुलस गया था। खेड़ा गांव के कॉलेज मैदान पर हुई महापंचायत के बाद सांप्रदायिक दंगों में घर जल गए और गांव छूट गए थे। पीढ़ियों से साथ रहने वाले लोग आपस में ही भिड़ गए।
तभी से ही सामाजिक तानाबाना टूट गया और ठाकुर और मुस्लिम समाज में खाई बन गई। एक बार फिर भाजपा के विरोध में हुई महापंचायत में क्षत्रियों और मुस्लिम समाज के लोगों ने भी रघुकुल रीत सदा चली आई, प्राण जाए पर वचन न जाई का साक्षी बनने का संकल्प लिया।