नलकूप चालक भर्ती परीक्षा में बड़ा फर्जीवाड़ा, सरगना 'स्कूल प्रिंसिपल' समेत पांच गिरफ्तार
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उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की ओर से शनिवार को आयोजित नलकूप चालक भर्ती परीक्षा के बाद ओएमआर शीट भरवाकर भर्ती कराने के नाम पर अभ्यर्थियों से मोटी रकम वसूलने वाले गिरोह के पांच लोगों को एसटीएफ मेरठ ने सदर बाजार से गिरफ्तार कर लिया।
मुख्य आरोपी मुजफ्फरनगर में एक स्कूल का प्रिंसिपल बिजनौर निवासी योगेश कुमार व उसके सहयोगी बिजनौर के ही अजय सिंह, सौरभ चौधरी व आनंद कुमार शामिल हैं। इनके अलावा मेरठ निवासी सॉल्वर प्रदीप को भी गिरफ्तार किया गया है। सभी को मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया गया है। एसटीएफ के एसएसपी अभिषेक सिंह ने बताया है कि मेरठ व आसपास के इलाके में नलकूप चालक भर्ती परीक्षा में अभ्यर्थियों से मोटी रकम लेकर परीक्षा के बाद ओएमआर शीट भरवाकर भर्ती कराने वाले गिरोह के सक्रिय होने की सूचना मिल रही थी। एसटीएफ मेरठ ने जानकारी जुटाने के बाद मेरठ में कैंट इलाके में सदर बाजार स्थित हनुमान मंदिर के पास से कार में आए चार लोगों को गिरफ्तार किया। इनके पास से ओएमआर शीट की 10 कार्बन कॉपी, 16 अभ्यर्थियों के प्रवेश पत्र, अन्य सामग्री बरामद होने पर जब सख्ती से पूछताछ की गई तो उन्होंने अभ्यर्थियों से रुपये लेकर भर्ती कराने की बात कबूल कर ली।
मुख्य आरोपी योगेश ने पूछताछ में बताया कि वह मुजफ्फरनगर में एक स्कूल में प्रधानाचार्य है। उसके स्कूल का इससे कोई लेनादेना नहीं है। वह और उसके साथी अलग से गैंग बनाकर कार्य करते हैं। योगेश ने बताया कि उसका गिरोह परीक्षा के बाद ओएमआर शीट भरवाकर भर्ती कराने के एवज में प्रत्येक अभ्यर्थी से पांच लाख रुपये लेता था। उसने स्वीकार किया कि बरामद हुए प्रवेश पत्र उन्हीं अभ्यर्थियों के हैं, जिनसे भर्ती कराने के नाम पर पैसा वसूला गया है।
दो अन्य साथी हैं फरार
एसटीएफ सीओ बृजेश सिंह के मुताबिक योगेश ने बताया कि वे सभी इस धंधे से कई वर्षों से जुड़े हुए हैं। हरियाणा का रहने वाला विवान व रुद्रपुर उत्तराखंड का रहने वाला यतिन उर्फ अन्नागैंग के मुख्य सदस्य हैं। गिरोह का काम विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में अधिक से अधिक अभ्यर्थियों को झांसा देकर उनसे रुपये वसूलना था। शनिवार को होने वाली परीक्षा के लिए भी उन लोगों ने अभ्यर्थियों से रुपये वसूले थे।
अभ्यर्थियों को दिए थे खास निर्देश
एसटीएफ के अनुसार, गिरोह ने अभ्यर्थियों को बताया था कि उनको परीक्षा की ओएमआर शीट में केवल उन प्रश्नों के उत्तर अंकित करने हैं जिनके सही जवाब उन्हें मालूम हों। बाकी के प्रश्नों को खाली छोड़ने की हिदायत दी गई थी। इन अभ्यर्थियों से परीक्षा की ओएमआर शीट की कार्बन कॉपी लेकर विवान व यतिन उर्फ अन्ना को भेजनी थी।
एक लाख रुपये लेकर अभ्यर्थी की जगह दे रहा था परीक्षा
सदर बाजार स्थित एसडी इंटर कॉलेज में सॉल्वर गैंग के एक सदस्य प्रदीप निवासी कैली खरखौदा मेरठ को भी गिरफ्तार किया है। आरोपी प्रदीप अभ्यर्थी हैदर की जगह पर परीक्षा देते पकड़ा गया है। एसटीएफ ने बताया कि आरोपी प्रदीप ने पूछताछ में स्वीकार किया कि उसने हैदर अली से एक लाख रुपये लेकर उसके स्थान पर परीक्षा देने का सौदा किया था। एसटीएफ ने एसडी इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य को सूचना देकर प्रदीप को धरा है।
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