Meerut: करोड़ों की प्राॅपर्टी चाहिए थी, मां को अस्पताल नहीं पहले रजिस्ट्री कार्यालय लेकर पहुंचा बेटा, हंगामा
कहते हैं कि यदि बच्चों को कुछ हो जाए तो मां किसी भी हद तक गुजर जाती है लेकिन संतान के लिए माता-पिता की जान नहीं बल्कि उनकी दाैलत ही सबकुछ होती है। ऐसा ही एक वाकया मेरठ में सामने आया।
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मेरठ में प्रॉपर्टी विवाद को लेकर दो सगे भाइयों में रजिस्ट्री कार्यालय में मारपीट हो गई। इस दाैरान एक ऐसा मामला सामने आया जिसने हर किसी को सोचने पर मजबूर कर दिया। दरअसल यहां एक युवक अपनी बीमार मां को अस्पताल ले जाने के बजाय पहले रजिस्ट्री कार्यालय लेकर पहुंचा, क्योंकि उसे करोड़ों का मकान अपने नाम कराना था।
हंगामा होने पर रुक गई रजिस्ट्री
रजिस्ट्री कार्यालय पर एक युवक अपनी मां को एंबुलेंस में लेकर पहुंचा। दूसरे भाई भी पीछे से पहुंच गया और यहां पहुंचकर हंगामा कर दिया। वहीं हंगामा होने पर रजिस्ट्री रुक गई। पुलिस ने माैके पर पहुंचकर बुजुर्ग महिला को अस्पताल में भर्ती कराया।
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280 गज का प्लाॅट कराना था नाम
ब्रह्मपुरी के इंदिरा नगर निवासी चंद्रप्रभा(74) के दो बेटे संजीव और राजीव हैं। चंद्रप्रभा ने 280 गज का प्लाट राजीव के बेटे यानी पोते के नाम कर दिया था। अब संजीव अपनी मां चंद्रप्रभा के नाम प्लाॅट को अपने नाम करने चाहता था जिसके लिए वह अपनी बीमार मां को लेकर अस्पताल ले जाने से पहले रजिस्ट्री कार्यालय लेकर पहुंच गया।
इसकी जानकारी लगने पर चंद्रप्रभा का दूसरा बेटा राजीव भी अपनी पत्नी के साथ वहां पहुंच गया। दोनों भाइयों में हंगामा हो गया। मारपीट हो गई पुलिस मौके पहुंची महिला को एंबुलेंस से अस्पताल भर्ती कराया गया।