योगी के मंत्रिमंडल विस्तार में मेरठ को झटका, इसलिए हुआ नुकसान, पड़ोसी जिलों को मिला तोहफा
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उत्तर प्रदेश सरकार का मंत्रिमंडल विस्तार बुधवार को हो गया। मंत्रिमंडल में कुछ नये चेहरे शामिल किये गए, तो कुछ का कद बढ़ाया गया है। पश्चिमी क्षेत्र से पांच नये चेहरे मंत्रिमंडल में शामिल हुए हैं, तो दो स्वतंत्र प्रभार वाले मंत्रियों को कैबिनेट मंत्री बनाया गया है।
वहीं मेरठ को अंतिम समय में तगड़ा झटका लगा, मंगलवार देर शाम तक हस्तिनापुर विधायक दिनेश खटीक मंत्रिमंडल में शामिल होने वालों की सूची में थे। समन्वय बैठक में हुए मंथन के बाद खटीक पर पूर्वांचल के एमएलसी विद्यासागर सोनकर को वरीयता दे दी गई।
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अमर उजाला ने दो दिन पहले खबर प्रकाशित किया था कि मेरठ को उपेक्षित रखा जायेगा, वह अनुमान सही साबित हुआ। मेरठ जनपद से भाजपा के छह विधायक हैं, लेकिन किसी को भी मंत्रिमंडल में शामिल नहीं किया गया।
हस्तिनापुर विधायक दिनेश खटीक को लेकर जरूर मंथन हुआ। उसके पीछे उनके अनुसूचित जाति से होने के साथ ही संघ परिवार से जुड़ा होना माना जा रहा था। मंगलवार शाम संघ और भाजपा नेताओं की समन्वय बैठक हुई तो उसमें पूर्व सांसद विद्यासागर सोनकर को वरीयता देने की बात कही गई।
वहीं मंत्रिमंडल में पश्चिमी क्षेत्र में मुजफ्फरनगर शहर विधायक कपिल अग्रवाल को राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार के रूप में शामिल किया गया। कपिल देव को लोकसभा चुनाव में रालोद अध्यक्ष चौ. अजित सिंह के मुकाबले डा. संजीव बालियान की जीत में अहम भूमिका निभाने का तोहफा दिया गया है।
उनकी दावेदारी मंत्री राजेश अग्रवाल के इस्तीफे के बाद ज्यादा मजबूत हुई। इनके अलावा पश्चिमी क्षेत्र में अति पिछड़ों को साधने के लिए चरथावल विधायक विजय कश्यप भी राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार के साथ मंत्रिमंडल में शामिल हुए हैं।
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आपसी खींचतान से नुकसान
आपसी खींचतान और जातीय समीकरण ने मेरठ को उपेक्षित कर दिया। भाजपा सरकार में मेरठ से सिर्फ डा. लक्ष्मीकांत वाजपेयी और पूर्व एमएलसी रामचंद्र वाल्मीकि ही अकेले ऐसे नेता रहे हैं, जो मंत्री बने हैं।
सिवालखास विधायक जितेंद्र सतवाई और किठौर विधायक सत्यवीर त्यागी रालोद छोड़कर भाजपा में आए थे। लेकिन लोकसभा चुनाव में दोनों ही बेहतर परिणाम नहीं दिला सके। जबकि कैंट विधायक सत्यप्रकाश अग्रवाल लगातार चार बार विधायक रहने के बावजूद अधिक आयु के कारण मंत्रिमंडल में शामिल नहीं हो पाए।
विधायक डा. सोमेंद्र तोमर लोस चुनाव में दक्षिण सीट पर सांसद राजेंद्र अग्रवाल को बढ़त नहीं दिला सके, तो उनका सांसद राजेंद्र अग्रवाल और एमएलसी अशोक कटारिया से छत्तीस का आंकड़ा भी भारी पड़ा। सरधना विधायक ठा. संगीत सोम को राज्यमंत्री बनाने की बात कही जा रही थी, लेकिन सूत्रों का कहना है कि उन्होंने कैबिनेट से कम पर मंत्रिमंडल में आने से इंकार कर दिया।