Meerut: सेंट्रल मार्केट मामले में दबाव बढ़ा, ध्वस्तीकरण के आदेश से सहमे व्यापारी, काले बैनरों से जताया विरोध
मेरठ के सेंट्रल मार्केट में ध्वस्तीकरण के आदेशों से व्यापारियों में तनाव बढ़ गया है। विरोध में व्यापारियों ने बाजार में काले बैनर लगा दिए हैं और व्यापार व परिवार बचाने की गुहार लगा रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट के ताज़ा आदेशों के बाद बाजार में मलबा उठाने का काम भी शुरू हो गया है।
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मेरठ के शास्त्रीनगर के सेंट्रल मार्केट में ध्वस्तीकरण के आदेश से व्यापारियों में बेचैनी है। लगातार व्यापारी आवास एवं विकास परिषद के अधिकारियों के साथ ही जनप्रतिनिधियों से मिलकर गुहार लगा रहे हैं। बाजार स्ट्रीट के लिए भी व्यापारियों को शमन शुल्क जमा कराना होगा। इसके लिए आठ से 110 फीट तक प्रतिष्ठान ध्वस्त करने होंगे, तभी बात बनेगी।
रविवार को व्यापारियों ने सेंट्रल मार्केट में काले बैनर लगा दिए। व्यापार बचाओ संघर्ष समिति की ओर से एक लाख परिवारों की रोजी-रोटी पर संकट का हवाला देकर व्यापार व परिवार बचाने की मांग की गई।
अब हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने आवासीय भवनों में चल रही व्यावसायिक गतिविधियों के तहत सभी अवैध निर्माणों को ध्वस्त करने के आदेश दिए हैं। इससे व्यापारियों में बेचैनी है। वे लगातार अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों से वार्ता कर राहत तलाश रहे हैं।
कमिश्नर व जनप्रतिनिधियों के खिलाफ दाखिल है अवमानना याचिका
इस मामले में आरटीआई कार्यकर्ता व सच संस्था के अध्यक्ष डॉ. संदीप पहल ने तत्कालीन कमिश्नर और जनप्रतिनिधियों के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में हाल ही में अवमानना याचिका दाखिल की है।
डॉ. संदीप का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर 661/6 का 26 अक्तूबर से दो दिन तक ध्वस्तीकरण किया गया। आवासीय भवनों में हो रही व्यावसायिक गतिविधियों के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट ने ध्वस्तीकरण का आदेश दिया है।
इस मामले में 27 अक्तूबर को तत्कालीन कमिश्नर हृषिकेश भास्कर यशोद ने कैंट विधायक अमित अग्रवाल, महापौर हरिकांत अहलूवालिया, जिलाध्यक्ष विवेक रस्तोगी, नगर आयुक्त सौरभ गंगवार, अपर नगर आयुक्त लवी त्रिपाठी व अमित कुमार सिंह, आवास विकास के अधीक्षण अभियंता राजीव कुमार, अधिशासी अभियंता आफताब के साथ बैठक कर शेष दुकानों को नहीं तोड़े जाने का आदेश दिया था। यह सुप्रीम कोर्ट के आदेश की अवमानना है। पहल ने बताया कि इस मामले में तत्कालीन कमिश्नर के साथ ही बैठक में मौजूद जनप्रतिनिधियों को वादी बनाते हुए याचिका दाखिल कर दी गई है।