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Meerut: व्हॉट्सएप हैक कर पेपर मिल के खाते से उड़ाए 1.80 करोड़ रुपये, फर्जी मैसेज से ऐसे की साइबर ठगी
Wed, 22 Jul 2026 10:30 PM IST
Mohd Mustakim
अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ
अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ
Published by: Mohd Mustakim
Updated Wed, 22 Jul 2026 10:30 PM IST
सार
मेरठ के गंगानगर निवासी प्रज्जवल अग्रवाल की हरिद्वार जनपद के नारसन कलां में गंगोत्री पेपर मिल्स प्राइवेट लिमिटेड के नाम से कंपनी है। इसी कंपनी को साइबर ठगों ने शातिराना अंदाज में चूना लगाया। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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- फोटो : Adobe Stock
विस्तार
साइबर अपराधियों ने व्हाट्सएप हैक कर उत्तराखंड में स्थित गंगोत्री पेपर मिल कंपनी को 1.80 करोड़ रुपये का चूना लगा दिया। ठगों ने पहले कंपनी के अधिकृत खाता संचालक का मोबाइल एपीके फाइल भेजकर हैक किया। साइबर अपराधियों ने कंपनी के शेयरधारक के नाम से फर्जी व्हाट्सएप खाता बनाकर भुगतान के निर्देश भेज दिए। निर्देशों को सही समझकर कंपनी की ओर से अलग-अलग खातों में करोड़ों रुपये स्थानांतरित कर दिए गए। धोखाधड़ी की जानकारी होने पर कंपनी के निदेशक प्रज्जवल अग्रवाल ने साइबर अपराध थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई। साइबर टीम प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच में लग गई है।
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मेरठ के गंगानगर थाना क्षेत्र के डिफेंस एन्क्लेव निवासी प्रज्जवल अग्रवाल ने बताया कि उनकी उत्तराखंड के हरिद्वार जनपद के नारसन कलां में गंगोत्री पेपर मिल्स प्राइवेट लिमिटेड के नाम से कंपनी है। कंपनी का बैंक खाता पंजाब नेशनल बैंक की नई मंडी मुजफ्फरनगर शाखा में संचालित है। इस खाते का संचालन संदीप गोयल करते हैं।
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बताया कि 17 जुलाई को साइबर ठगों ने व्हाट्सएप पर एपीके फाइल भेजकर उनका मोबाइल हैक कर लिया। इसके बाद ठगों ने कंपनी के शेयरधारक नीरज अग्रवाल के नाम और फोटो का इस्तेमाल कर फर्जी व्हाट्सएप खाता बना लिया। आरोपी लगातार खाता संचालक को उसी खाते से भुगतान संबंधी निर्देश भेजते रहे। कंपनी में पहले से व्हाट्सएप के माध्यम से भुगतान संबंधी निर्देश दिए जाने की प्रक्रिया होने के कारण पीड़ित को किसी तरह का संदेह नहीं हुआ।
पीड़ित ने बताए गए बैंक खातों में रकम स्थानांतरित कर दी। आरोप है कि 17 जुलाई को आईसीआईसीआई बैंक पटना स्थित एक खाते में पहले एक हजार रुपये भेजे गए। इसके कुछ मिनट बाद उसी खाते में आरटीजीएस के माध्यम से 99.99 लाख रुपये स्थानांतरित कर दिए गए। इसके बाद 20 जुलाई को बैंक ऑफ इंडिया की हैदराबाद शाखा स्थित एक अन्य खाते में पहले एक हजार रुपये और फिर 79.99 लाख रुपये भेज दिए गए। साइबर ठगों ने कुल 1.80 करोड़ रुपये कंपनी के खाते से निकलवा लिए।
जानकारी होने पर कराई प्राथमिकी दर्ज
कंपनी के निदेशक को 21 जुलाई को धोखाधड़ी की जानकारी हुई। धोखाधड़ी का पता चलते ही उन्होंने राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई। साइबर थाने में दो शिकायतें दर्ज कराते हुए बैंक विवरण और लेनदेन से जुड़े दस्तावेज भी सौंपे गए हैं। निदेशक ने आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के साथ ही धनराशि वापस दिलाने की मांग की है।
कंपनी के निदेशक को 21 जुलाई को धोखाधड़ी की जानकारी हुई। धोखाधड़ी का पता चलते ही उन्होंने राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई। साइबर थाने में दो शिकायतें दर्ज कराते हुए बैंक विवरण और लेनदेन से जुड़े दस्तावेज भी सौंपे गए हैं। निदेशक ने आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के साथ ही धनराशि वापस दिलाने की मांग की है।
ये बोले एसपी
एसपी अपराध अवनीश कुमार का कहना है कि जिन बैंक खातों में रकम भेजी गई है, उनका पता लगाया जा रहा है। संबंधित बैंकों से जानकारी मांगी गई है और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर साइबर गिरोह की पहचान कर जल्द गिरफ्तारी का प्रयास किया जा रहा है।
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एसपी अपराध अवनीश कुमार का कहना है कि जिन बैंक खातों में रकम भेजी गई है, उनका पता लगाया जा रहा है। संबंधित बैंकों से जानकारी मांगी गई है और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर साइबर गिरोह की पहचान कर जल्द गिरफ्तारी का प्रयास किया जा रहा है।
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