सीसीएसयू के दीक्षांत समारोह में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने युवाओं के बीच बढ़ते नशे पर चिंता जताते हुए कहा कि वह विभिन्न विश्वविद्यालयों के छात्रावासों में ड्रग्स सप्लाई से जुड़ी तस्वीरें कुलपतियों को दिखा चुकी हैं। शिक्षण संस्थानों का माहौल नशामुक्त होना चाहिए और विद्यार्थियों का चरित्र निर्माण शिक्षा का सबसे बड़ा उद्देश्य है।
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दीक्षांत समारोह में छात्राएं।
- फोटो : अमर उजाला
राज्यपाल ने कहा कि शिक्षा केवल डिग्री हासिल करने का माध्यम नहीं, बल्कि अच्छे चरित्र, नैतिक मूल्यों और सामाजिक उत्तरदायित्व का निर्माण करने का साधन है। उन्होंने भारत के पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन का उल्लेख करते हुए कहा कि शिक्षा का वास्तविक लक्ष्य ऐसे नागरिक तैयार करना है, जो राष्ट्र और मानवता की सेवा के लिए समर्पित हों।
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मेडल के साथ छात्राएं।
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उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि डिग्री से भी अधिक महत्वपूर्ण उनका चरित्र है। व्यक्ति की पहचान उसके संस्कार, व्यवहार और नैतिक मूल्यों से होती है। जीवन में सफलता केवल अंकों और उपलब्धियों से नहीं, बल्कि अच्छे चरित्र और स्वस्थ जीवनशैली से तय होती है।
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दीक्षांत समारोह।
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आनंदीबेन पटेल ने युवाओं से नशे से दूर रहने की अपील करते हुए कहा कि नशा किसी भी समस्या का समाधान नहीं है। यह धीरे-धीरे व्यक्ति की प्रतिभा, स्वास्थ्य, सपनों और परिवार की उम्मीदों को खत्म कर देता है। जिस दिन कोई युवा नशे की गिरफ्त में आता है, उसी दिन उसके माता-पिता के वर्षों के परिश्रम और राष्ट्र की अपेक्षाओं को भी गहरा आघात पहुंचता है। देश का भविष्य युवाशक्ति पर निर्भर करता है, इसलिए युवाओं का स्वस्थ, जागरूक और जिम्मेदार होना जरूरी है।
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दीक्षांत समारोह।
- फोटो : अमर उजाला
समान अवसर मिलें तो बेटियां रचती हैं नए कीर्तिमान : आनंदीबेन पटेल
चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के 38वें दीक्षांत समारोह में राज्यपाल एवं कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने कहा कि बेटियों को यदि समान अवसर और बेहतर वातावरण मिले तो वे शिक्षा, अनुसंधान, नवाचार सहित हर क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित कर सकती हैं। छात्राओं की सफलता इस बात का प्रमाण भी है।
राज्यपाल ने कहा कि जिन महापुरुषों ने अपना संपूर्ण जीवन समाज और राष्ट्र की सेवा के लिए समर्पित किया, उनके नाम पर विश्वविद्यालयों का नामकरण इसलिए किया जाता है ताकि नई पीढ़ी उनके आदर्शों से प्रेरणा लेकर राष्ट्र निर्माण में योगदान दे सके।