Meerut: स्वाधीनता और शिक्षा में रासना कॉलेज का उत्कृष्ट योगदान, सुनहरे भविष्य को संजोने में निभाई भूमिका
श्री शालिगराम शर्मा स्मारक इंटर कॉलेज की स्थापना के 75 साल पूरे हो चुके हैं। इस काॅलेज ने समाज को शिक्षित करने से लेकर उनके सुनहरे भविष्य को संजोने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
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देश की आजादी में सत्याग्रह से लेकर भारत छोड़ो आंदोलन की क्रांति में अहम भूमिका निभाने वाली इस पावन धरती पर बने रासना इंटर कॉलेज ने अपनी उत्कृष्टता के 75 वर्ष पूरे कर लिए हैं। गांधी आश्रम की भूमि पर बने श्री शालिगराम शर्मा स्मारक इंटर कॉलेज रासना ने समाज के उत्थान के लिए शिक्षा की अलख जगाई है।
एक समय में मेरठ से लेकर बड़ौत के बीच कोई शिक्षण संस्था नहीं थी। मुजफ्फरनगर के कस्बा चरथावल निवासी समाजसेवी शिक्षक शालिगराम शर्मा ने रासना की क्रांति भूमि पर शिक्षा की क्रांति का बिगुल फूंका। ग्रामीणों की मदद से 1948 में श्री शालिगराम शर्मा स्मारक परिन्यास परिषद ट्रस्ट की स्थापना की।
शिक्षा की क्रांति में अहम भूमिका निभाने के लिए रासना निवासी नंबरदार न्यादर सिंह ने डेढ़ सौ बीघा जमीन और 55 हजार रुपये देकर शिक्षा की जागृति को बढ़ाने में प्रोत्साहन दिया। इसके श्री शालिगराम शर्मा स्मारक इंटर कॉलेज रासना की स्थापना हुई। इस जमीन पर 1939 में गांधी आश्रम था और यह स्वतंत्रता आंदोलन के सेनानियों की कर्म भूमि थी।
देश की आजादी के लिए महान क्रांतिकारी पंडित जवाहर लाल नेहरू, लाल बहादुर शास्त्री, शहीद-ए-आजम चंद्र शेखर आजाद ने इस स्थली पर पधारकर पवित्र किया था। रासना इंटर कॉलेज की स्थापना में विश्वेश्वर दान त्यागी का योगदान रहा। वह उस समय केंद्र सरकार में सहायता एवं पुनर्वास मंत्री थे, जबकि देहरादून में सत्र न्यायाधीश रहे चुड़ियाला सहारनपुर निवासी झंडू दत्त शर्मा और न्यादर सिंह व समाज का सहयोग रहा है।
श्री शालिगराम शर्मा स्मारक इंटर कॉलेज रासना में स्थापना से अब तक 20,648 विद्यार्थियों को शिक्षा दी है। इंटर कॉलेज शिक्षा में उत्कृष्ट योगदान देते हुए स्थापना के 75 वर्ष पूरे कर हीरक जयंती मना रहा है। संस्थापक पेशे से शिक्षक व स्वभाव से समाज सेवक थे।
अपने जीवन के उस दौर में निस्वार्थ बालिकाओं की शिक्षा प्रसार का कार्य किया। कॉलेज के संचालन का दायित्व न्यादर सिंह त्यागी को दिया गया। स्थापना 1948 में माध्यमिक शिक्षा परिषद उत्तर प्रदेश से मान्यता प्राप्त करके की गई।
पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह भी विद्यालय की प्रबंध समिति के अध्यक्ष रहे। उन्हीं के कर कमलों द्वारा श्री शालिगराम शर्मा स्मारक डिग्री काॅलेज का शिलान्यास किया गया। कॉलेज को विज्ञान, कला, कृषि वर्ग तथा ट्रेड विषय में मान्यता प्राप्त है। श्री शालिगराम शर्मा परिन्यास परिषद ट्रस्ट रासना ने शिक्षा प्रसार एवं समाज सेवा करते हुए तीन शिक्षण संस्थाएं इंटर काॅलेज, स्नातकोत्तर महाविद्यालय, बालिका जूनियर हाई स्कूल कर रासना में स्थापना की।
कॉलेज ने दिए देश सेवा के लिए उच्चाधिकारीइस शिक्षण संस्थान ने देश को प्रशासनिक सेवा से लेकर तकनीकी, सैन्य सहित बेहतरीन अधिकारी देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। प्रबंध समिति के मंत्री प्रदीप त्यागी ने बताया कि कॉलेज से शिक्षा ग्रहण करने वाले हरिप्रसाद सिंह निवासी रासना सेल टैक्स कमिश्नर, दुर्जनपुर निवासी दिनेश त्यागी आईएएस, मोहित शर्मा कैप्टन रासना, मोहित कुमार रक्षा मंत्रालय में वरिष्ठ अधिकारी, अलियास खान एमटीएनएल चीफ इंजीनियर, महावीर सिंह, चंदकिरण आदि उच्च पदों पर पहुंचे। इनके अलावा यहां से शिक्षा ग्रहण करने वाले छात्र सरकारी और निजी कंपनियों में अधिकारी श्रेणी में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।