यूपी: 250 रुपए की डिवाइस से करोड़ों की बिजली चोरी, एडीजी ने किया भंडाफोड़, 2 गिरफ्तार
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उत्तर प्रदेश की मेरठ पुलिस ने बिजली चोरी करने वाले एक ऐसे शातिर गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो एक डिवाइस के जरिए करोड़ों की बिजली चोरी करते थे।
हो सकता है कि बिजली चोर कहीं आपके घर की बिजली चोरी न कर रहे हों और आपको शायद अंदाजा भी न हो। मेरठ पुलिस की क्राइम ब्रांच व थाना सदर बाजार पुलिस ने मिलकर एक ऐसे ही गिरोह का पर्दाफाश किया है जो एक इलेक्ट्रिक डिवाइस के जरिए बिजली की चोरी करते थे।
रिमोट कंट्रोल से बिजली चोरी करने के शातिर गिरोह का भंडाफोड़ कर पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से पुलिस ने भारी संख्या में रिमोट कंट्रोल डिवाइस बरामद की हैं। पुलिस के मुताबिक, ये शातिर पिछले एक साल से बिजली चोरी का काला कारोबार चला रहे थे।
ऐसे होती थी डिवाइस से चोरी
जानकारी के अनुसार यह गिरोह बिजली चोरी करने के रिमोट बड़े स्तर पर घरों में लगा रहे थे। ये इलेक्ट्रिक डिवाइस दिल्ली से खरीदकर मेरठ लाई जा रही थीं। एक डिवाइस की कीमत 250 रुपए बताई गई है, जबकि इसे 2,000 रूपये में बेचा जाता था तथा इतनी ही कीमत में इस डिवाइस को लोगों के घरों में लगा दिया जाता था। जिसके बाद रिमोट के जरिए बिजली की चोरी की जा रही थी।
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लखनऊ में अधिकारियों को जब इसकी शिकायत मिली तो उन्होंने कार्रवाई के सख्त आदेश दिए। इसके बाद एडीजी प्रशांत कुमार ने बड़ी कार्रवाई की। और इस गिरोह को धर दबोचा। इस दौरान एसएसपी राजेश कुमार पांडेय, एएसपी सतपाल सिंह, सीओ अखिलेश भदौरिया और क्राइम ब्रांच टीम मौजूद रही।
पुलिस के अनुसार यह अपराधी बिजली विभाग को तकरीबन 20 से 30 करोड़ की सालाना चपत लगा रहे थे। वहीं बिजली चोरी के मामले में बिजली विभाग के कर्मचारियों की भूमिका बताई गई है। क्योंकि पकड़ा गया साजिद पहले बिजली विभाग में संविदा कर्मचारी था। विभागीय अधिकारियों को भी जानकारी थी कि रिमोट के बिजली चोरी कराई जा रही थी।
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