MBBS प्रकरण: यूनिवर्सिटी से ऐसे बदली गई 800 उत्तर पुस्तिकाएं, सामने आया असली सच
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एमबीबीएस की उत्तर पुस्तिकाएं बदलने के मामले में एक बड़ा खुलासा हुआ है। जानिए, कैसे यूनिवर्सिटी से 800 उत्तर पुस्तिकाएं लाकर बेच दी गई।
एमबीबीएस की उत्तर पुस्तिकाएं बदलने के मामले में जांच कर रही एसआईटी (स्पेशल इंवेस्टीगेशन टीम) के वहां तक पहुंचना माना जा रहा है, जहां से यह खेल शुरू हुआ। जांच में यह सनसनीखेज खुलासा हुआ है कि करीब 800 उत्तर पुस्तिकाएं चौधरी चरण सिंह यूनिवर्सिटी से लाकर बेच दी गईं। सीसीएसयू ने यह कापियां बीआईटी कॉलेज के असिस्टेंट प्रोफेसर को देना बताया है, जबकि यह प्रोफेसर पांच माह पूर्व कॉलेज से इस्तीफा देकर जा चुका है। बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि यूनिवर्सिटी ने बिना जांच के उत्तर पुस्तिकाएं कैसे दे दीं। एसआईटी ने यूनिवर्सिटी व कॉलेज से इसका जवाब मांग लिया है, जिसको लेकर खलबली मच गई है। एसआईटी ने यह भी दावा किया है कि प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि एमबीबीएस उत्तर पुस्तिकाओं के बदलने का खेल यहां से शुरू हुआ।
एसआईटी के प्रभारी संजीव देशवाल का कहना कि एमबीबीएस की उत्तर पुस्तिकाएं बदलने वाले मुख्य आरोपी कविराज से दो उत्तर पुस्तिकाएं बरामद हुई थीं। प्रथम पेज पर कोड के आधार पर कॉपियां कहां गईं, इसकी जानकारी जुटाने के लिए एसआईटी यूनिवर्सिटी पहुंची। जहां से पता चला कि इन कोड नंबर की 800 कॉपियां परतापुर स्थित बीआईटी कॉलेज भेजी गई थीं। हमारी टीम जब बीआईटी पहुंची, तो वहां यह कॉपियां पहुंचना नहीं बताया गया।
रजनीश पवार के मिले हस्ताक्षर
इन 800 कापियों को रजनीश पंवार द्वारा 26 मई 2017 को यूनिवर्सिटी से लाना बताया गया। जोकि बीआईटी में बीसीए विभाग में असिस्टेंट प्रोफेसर थे। विवि में रजनीश पवार के हस्ताक्षर मिले हैं। बीआईटी कॉलेज प्रशासन का कहना है कि रजनीश 9 जनवरी 2017 को इस्तीफा देकर जा चुके हैं। अब सवाल है कि जब रजनीश पांच महीने पहले इस्तीफा दे चुके हैं तो यूनिवर्सिटी से उत्तर पुस्तिकाएं लेने कौन पहुंचा।
कैसे मिलतीं उत्तर पुस्तिकाएं
यूनिवर्सिटी से करीब 800 कॉलेज जुड़े होने के बताए गए। नियमानुसार उत्तर पुस्तिकाएं यूनिवर्सिटी से लाने के लिए कॉलेज का कोड और जिम्मेदार पदाधिकारी ही जाता है। उत्तर पुस्तिकाएं लाने वाले के हस्ताक्षर, कॉलेज की गाड़ी का नंबर भी यूनिवर्सिटी में लिखा जाता है। इसके बावजूद भी खेल हो गया। रजनीश के हस्ताक्षर करके यूनिवर्सिटी से 800 कॉपी कौन ले गया।
परत दर परत खुलने लगीं
एसआईटी की जांच में उत्तर पुस्तिकाएं बदलने की सेटिंग का खेल परत दर परत खुलने लगा है। पुलिस के पास फुटेज भी है। जिसमें परीक्षा सेंटरों में रखी उत्तर पुस्तिकाओं से छेड़खानी हुई है। गायब 800 कॉपियों के अलावा भी उत्तर पुस्तिकाओं के बंडलों से कॉपी गायब होने की बात सामने आ रही है। पुलिस का मानना कि उत्तर पुस्तिकाएं बदलने का नेटवर्क बड़ा है। जिसमें कॉलेज के कर्मचारी और प्रोफेसर तक जुड़े हैं।
यह था मामला
एसटीएफ मेरठ ने 17 मार्च 2018 को एमबीबीएस की उत्तर पुस्तिकाएं बदलने वालों का पर्दाफाश किया था। एसटीएफ ने कविराज निवासी शाहपुर बिजनौर हाल पता जागृति विहार मेडिकल, कपिल कुमार निवासी गौतमनगर ब्रह्मपुरी, संदीप कुमार निवासी मुर्गीफार्म भावनपुर और पवन कुमार निवासी डी-18 यूनिवर्सिटी कैंपस को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। जांच में सीसी सिंह निवासी मेडिकल, सलेखचंद निवासी सीसीएसयू कैंपस और संदीप निवासी अंबाला हरियाणा का नाम खुला था। जिनको बाद में गिरफ्तार किया गया। हरियाणा के एक डॉक्टर की बेटी भी गिरोह से जुड़ी थी, जोकि मुजफ्फरनगर के एक कॉलेज से एमबीबीएस की छात्रा है।
हमने जवाब मांगा है
800 कॉपियां गायब मिली हैं, जिसका रिकॉर्ड यूनिवर्सिटी में तो है। लेकिन बीआईटी प्रशासन से यह कॉपियां आने से इंकार किया है। ये कॉपियां कहां गईं, इसकी जांच चल रही है। -संजीव देशवाल, एसआईटी प्रभारी/सीओ कार्यालय
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